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Bhiwani News: बड़ेसरा प्रकरण में तीन हत्यारों को उम्रकैद, दो को 13-13 साल की सजा
Thu, 05 Dec 2024 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 05 Dec 2024 10:38 PM IST
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भिवानी। बड़ेसरा के सूबे सिंह की हत्या के मामले में तीन हत्यारों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्याकांड में मुख्य अभियुक्त पूर्व सरपंच आनंद उर्फ बबलू को तीसरी बार उम्रकैद की सजा हुई है। दो दोषियों को 13-13 साल की सजा सुनाई है।
वर्ष 2017 में गांव बड़ेसरा की महिला सरपंच सुदेश कुमारी की दसवीं की शैक्षणिक योग्यता पर आरटीआई लगाए जाने से खूनी रंजिश की शुरुआत हुई थी। इस गांव में अब तक छह लोगों की हत्या हो चुकी है। वीरवार को अतिरिक्त सेशन जज डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने वर्ष 2020 में बड़ेसरा निवासी सूबे सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में मुख्य अभियुक्त पूर्व सरपंच आनंद उर्फ बबलू, सूरज उर्फ श्रवण और वीरेंद्र उर्फ बॉक्सर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियुक्तों पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इसके अलावा अदालत ने सुमित और मनदीप को 13-13 साल की सजा सुनाई है। दोनों अभियुक्तों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
यह था मामला
गांव बड़ेसरा निवासी मोहित ने बवानीखेड़ा पुलिस थाना में जुलाई 2020 में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि 15 जुलाई 2020 की सुबह के समय उसके दादा सूबे सिंह उनकी बैठक के बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान वह अपने दादा को चाय देने के लिए गया था। इसी दौरान आनंद अपने अन्य साथियों के साथ उनकी बैठक के आगे आकर बैठक के बाहर बैठे उनके दादा सूबे सिंह की गोलियां मारकर हत्या करके फरार हो गया था। बवानीखेड़ा पुलिस ने इस संबंध में हत्या की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
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वर्ष 2017 में गांव बड़ेसरा की महिला सरपंच सुदेश कुमारी की दसवीं की शैक्षणिक योग्यता पर आरटीआई लगाए जाने से खूनी रंजिश की शुरुआत हुई थी। इस गांव में अब तक छह लोगों की हत्या हो चुकी है। वीरवार को अतिरिक्त सेशन जज डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने वर्ष 2020 में बड़ेसरा निवासी सूबे सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में मुख्य अभियुक्त पूर्व सरपंच आनंद उर्फ बबलू, सूरज उर्फ श्रवण और वीरेंद्र उर्फ बॉक्सर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियुक्तों पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इसके अलावा अदालत ने सुमित और मनदीप को 13-13 साल की सजा सुनाई है। दोनों अभियुक्तों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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यह था मामला
गांव बड़ेसरा निवासी मोहित ने बवानीखेड़ा पुलिस थाना में जुलाई 2020 में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि 15 जुलाई 2020 की सुबह के समय उसके दादा सूबे सिंह उनकी बैठक के बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान वह अपने दादा को चाय देने के लिए गया था। इसी दौरान आनंद अपने अन्य साथियों के साथ उनकी बैठक के आगे आकर बैठक के बाहर बैठे उनके दादा सूबे सिंह की गोलियां मारकर हत्या करके फरार हो गया था। बवानीखेड़ा पुलिस ने इस संबंध में हत्या की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
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