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Bhiwani News: नियमों को ताक पर रख बहुमंजिली इमारतों में चल रहा लिफ्ट का जुगाड़, हादसा से बचाव के कोई प्रबंध नहीं

Mon, 24 Jun 2024 04:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 24 Jun 2024 04:42 AM IST
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Jugaad of lift, no arrangements to prevent accident
भिवानी। बहुमंजिली इमारतों में नियमों को ताक पर रखकर जुगाड़ से लिफ्ट लगाए जा रहे हैं। ये लिफ्ट जुगाड़ तय मानकों से अधिक भार ढोने में भी इस्तेमाल हो रहे हैं। न तो इनकी कोई प्रमाणिकता है और न ही कोई मान्यता या अनुमति। इनके अंदर हादसा से बचाव के भी कोई प्रबंध तक नहीं हैं। ये लोहे के डिब्बेनुमा लिफ्ट व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भारी सामान को ऊपर पहुंचाने में प्रयोग हो रही हैं, जिसे केवल एक मोटर और लोहे के तार से ही चलाया जा रहा है।
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ये जुगाड़ अधिकतर बहुमंजिली इमारतों में लगे हैं, लेकिन एक की भी अनुमति नहीं है। हालांकि जिला दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बहुमंजिली इमारतों और अस्पतालों में केवल फायर सेफ्टी के मानकों की ही जांच की जाती है और इस संबंध में ही एनओसी विभाग जारी करता आ रहा है। लिफ्ट की प्रमाणिकता और मान्यता का उनके पास कोई प्रावधान नहीं है।
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भिवानी शहर के प्रमुख बाजारों में इन दिनों लिफ्ट जुगाड़ लगाने का क्रेज हैं। ये कम खर्च में ही भारी भरकम सामान को कम समय में 60 से 70 फुट ऊंचाई तक पहुंचा देता है। इतनी ही जल्दी ऊपर से सामान भी नीचे उतार देता है। इस जुगाड़ ने भले ही कई मजदूरों की लागत कम कर दी और काम को आसान बना दिया, मगर इसकी सुरक्षा की गारंटी नहीं है।
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इससे कभी भी हादसा हो सकता है। इसी तरह के एक हादसे ने नया बाजार स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर काम करने वाले एक कारिंदे की जान ले ली। यहां पर भी लिफ्ट का जुगाड़ लगा था, जो दिनभर भारी सामान को ऊपर पहुंचाने और ऊपर से नीचे लाने में प्रयोग किया जा रहा था।

एक बार लगाने के बाद रखरखाव कराना भूल जाते हैं दुकानदार
लिफ्टनुमा जुगाड़ को लगाने के बाद दुकानदार भी समय-समय पर इनकी देखभाल और रखरखाव करना भूल जाते हैं। मानकों पर आधारित लिफ्ट की नियमित देखरेख और जांच भी होती है। जांच के बाद ही इसके इस्तेमाल की अनुमति मिलती हैं, लेकिन लिफ्ट के इस जुगाड़ के लिए न तो अनुमति ली जा रही है न ही इसका नियमित रखरखाव और जांच हो रही है। यही वजह है कि ये बड़े हादसे की वजह बन रहे हैं।

जिला दमकल विभाग निजी अस्पतालों और बहुमंजिली इमारतों में आग से सुरक्षा के मानकों के लिए एनओसी जारी कर रहा है। इसकी प्रक्रिया भी ऑनलाइन है। ऑनलाइन ही आवेदन किए जा रहे हैं जिसका निरीक्षण के बाद उन्हें ऑनलाइन ही एनओसी भी दी जा रही है। -संजय कुमार, लीडिंग फायरमैन, जिला दमकल कार्यालय, भिवानी।


अगर कोई भी कहीं भी लिफ्ट लगाता है तो इसकी अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके लिए अलग से विभाग बना है। शुरुआत में अनुमति के लिए 3,500 रुपये शुल्क निर्धारित है, जबकि तीन साल बाद एक हजार रुपये शुल्क का प्रावधान किया गया है। इस अनुमति का हर साल नवीनीकरण भी कराना अनिवार्य है। विभाग लिफ्ट के जरूरी दस्तावेजों के साथ-साथ लिफ्ट के मानकों और उसके संचालन की गतिविधियों की भी हर साल जांच करता है। भिवानी में कुल 87 लोगों ने लिफ्ट की अनुमति ली है। -वाईएस गुलिया, कार्यकारी अभियंता, मुख्य विद्युत निरीक्षक कार्यालय, हिसार।

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