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Bhiwani News: नेशनल मास्टर्स गेम्स में कुलदीप ने जीते दो स्वर्ण और एक रजत पदक
Thu, 11 Jun 2026 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 11 Jun 2026 12:14 AM IST
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खिलाड़ी कुलदीप। स्त्रोत: कोचखिलाड़ी कुलदीप।
भिवानी। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आयोजित 14वें नेशनल मास्टर्स गेम्स में हेतमपुरा निवासी धावक कुलदीप ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। कुलदीप ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच और 10 किलोमीटर दौड़ में स्वर्ण पदक तथा 800 मीटर दौड़ में रजत पदक अपने नाम किया। बुधवार को गांव पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया।
कुलदीप वर्तमान में भिवानी के पालुवास मोड़ स्थित एक कपड़ा प्लांट में कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। घर की आर्थिक जिम्मेदारियां निभाने के लिए वे दिनभर प्लांट में ड्यूटी करते हैं। ड्यूटी के व्यस्त और थका देने वाले शेड्यूल के बावजूद कुलदीप प्रतिदिन सुबह और शाम नियमित अभ्यास करते हैं।
गांव या आसपास अभ्यास के लिए कोई खेल स्टेडियम अथवा सिंथेटिक ट्रैक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कुलदीप गांव की टूटी-फूटी सड़कों और कच्चे रास्तों पर दौड़ लगाकर तैयारी करते हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उनका यह जज्बा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
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इससे पहले भी कुलदीप राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। उन्होंने सरकार और खेल विभाग से ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों की सहायता करने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें भी आगे बढ़ने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
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कुलदीप वर्तमान में भिवानी के पालुवास मोड़ स्थित एक कपड़ा प्लांट में कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। घर की आर्थिक जिम्मेदारियां निभाने के लिए वे दिनभर प्लांट में ड्यूटी करते हैं। ड्यूटी के व्यस्त और थका देने वाले शेड्यूल के बावजूद कुलदीप प्रतिदिन सुबह और शाम नियमित अभ्यास करते हैं।
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गांव या आसपास अभ्यास के लिए कोई खेल स्टेडियम अथवा सिंथेटिक ट्रैक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कुलदीप गांव की टूटी-फूटी सड़कों और कच्चे रास्तों पर दौड़ लगाकर तैयारी करते हैं। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उनका यह जज्बा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
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इससे पहले भी कुलदीप राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। उन्होंने सरकार और खेल विभाग से ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों की सहायता करने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें भी आगे बढ़ने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराया जाना चाहिए।