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बिजली बिलों की त्रुटियों ने उपभोक्ताओं को रूलाया
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
Updated Tue, 29 Dec 2015 12:45 AM IST
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भिवानी। पिछली दफा भी दो बिजली बिल जोड़कर भेज दिए। चक्कर काट-काटकर ठीक करवाये और फिर बिल भरा। अब फिर से वहीं समस्या। पिछली भरी हुई राशि भी जोड़कर भेजी गई है। अब ठीक कराने के लिए चक्कर पर चक्कर लगा रहे है। यह समस्या किसी एक उपभोक्ता की नहीं हजारों की है। उपभोक्ता दिनभर बिल ठीक कराने के लिए बिजली निगम कार्यालय में इधर से उधर चक्कर लगाते रहे। कुछ के ठीक हुए तो कुछ को निराश ही लौटना पड़ा। इस लचर कार्यप्रणाली पर उपभोक्ताओं ने हंगामा भी किया और रोष जताया। बिल भरने की अंतिम तिथि होने के कारण उपभोक्ता अधिक परेशान दिखे।
बिजली निगम की बिल प्रणाली कंप्यूटराइज्ड होने के बाद से उपभोक्ताओं के लिए परेशानी बनी है। पिछले बिल में भी भरे हुए बिलों को जोड़ दिया गया था और अब फिर वही हाल है। डेढ़ हजार से ज्यादा बिलों में त्रुटियां सामने आ चुकी है। उपभोक्ता खासे परेशान है।
पहले 73 लाख का बिल थमाया और अब 5.90 लाख का
बिल ठीक करवाने पहुंचे व्यापारी नेता विजय बंसल टैणी ने बताया कि बिजली निगम ने तो उन्हें परेशान कर दिया। पहले 73 लाख का बिल भेज दिया था। वह ठीक करवाकर भरा तो अब 5.90 लाख का थमा दिया। पहले अधिकतम बिल 25-26 हजार का आता था। अब लाखों में आ रहा है जबकि ये कहां गया था कि पिल्लर बॉक्स लगने के बाद बिल कम आएगा। अब यहां बिल ठीक कराने के लिए चक्कर लगा रहे है।
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पिछला बिल ठीक कराया, अब नए बिल के लिए चक्कर
उपभोक्ता राज कुमार दिनोदिया ने बताया कि पिछले बिल में भी त्रुटि थी। भरा हुआ बिल जोड़कर भेज दिया था। वह ठीक कराने आए तो बताया कि एक बार समस्या आई है। आगे ऐसा नहीं होगा। अब फिर वहीं दिक्कत। अब चक्कर कटवाये जा रहे है। शनिवार को बिल दिया और सोमवार अंतिम तिथि। बिजली निगम ने तो परेशान कर दिया।
55 हजार का बिल थमा दिया
हालु बाजार वैद्यो वाली गली वासी अशोक कुमार ने बताया कि शनिवार को बिल मिला और वह भी 55 हजार का। पहले कभी इतना नहीं आया। अब ठीक करवाया तो 34 हजार रुपये कर दिया था। यह भी बहुत ज्यादा और रुपयों की व्यवस्था के लिए भी कोई समय नहीं दिया।
बस काटते रहो चक्कर
उपभोक्ता टी राम ने बताया कि भरा हुआ बिल ही जोड़कर भेज दिया। अब ये नहीं पता कि कौन ठीक करेगा। यहां से वहां चक्कर कटवाए जा रहे है। परेशान करने के सिवाय कुछ नहीं।
शनिवार को बिल दिए, सोमवार अंतिम तिथि
शनिवार को बिल पहुंचे और सोमवार अंतिम तिथि है। बिल भी हजारों में है। अब एक दम कहां से व्यवस्था करे। बिलों के लिए पहुंचने अनेक उपभोक्ताओं की यह शिकायत भी रही। उपभोक्ताओं ने बताया कि अब ये पेनल्टी कौन भुगते। इतनी लंबी लाइन है और बिल भी ठीक करवाना। रुपयों की व्यवस्था करनी। उपभोक्ता राज कुमार, अशोक कुमार ने बताया कि बिलों में पिछला बिल भी जोड़ रखा है। अब पहले वो ठीक करवाने के लिए चक्कर लगा रखे है। शनिवार को बिल मिले है और सोमवार अंतिम तिथि है।
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भरा बिल लाओ, वरना पूरा भरो
बिल ठीक करवाने के लिए भरा बिल दिखाना होगा। उपभोक्ता हनुमान ढाणी वासी किशन लाल ने बताया कि उसके पास भरे हुए बिल की रसीद की बिल नहीं थी। इस कारण करीब 10 हजार का पूरा बिल भरना पड़ा।
वर्जन:::
148 बिलों में समस्या होने के कारण रोक लिया गया था। उन्हें ठीक करके शनिवार को उपभोक्ताओं के पास भेजा गया है। उपभोक्ताओं के लिए शनिवार और रविवार को भी बिल भरने वाले काउंटर खोले गए थे। जानकारी नहीं होने के कारण उपभोक्ता नहीं आ सके।
राहुल सांगवान, एसडीओ, बिजली निगम
वर्जन:::
कुछ बिलों में समस्या है। जिस कंपनी के पास ऑन लाइन बिल का काम है, उसने पिछले बिल कंप्यूटराइज्ड नहीं किया। इस कारण अनबिल्ड दिखाकर जोड़ दिया गया है। अब उन्हें ठीक किया जा रहा है।
भजन सिंह, एसडीओ
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बिजली निगम की बिल प्रणाली कंप्यूटराइज्ड होने के बाद से उपभोक्ताओं के लिए परेशानी बनी है। पिछले बिल में भी भरे हुए बिलों को जोड़ दिया गया था और अब फिर वही हाल है। डेढ़ हजार से ज्यादा बिलों में त्रुटियां सामने आ चुकी है। उपभोक्ता खासे परेशान है।
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पहले 73 लाख का बिल थमाया और अब 5.90 लाख का
बिल ठीक करवाने पहुंचे व्यापारी नेता विजय बंसल टैणी ने बताया कि बिजली निगम ने तो उन्हें परेशान कर दिया। पहले 73 लाख का बिल भेज दिया था। वह ठीक करवाकर भरा तो अब 5.90 लाख का थमा दिया। पहले अधिकतम बिल 25-26 हजार का आता था। अब लाखों में आ रहा है जबकि ये कहां गया था कि पिल्लर बॉक्स लगने के बाद बिल कम आएगा। अब यहां बिल ठीक कराने के लिए चक्कर लगा रहे है।
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पिछला बिल ठीक कराया, अब नए बिल के लिए चक्कर
उपभोक्ता राज कुमार दिनोदिया ने बताया कि पिछले बिल में भी त्रुटि थी। भरा हुआ बिल जोड़कर भेज दिया था। वह ठीक कराने आए तो बताया कि एक बार समस्या आई है। आगे ऐसा नहीं होगा। अब फिर वहीं दिक्कत। अब चक्कर कटवाये जा रहे है। शनिवार को बिल दिया और सोमवार अंतिम तिथि। बिजली निगम ने तो परेशान कर दिया।
55 हजार का बिल थमा दिया
हालु बाजार वैद्यो वाली गली वासी अशोक कुमार ने बताया कि शनिवार को बिल मिला और वह भी 55 हजार का। पहले कभी इतना नहीं आया। अब ठीक करवाया तो 34 हजार रुपये कर दिया था। यह भी बहुत ज्यादा और रुपयों की व्यवस्था के लिए भी कोई समय नहीं दिया।
बस काटते रहो चक्कर
उपभोक्ता टी राम ने बताया कि भरा हुआ बिल ही जोड़कर भेज दिया। अब ये नहीं पता कि कौन ठीक करेगा। यहां से वहां चक्कर कटवाए जा रहे है। परेशान करने के सिवाय कुछ नहीं।
शनिवार को बिल दिए, सोमवार अंतिम तिथि
शनिवार को बिल पहुंचे और सोमवार अंतिम तिथि है। बिल भी हजारों में है। अब एक दम कहां से व्यवस्था करे। बिलों के लिए पहुंचने अनेक उपभोक्ताओं की यह शिकायत भी रही। उपभोक्ताओं ने बताया कि अब ये पेनल्टी कौन भुगते। इतनी लंबी लाइन है और बिल भी ठीक करवाना। रुपयों की व्यवस्था करनी। उपभोक्ता राज कुमार, अशोक कुमार ने बताया कि बिलों में पिछला बिल भी जोड़ रखा है। अब पहले वो ठीक करवाने के लिए चक्कर लगा रखे है। शनिवार को बिल मिले है और सोमवार अंतिम तिथि है।
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भरा बिल लाओ, वरना पूरा भरो
बिल ठीक करवाने के लिए भरा बिल दिखाना होगा। उपभोक्ता हनुमान ढाणी वासी किशन लाल ने बताया कि उसके पास भरे हुए बिल की रसीद की बिल नहीं थी। इस कारण करीब 10 हजार का पूरा बिल भरना पड़ा।
वर्जन:::
148 बिलों में समस्या होने के कारण रोक लिया गया था। उन्हें ठीक करके शनिवार को उपभोक्ताओं के पास भेजा गया है। उपभोक्ताओं के लिए शनिवार और रविवार को भी बिल भरने वाले काउंटर खोले गए थे। जानकारी नहीं होने के कारण उपभोक्ता नहीं आ सके।
राहुल सांगवान, एसडीओ, बिजली निगम
वर्जन:::
कुछ बिलों में समस्या है। जिस कंपनी के पास ऑन लाइन बिल का काम है, उसने पिछले बिल कंप्यूटराइज्ड नहीं किया। इस कारण अनबिल्ड दिखाकर जोड़ दिया गया है। अब उन्हें ठीक किया जा रहा है।
भजन सिंह, एसडीओ