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स्टेट बेंच प्रेस चैंपियनशिप: ईश महता ने जीता कांस्य पदक, चाय की रेहड़ी लगाता है खिलाड़ी
Tue, 18 Nov 2025 07:36 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 18 Nov 2025 07:36 PM IST
सार
ईश महता ने 15 से 16 नवंबर को बहादुरगढ़ में आयोजित हरियाणा स्टेट बेंच प्रेस चैंपियनशिप में 83 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भिवानी जिले का नाम रोशन किया है। खिलाड़ी चाय की रेहड़ी लगाता है।
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ईश महता ने जीता कांस्य पदक
- फोटो : संवाद
विस्तार
स्थानीय कृष्णा कॉलोनी निवासी और चाय की रेहड़ी पर अपने पिता का हाथ बंटाने वाले ईश महता ने 15 से 16 नवंबर को बहादुरगढ़ में आयोजित हरियाणा स्टेट बेंच प्रेस चैंपियनशिप में 83 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर पूरे जिले का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। बता दें कि ईश महता सुबह और शाम कृष्णा कॉलोनी में कोच दर्शन की देख-रेख में कठिन अभ्यास करते हैं। आर्थिक चुनौतियों और रेहड़ी पर काम के बोझ के बावजूद उनका खेल के प्रति समर्पण कभी कम नहीं हुआ।
दिन में चाय बेचने और रात में वजन उठाने का यह संघर्ष ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया। जिम कोच दर्शन ने बताया कि इश मेहनत, अनुशासन और जज्बे की मिसाल है। उन्होंने कहा कि ईश महता की यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं है, बल्कि उस इच्छा शक्ति का प्रतीक है जो रोजाना की भागदौड़ और कठोर परिश्रम के बीच भी अपने सपनों को जिंदा रखती है। उन्होंने कहा कि जहां कई खिलाड़ी बेहतर सुविधाओं के बीच प्रशिक्षण पाते हैं। वहीं ईश ने चाय की रेहड़ी और अभ्यास के बीच संतुलन बनाकर यह उपलब्धि हासिल की।
वहीं अपनी सफलता के पीछे पदक विजेता खिलाड़ी ईश महता ने अपने कोच व परिजनों के उत्साहवर्धन व मार्गदर्शन को बताया। उन्होंने कहा कि कई बार थकावट बहुत होती है, लेकिन जब जीत का ख्याल आता है तो सारी थकान दूर हो जाती है। ईश की इस सफलता से उनके परिवार, जिम साथियों और पूरे भिवानी में खुशी की लहर है। स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि उनके जैसे युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने से जिले का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी अधिक चमक सकता है।
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दिन में चाय बेचने और रात में वजन उठाने का यह संघर्ष ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया। जिम कोच दर्शन ने बताया कि इश मेहनत, अनुशासन और जज्बे की मिसाल है। उन्होंने कहा कि ईश महता की यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं है, बल्कि उस इच्छा शक्ति का प्रतीक है जो रोजाना की भागदौड़ और कठोर परिश्रम के बीच भी अपने सपनों को जिंदा रखती है। उन्होंने कहा कि जहां कई खिलाड़ी बेहतर सुविधाओं के बीच प्रशिक्षण पाते हैं। वहीं ईश ने चाय की रेहड़ी और अभ्यास के बीच संतुलन बनाकर यह उपलब्धि हासिल की।
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वहीं अपनी सफलता के पीछे पदक विजेता खिलाड़ी ईश महता ने अपने कोच व परिजनों के उत्साहवर्धन व मार्गदर्शन को बताया। उन्होंने कहा कि कई बार थकावट बहुत होती है, लेकिन जब जीत का ख्याल आता है तो सारी थकान दूर हो जाती है। ईश की इस सफलता से उनके परिवार, जिम साथियों और पूरे भिवानी में खुशी की लहर है। स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि उनके जैसे युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने से जिले का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी अधिक चमक सकता है।
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