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Bhiwani News: पिछली तबाही से सबक, इस बार बचाव के पुख्ता बंदोबस्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 01:05 AM IST
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Lessons learned from the last disaster, this time there are strong rescue arrangements.
गांव धनाना के खेतों में ड्रेन की सफाई करती जेसीबी।
भिवानी। मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से बचाव के लिए सिंचाई विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पिछले वर्ष जिले के उत्तर-पूर्वी छोर पर बसे 25 से अधिक गांवों में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। ऐसे में इस बार जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए विभाग ने मानसून से पहले ही प्रमुख ड्रेनों की सफाई और लेवलिंग का कार्य शुरू कर दिया है। विभाग का लक्ष्य जून माह तक सभी कार्य पूरे करने का है।
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दरअसल सिंचाई विभाग ने जिले के 25 गांवों के आबादी क्षेत्र और खेतों को बरसाती जलभराव से राहत दिलाने के लिए व्यापक योजना बनाई है। बारिश के दौरान गांवों और खेतों में पानी जमा न हो इसके लिए जिले की ड्रेनों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। मानसून आने से पहले पानी निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
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सिंचाई विभाग द्वारा भिवानी-घग्घर ड्रेन, समैण-धनाना ड्रेन, कुंगड़-सिवाना ड्रेन, मुंढाल-तालु लिंक ड्रेन, मुंढाल-जताई लिंक ड्रेन, मुंढाल-पुट्ठी लिंक ड्रेन तथा चांग ड्रेन सहित प्रमुख ड्रेनों की लेवलिंग और सफाई पर 2 करोड़ 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया के बाद जिले में ड्रेनों की सफाई और लेवलिंग का कार्य शुरू भी करवा दिया गया है।
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विभाग ने मुंढाल, सुखपुरा, जताई, तालु, धनाना, पुर, सिवाड़ा, कुंगड़, घुसकानी, गुजरानी, तिगड़ाना, प्रेमनगर, सागवान, दांग समेत दो दर्जन से अधिक गांवों और आसपास के खेतों से जल निकासी के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है।

पिछले साल जलभराव से फसलें हुई थीं चौपट
पिछले वर्ष जलभराव के कारण जिले के 25 से अधिक गांवों में फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई थीं। इन गांवों की करीब 30 हजार एकड़ भूमि में दिसंबर माह तक पानी जमा रहा जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। ऐसे में इस बार सिंचाई विभाग का प्रयास है कि मानसून की दस्तक से पहले सभी ड्रेनों पर कार्य पूरा कर लिया जाए और बीटी पंप सेट तथा मोटर पंप सेट पहले से स्थापित कर दिए जाएं ताकि आपात स्थिति पर जल्द काबू पाया जा सके। विभाग ने 278 बिजली मोटरों और बीटी पंप सेटों के माध्यम से पानी निकासी की तैयारी की है।

सभी ड्रेनों के बांध होंगे मजबूत, पिछले साल पांच बार टूटी थी भिवानी-घग्घर ड्रेन
भिवानी-घग्घर ड्रेन करीब 50 किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है जिससे 35 से अधिक गांव सीधे तौर पर जुड़े हैं। पिछले वर्ष बारिश के दौरान इस ड्रेन के कई स्थानों पर टूटने से अधिकांश गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। इसके कारण फसलें खराब हुईं और कई लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े। ऐसे में सिंचाई विभाग इस बार ड्रेनों की सफाई के साथ-साथ उनके बांधों को भी मजबूत करने पर जोर दे रहा है। ड्रेनों की सफाई मशीनों की सहायता से करवाई जा रही है।

जलभराव के कारण गांव सागवान के लोगों को करना पड़ा था पलायन
पिछले वर्ष मानसून के दौरान जलभराव और ड्रेन टूटने से गांव सागवान और दांग में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए थे। लगातार बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया था। इसके चलते ग्रामीणों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। कई परिवारों ने अपने पशुधन को रिश्तेदारों के यहां भेज दिया था जबकि कुछ लोगों ने कस्बा तोशाम में मकान तलाश कर अस्थायी आवास बना लिया था। ग्रामीणों ने इस बार प्रशासन से मांग की है कि बरसाती मौसम शुरू होने से पहले पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध किए जाएं ताकि उन्हें दोबारा ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।



जिले में मानसून से पहले सभी ड्रेनों की सफाई करवाई जाएगी ताकि बरसाती पानी की खेतों और रिहायशी इलाकों से जल्द से जल्द निकासी हो सके। जून माह में ड्रेनों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। -राहुल, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग
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