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Bhiwani News: प्राइवेट जॉब छोड़ शुरू किया झींगा मछली पालन, अब तीन माह में 10 लाख रुपये का मुनाफा

Mon, 07 Apr 2025 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 07 Apr 2025 01:31 AM IST
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Left private job and started shrimp farming
हिसार में गांव लांधड़ी के संदीप राजपूत ने झींगा मछली पालन के लिए तैयार किया तालाब।
हिसार। मछली पालन के प्रति अब लोगाें का रुझान तेजी से बढ़ने लगा है। गांव लांधड़ी के संदीप राजपूत ने तीन साल पहले प्राइवेट नौकरी छोड़कर अपने गांव में ठसका रोड पर झींगा मछली पालन शुरू किया था। अब संदीप तीन माह में (अप्रैल से लेकर जून तक काम का सीजन) मछली पालन से 10 लाख रुपये का मुनाफा ले रहे हैं। संदीप ने मछली पालन के लिए ढाई एकड़ में तीन तालाबों को तैयार किया हैं। दो तालाबों में झींगा मछली पालन कर रहे हैं, जबकि आधा एकड़ में बने एक तालाब में वेस्ट डाल रहे हैं। झींगा मछलियों की हैदराबाद, कोलकाता, आंध्रप्रदेश और गुजरात में काफी मांग है।
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संदीप ने बताया कि तीस साल पहले एक एकड़ में मछली पालन शुरू किया। मगर धीरे-धीरे झींगा मछली की मांग बढ़ने लगी तो उन्होंने एक एकड़ और तालाब में मछली पालन शुरू कर दिया। संदीप बताते है कि पहले वह जयपुर में वोल्वो कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। उनकी सैलरी 40 हजार रुपये महीना थी। कंपनी के काम से कई बार राजस्थान के चूरू में जाना होता था। यहां काफी झींगा पालन देखा और उनको समझा। धीरे-धीरे संदीप राजपूत की झींगा मछली पालन के प्रति रुचि बढ़ती चल गई। उसके बाद उन्होंने मत्स्य विभाग से संपर्क किया। यहां उन्होंने मछली पालन की स्कीम की जानकारी ली। उसके बाद उन्होंने झींगा मछली पालन शुरू करने का निर्णय लिया।
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तीन माह रहता है काम का सीजन
संदीप बताते है कि अप्रैल से उनका काम शुरू हो जाता है और जून तक काफी सीजन रहता है। दो से तीन दिन में अब तालाब में पानी डालेंगे। उसके बाद पानी के अंदर पैरामीटर बनाएंगे। इसमें पोटाश, कैल्शियम, मैग्नीशियम और मिनरल डालते हैं। फिर पानी की रिपोर्ट रोहतक के लाली में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरिज एजुकेशन में चेक करवाई जाती है। उसके बाद रिपोर्ट हैदराबाद और चेन्नई भेजते हैं। फिर यहां से मछलियों के बच्चे दिल्ली लाए जाते हैं। यहां से उन्हें लेकर तालाब में डाला जाता है। 120 से 140 दिन में मछलियां बड़ी हो जाती है। संदीप ने तीन साल पहले मछली पालन शुरू किया था।
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शुरुआत में एक तालाब में आया 13 से 14 लाख खर्चा
शुरुआत में संदीप राजपूत ने एक एकड़ के तालाब में मछली पालन शुरू किया था। इस पर 13 से 14 लाख रुपये खर्च हुए। उन्होंने बताया कि तालाब में मछलियों के ऑक्सीजन के लिए उन्होंने एरियटर मशीन लगाई हुई है। जोकि रात के समय ऑक्सीजन बनाती है। पूरी रात मोटर चलती रहती है। दिन में धूप से ऑक्सीजन बन जाती है। उन्होंने बताया कि मछली का एक बच्चा 55 पैसे से 60 पैसे के बीच मिलता है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के बाजार में भी उनकी झींगा मछली जाती हैं। हैदराबाद, कोलकाता, आंध्रप्रदेश और गुजरात से काफी बायर मछलियां लेने हिसार पहुंचते हैं। एक तालाब 180 फुट लंबा और 200 फुट चौड़ा है। दोनों तालाब में तीन लाख मछलियां होती हैं।
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