फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   know how to Common people adopt wildlife in Bhiwani Zoo of Haryana

Wildlife: वन्य जीवों को गोद ले सकते हैं आमजन, देना होता है खाने का खर्च, जानिए किस जीव की क्या है खुराक

Sun, 13 Mar 2022 07:24 PM IST
भूपेंद्र सिंह संजय वर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संजय वर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 13 Mar 2022 07:24 PM IST
सार

टाइगर और दरियाई घोड़े की खुराक महंगी है तो वहीं जावा चिड़िया और लव बर्ड की खुराक सस्ती है। 

विज्ञापन
know how to Common people adopt wildlife in Bhiwani Zoo of Haryana
भिवानी चिड़ियाघर में वन्य जीव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पर्यावरण और वन्य प्राणी जीवों को लेकर लोगों के दिलों में अभी वह प्यार नहीं जागृत हुआ है, जिसकी हम उम्मीद लगा रहे हैं। यही वजह है कि हरियाणा के भिवानी में चिड़ियाघर में वन्य प्राणी जीवों के प्रति अपना स्नेह और प्यार जताने के लिए कोई भी व्यक्ति पिछले तीन साल से इन्हें गोद लेने के लिए आगे नहीं आया।

विज्ञापन


भिवानी के चिड़ियाघर में निशाचर, मांसाहारी और शाकाहारी वन्य जीव हैं। इनमें सबसे महंगी खुराक टाइगर और दरियाई घोड़े की है, जबकि जावा चिड़िया और लव बर्ड की खुराक सबसे सस्ती है। चिड़ियाघर की चहल-पहल में हाल ही में आए नर शेर शिवा की वहां की मादा शेर गीता और सुधा के साथ अभी दोस्ती नहीं हुई है।
विज्ञापन


वन्य प्राणी विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी वन्य जीव को उसकी खुराक का सालाना और मासिक खुराक का खर्च उठाकर गोद लिया जा सकता है। मगर अब तक वन्य जीवों के प्रति इस तरह का स्नेह किसी ने नहीं दिखाया है। भिवानी का चिड़ियाघर दस एकड़ के दायरे में फैला है, जहां कई दुर्लभ प्रजाति के पक्षी व खूंखार जंगली जानवर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनमें घड़ियाल, दरियाई घोड़ा, मगरमच्छ, शेर, टाइगर, हिरन, तेंदुआ, काला भालू शामिल है। इन सभी जीवों का वन्य प्राणी विभाग ने गोद देने के लिए बाकायदा रेट लिस्ट भी जारी की हुई है। जिसके अनुसार लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार इनकी खुराक का खर्च उठा सकते हैं, ताकि इन वन्य जीवों के प्रति लोगों का जुड़ाव बने और इनके प्रति लोगों की रुचि भी बढ़े। पिछले करीब दो साल से कोरोना की वजह से चिड़ियाघर बंद रहा। फिलहाल भी इसे कर्मचारियों की कमी की वजह से बंद रखा गया है।

घड़ियाल के बाड़े में दो वयस्क और आठ बच्चे
चिड़ियाघर में घड़ियाल के बाड़े की चहल पहल भी बढ़ गई हैं, क्योंकि इसमें दो वयस्क नर और मादा के अलावा आठ बच्चों का कुनबा हो गया है। घड़ियाल का वयस्क जोड़ा पीपली के चिड़ियाघर से 2009 में यहां लाया गया था।

अभी गीता और सुधा के मन नहीं भाया नर शेर शिवा
चिड़ियाघर में बब्बर शेर के बाड़े में सन्नाटा छाया है, क्योंकि हाल ही में इंदौर के चिड़ियाघर से लाया गया नर शेर शिवा यहां की शेरनी गीता और सुधा के मन नहीं भाया है। फिलहाल उसे अलग ही रखा गया है। हालांकि चिड़ियाघर प्रशासन उनके आपस में घुलने मिलने देने के मौके भी दे रहा है, मगर उनके पास आने पर झड़प का खतरा भी बना हुआ है। इसलिए एहतियातन उन्हें अलग रखना ही बेहतर विकल्प है।

तेंदुआ के बाड़े में नहीं गूंजी नन्हें शावक की गुर्राहट
चिड़ियाघर में तेंदुआ का बाड़ा भी है। इसमें कई सालों से नन्हे शावक की गुर्राहट नहीं गूंजी है। क्योंकि नर तेंदुआ सन्नी 16 साल का हो चुका है। उसे 2012 में हिमाचल प्रदेश के शिमला चिड़ियाघर से यहां लाया गया था, जबकि मादा तेंदुआ सोनिया छत्तबीड़ पंजाब के चिड़ियाघर से 2019 में यहां लाई गई थी। फिलहाल रोहतक के चिड़ियाघर से युवा तेंदुआ  लाने की तैयारी चल रही है।

भालू प्रीतो व डूको भी अकेले
भालू के बाड़े में मादा भालू प्रीतो और नर काला भालू डूको हैं। इन्हें हिमाचल प्रदेश के चिड़ियाघर से 2019 में यहां लाया गया था। इनके बाड़े में भी अभी कोई नया मेहमान नहीं आया है।

41 चीतल और दो सांभर
चिड़ियाघर में हिरन के बाड़े में 41 चीतल और दो सांभर हैं। यहां लगातार परिवार बढ़ रहा है। इन्हें फिलहाल कोई गोद लेने नहीं आया है, क्योंकि इन्हें खुराक के लिए गोद देने के लिए चिड़ियाघर प्रशासन ने विकल्प खोल रखे हैं।

ये है वन्य जीवों को गोद देने के लिए राशि
चिड़ियाघर में वन्य जीवों के प्रति लोगों का लगाव बढ़ाने के लिए उन्हें गोद देने की योजना भी है, मगर तीन सालों से कोई इन्हें गोद लेने नहीं आया है। पहले तो कोविड वजह बनी, अब विकल्प खुले हैं तो कोई सामने नहीं आ रहा है। सबसे महंगी खुराक टाइगर और दरियाई घोड़े की है। वन्य जीवों को गोद लेने के लिए सालाना व मासिक राशि तय की गई है।


वन्य प्रजाति       वार्षिक    मासिक

  • टाइगर              360000    30000
  • लोमड़ी               52000     4500
  • उल्लू                 12000     1000
  • मगरमच्छ          38000     3200
  • घड़ियाल             38000     3200
  • दरियाई घोड़ा      141000   12000
  • चीतल हिरन        22500     2000
  • सांभर                 22500     2000
  • चिंकारा हिरन      22500      2000
  • काला भालू         50000      4200
  • काला हिरन        22500      2000
  • सिल्वर तीतर      1000       100
  • जंगली मुर्गा        1000       100
  • कॉकटेल पक्षी      1000       100
  • जावा चिड़िया        600         50
  • लव बर्ड                600         50
  • गिरिगर पक्षी        600         50


सालाना या मासिक तौर पर भी कर सकते हैं भुगतान

चिड़ियाघर को जल्द खोलने की तैयारी चल रही है। वन्य जीवों को गोद देने के लिए चिड़ियाघर में रेट लिस्ट लगाई हुई है। फिलहाल वन्य जीवों को गोद लेने के लिए अब तक किसी ने रुझान नहीं दिखाया है। कोई भी व्यक्ति इनकी खुराक के हिसाब से सालाना और मासिक तौर पर राशि का भुगतान कर गोद ले सकता है। - निरीक्षक ज्योति कुमार, प्रभारी, चौ. सुरेंद्र सिंह मेमोरियल चिड़ियाघर भिवानी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed