{"_id":"641761cb8e971cc7f000ece4","slug":"light-rain-across-the-district-bhiwani-news-c-21-1-84140-2023-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: जिलेभर में हुई हल्की बूंदाबांदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: जिलेभर में हुई हल्की बूंदाबांदी
Mon, 20 Mar 2023 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 20 Mar 2023 12:56 AM IST
विज्ञापन
भिवानी। शहर में ठंडी हवाओं की वजह से रविवार को मौसम सुहाना रहा तो वहीं ग्रामीण क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी ने किसानों की मुश्किलों को भी बढ़ा दिया है। रविवार को शहर में ठंडी-ठंडी हवाएं तो ग्रामीण क्षेत्र में कैरू, जूई, लालावास, पोहकरवास, ढिगावा मंडी में बूंदाबादी हुई। रविवार को एक्यूआई 126 से बढ़कर 142 दर्ज हुआ। जबकि अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री से बढ़कर 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री ही रहा।
तेज हवाओं की वजह से गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे गेहूं का दाना का पूरी तरह से पकाव नहीं हो पाएगा और गेहूं की पैदावार काफी कम होगी। गेहूं की फसल में बाली आ चुकी है और हवा के साथ बारिश होने से फसल गिर गई है। रविवार दिनभर रुक-रुक कर जिले में बारिश होती रही है।
अधिकारी बोले
हल्की बारिश की वजह से फसलों में नुकसान की आशंका कम है। अगर बारिश अधिक होती है तो सरसों और गेहूं की फसल में नुकसान हो सकता है। इस समय बारिश के साथ हवा चलने से गेहूं की फसल पर असर आएगा, परंतु इससे बचाव के लिए किसान फसलों की सिंचाई न करें। कटी फसल को ऊंचे स्थान पर रखकर तिरपाल या पॉलिथीन से ढक दें।
विज्ञापन
- डॉ. आत्माराम गोदारा, कृषि उप निदेशक।
विज्ञापन
तेज हवाओं की वजह से गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे गेहूं का दाना का पूरी तरह से पकाव नहीं हो पाएगा और गेहूं की पैदावार काफी कम होगी। गेहूं की फसल में बाली आ चुकी है और हवा के साथ बारिश होने से फसल गिर गई है। रविवार दिनभर रुक-रुक कर जिले में बारिश होती रही है।
विज्ञापन
अधिकारी बोले
हल्की बारिश की वजह से फसलों में नुकसान की आशंका कम है। अगर बारिश अधिक होती है तो सरसों और गेहूं की फसल में नुकसान हो सकता है। इस समय बारिश के साथ हवा चलने से गेहूं की फसल पर असर आएगा, परंतु इससे बचाव के लिए किसान फसलों की सिंचाई न करें। कटी फसल को ऊंचे स्थान पर रखकर तिरपाल या पॉलिथीन से ढक दें।
विज्ञापन
- डॉ. आत्माराम गोदारा, कृषि उप निदेशक।