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रूस-यूक्रेन युद्ध: पल-पल सता रहा था अनहोनी का डर, रोमानिया आए तो मिली राहत, यूक्रेन को किया अलविदा...

Thu, 03 Mar 2022 02:13 AM IST
भूपेंद्र सिंह नवनीत शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
नवनीत शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 03 Mar 2022 02:13 AM IST
सार

यूक्रेन से रोमानिया, हंगरी पहुंचे भारतीयों की वहां पर मेहमाननवाजी हुई। कई विद्यार्थी रोमानिया और हंगरी पहुंचे। वहां से वो दिल्ली की फ्लाइट में वतन लौटेंगे। खारकीव में हो रहे बम धमकों की वजह से बीच रास्ते में कई मेडिकल स्टूडेंट अटके हैं।

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Indian students got relief after reaching Romania from Ukraine
हंगरी के बुडापेस्ट शहर में मनीष रंगा अपने साथियों के साथ। फोटो मनीष रंगा के परिजनों के सौजन्य से दूसरी ओर नेहा और जसिका राणा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

यूक्रेन में युद्ध की वजह से बिगड़े हालातों में फंसे मेडिकल स्टूडेंट को हर पल अनहोनी का डर सता रहा था। कोई बंकर तो कोई अपने बेड को खिड़की से दूर किया हुआ था। अब दूतावास के अलर्ट होने के बाद मेडिकल स्टूडेंट रोमानिया, हंगरी, पोलैंड पहुंच रहे हैं।  मेडिकल स्टूडेंट नेहा का कहना है कि यूक्रेन का बॉर्डर क्रॉस करने के बाद राहत की सांस ली। रोमानिया के शेल्टर होम में स्थानीय प्रशासन व नागरिकों ने बेहतरीन व्यवस्था की हुई है। आगामी एक-दो दिन में वे नई दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे।

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बॉर्डर किया क्रॉस तो टेंशन हुई खत्म : नेहा  
हरियाणा के भिवानी शहर के अमन नगर निवासी नेहा ने बताया कि वह यूक्रेन के विनिस्का शहर से मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। यूक्रेन में रूसी सेना के हमले के बाद उन्हें हॉस्टल के बंकर में रखा गया। जहां दूतावास के निर्देशानुसार सोमवार सुबह वे बस से रोमानिया के लिए निकले। जहां से वे रोमानिया के जिलावा शहर के स्कूल में ठहरे हुए हैं।
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नेहा ने बताया कि यूक्रेन में हालात काफी चिंताजनक थे, जिसकी वजह से हर पल भय रहता था। यूक्रेन का बॉर्डर क्रॉस करने बाद जब रोमानिया पहुंचे तो टेंशन कम हुई। यूक्रेन में बिताए पल ताउम्र याद रहेंगे। रातभर बम के धमाकों की वजह से पूरी रात सो न पाए।
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दिन-रात बस यूक्रेन से बाहर कैसे जाएं, यही रहता था। शुक्र है अब यूक्रेन से बाहर आ गए हैं। आगामी एक-दो दिन में नई दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे। रोमानिया के स्थानीय प्रशासन और नागरिकों ने खाने-पीने की बेहतर व्यवस्था की हुई है। 

बुडापोस्ट के शेल्टर होम में ठहरे मनीष रंगा
जिले के गांव लालावास निवासी मनीष रंगा ने बताया कि वे कीव से ट्रेन में ल्वीव पहुंचे। जहां से उन्होंने बस किराये पर ली, जिसमें वे हंगरी के शहर बुडापोस्ट पहुंचे हैं। बुडापोस्ट के हवाई अड्डे से थोड़ी दूरी पर ही उन्हें एक शेल्टर होम में ठहराया गया है। जहां पर खाने-पीने की व्यवस्था भी की हुई है। मनीष रंगा ने बताया कि बुडापोस्ट में काफी मेडिकल स्टूडेंट हैं। ऐसे में आगामी दो दिन बाद ही फ्लाइट में जगह मिलने की उम्मीद है। दूतावास की ओर से उनसे बार-बार में फीडबैक लिया जा रहा है। फिलहाल सभी शेल्टर होम में सुरक्षित हैं। परिजनों से भी दो-तीन बार वीडियो कॉल पर बात हो चुकी है।

खारकीव रेलवे स्टेशन पर हुई बमबारी : राजेंद्र शर्मा
छोटूराम कॉलोनी निवासी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उसके बेटे केशव के साथ स्नेहा और मुस्कान भी खारकीव में मेडिकल स्टूडेंट हैं। मंगलवार सुबह बम विस्फोट की वजह से वे सब खारकीव रेलवे स्टेशन से वापस हॉस्टल के बंकर में आ गए थे। अब बुधवार सुबह वे फिर से खारकीव रेलवे स्टेशन चल गए, जहां अचानक बमबारी शुरू हो गई। बमबारी की वजह से उन्हें रेलवे स्टेशन के बंकर में रख गया है। अब बमबारी रुकने के बाद वे ट्रेन में हंगरी के लिए रवाना होंगे। उनके साथ 300 से 400 अन्य मेडिकल स्टूडेंट भी हैं।

हालात सामान्य रहे तो ट्रेन में जाएंगे हंगरी : जसिका राणा
लोहड़ बाजार घाटी जेलदार निवासी राणा दुष्यंत सिंह ने बताया कि उनकी बेटी जसिका राणा यूक्रेन के शहर खारकीव में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। अचानक हालात बिगड़ने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से हॉस्टल के बंकर में ठहराया है। मंगलवार सुबह वे खारकीव रेलवे स्टेशन के लिए हॉस्टल से निकले थे, मगर रेलवे स्टेशन के नजदीक बम विस्फोट की सूचना मिलने पर उन्हें वापस से बंकर में भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि जसिका राणा से उनकी फोन पर बातचीत हुई है। जसिका ने बताया कि बुधवार को अगर हालात सामान्य रहे तो वे ट्रेन से हंगरी के लिए निकलेंगे। वही परिजनों से भी प्रशासन ने उनके दस्तावेज मांगे हैं।

बस 40 घंटे का सफर कर बुडापोस्ट पहुंचीं नैना सिंह
सेठ किरोड़ीमल राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्या सविता घणघस ने बताया कि उनकी बेटी नैना सिंह यूक्रेन के शहर पोलतावा में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। पोलतावा में हालात बिगड़ने पर अन्य मेडिकल स्टूडेंट के साथ नैना सिंह भी सोमवार को बस में ही हंगरी के लिए निकल गई थी। मंगलवार दोपहर में वह विनितसिया पहुंच गई थी, जहां से बुधवार दोपहर करीब दो बजे वह हंगरी के शहर बुडापोस्ट पहुंची है। इस सफर में करीब 40 घंटे का समय लगा है। आगामी फ्लाइट में व्यवस्था हुई तो वह भारत आएगी।

हालात सामान्य रहे तो आज नई दिल्ली पहुंचेगी मधु कौशिक
देव नगर निवासी भाजपा नेत्री शकुंतला ने बताया कि उनकी बेटी मधु कौशिक यूक्रेन के शहर खारकीव में मेडिकल की इंटर्नशिप कर रही है। रूसी सेना के हमले के बाद सोमवार को मधु खारकीव से ट्रेन में हंगरी के लिए निकली, जहां वह मंगलवार शाम को पहुंची। उनकी मधु से फोन पर बातचीत हुई है। मधु ने बताया कि अगर हालात सामान्य रहे तो वह बुधवार दोपहर तीन बजे वाली फ्लाइट से नई दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी, जिसके बाद वीरवार को वह नई दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचेगी।


जिले के ये विद्यार्थी यूक्रेन से पहुंच चुके घर 
विजय नगर निवासी देव, गोशाला मार्केट निवासी कशिश, गांव ओबरा निवासी एकता श्योराण, गांव मिट्ठी निवासी अंकित, बहल निवासी सुमित खुंडिया, हालु मोहल्ला निवासी तुषार यूक्रेन के विभिन्न शहरों से अपने घर लौट चुके हैं।

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