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प्री-अरेस्ट अरेस्टिंग और कोर्ट में पेशी के दौरान व्यक्तियों की सूचना परिजन व लीगल एड डिफेंस दें : सीजेएम

Mon, 25 Nov 2024 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 25 Nov 2024 10:57 PM IST
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Information about persons during pre-arrest arrest and court appearance should be given to family members and legal aid defence: CJM.
एडीआर सेंटर के सभागार में आयोजित कार्यशाला को संबो​धित करते सीजेएम पवन कुमार।
भिवानी। सीजेएम-कम-सचिव पवन कुमार की अध्यक्षता में एडीआर सेंटर के सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ताओं सहित पुलिस उपाधीक्षक और जिले के सभी थाना प्रभारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में कानून से संबंधित अहम जानकारी साझा की गई।
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सीजेएम पवन कुमार ने नालसा की ओर से जारी गाइडलाइन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्री-अरेस्ट अरेस्टिंग और कोर्ट में पेशी के दौरान व्यक्तियों की सूचना परिजन व लीगल एड डिफेंस दें। यह कदम उस व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि न्याय की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
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उन्होंने बताया कि इस गाइडलाइन को पूरी तरह से लागू करने के लिए एक टीम भी बनाई है, जिसमें लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य शामिल हैं। हर थाना क्षेत्र में न केवल सही प्रक्रिया अपनाई जाए, बल्कि संबंधित व्यक्तियों की उचित तरीके से सहायता भी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सभी थानों में टीम के सदस्यों की सूची भी भेजी जा चुकी है, ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की गिरफ्तारी या पेशी के समय सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जा सके।
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इस ट्रेनिंग व कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों और अन्य अधिकारियों को नालसा द्वारा निर्धारित नियमों और गाइड लाइनों के बारे में जानकारी प्रदान करना था। कार्यशाला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस विभाग और लीगल एड डिफेंस काउंसिल के बीच एक नई साझेदारी की नींव रखी गई, जो जिले में न्याय की प्रक्रिया को और भी अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने में सहायक होगी।

लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ एडवोकेट नरेंद्र कांटीवाल ने एलएडीसी बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 12 के तहत पात्र व्यक्ति जो किसी मामले में मुलजिम है और अपना कोई अधिवक्ता नियुक्त नहीं कर पा रहा है, तो सरकार के खर्च पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के तहत कार्यरत अधिवक्ता जिनमें चीफ डिफेंस काउंसिल और उनकी टीम के माध्यम से न्यायालय में अभियुक्त की ओर से पैरवी करवाई जा रही है।

उन्होंने गिरफ्तारी से पूर्व, गिरफ्तारी, ट्रायल, रिमांड, अपील सहित सभी स्टेज पर जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर डीएसपी हेडक्वार्टर अनूप कमार, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ एडवोकेट राधे श्याम शर्मा, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ एडवोकेट बबली पंवार, एडवोकेट विनोद कुमार, सत्यवीर सिंह, कृष्ण कुमार खिच्ची, एसएचओ प्रमिला उपस्थित रहे।
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