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Bhiwani News: जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशियों की नहीं बच पाई जमानत
Wed, 09 Oct 2024 03:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 09 Oct 2024 03:04 AM IST
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शिक्षा बोर्ड भिवानी में बने मतगणना केंद्र में मौजूद निर्दलीय समेत विभिन्न दलों के प्रत्याशी।
अशोक भारद्वाज
भिवानी। भिवानी जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस गठबंधन को छोड़कर अन्य सभी पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा पाए। भिवानी, लोहारू, तोशाम व बवानीखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस गठबंधन को छोड़कर बाकी सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। इतना ही नहीं जिले की चारों विधानसभा में 56 प्रत्याशियों में से 28 प्रत्याशियों को तो नोटा से भी कम वोट मिले। भिवानी जिले की तीन सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है तो लोहारू विधानसभा में कांग्रेस के हाथ को जनता का साथ मिला है।
भिवानी विधानसभा क्षेत्र में 18 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे थे। इसमें भाजपा और माकपा-कांग्रेस प्रत्याशी को छोड़कर सभी निर्दलीय व पार्टी प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। भिवानी विधानसभा क्षेत्र में नौ प्रत्याशी तो ऐसे हैं, जो नोटा से भी कम वोट हासिल कर पाए हैं। भिवानी विधानसभा क्षेत्र में नोटा का 464 मतदाताओं ने बटन दबाकर सभी प्रत्याशियों को नकार दिया है।
इसी तरह बवानीखेड़ा विधानसभा में भी कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी को छोड़कर चुनावी मैदान में डटे आठ प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है, यहां कुल दस प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे। बवानीखेड़ा में चार प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट मिले हैं। बवानीखेड़ा में सबसे अधिक 524 मतदाताओं ने प्रत्याशियों को नकार नोटा को पसंद किया है।
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लोहारू विधानसभा में 11 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे थे, लेकिन भाजपा और कांग्रेस को छोड़कर नौ प्रत्याशी तो अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए हैं। लोहारू विधानसभा में छह प्रत्याशियों के तो नोटा से भी कम वोट हासिल कर पाए हैं। लोहारू में 259 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया है। तोशाम विधानसभा में 15 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे। यहां पर भी भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी को छोड़कर बाकी 13 प्रत्याशियों की जमानत ही जब्त हो गई है। नौ प्रत्याशियों को तो यहां पर भी नोटा से कम वोट मिले हैं। तोशाम में नोटा पर 490 मतदाताओं ने बटन दबाकर सभी प्रत्याशियों को नकार दिया है।
मतगणना केंद्र पर हर राउंड पर बढ़ रही थी प्रत्याशियों की धकड़न
शिक्षा बोर्ड मुख्यालय पर चल रही मतगणना के दौरान सभी विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी और उनके चुनावी एजेंट वहां डटे हुए थे। प्रत्येक राउंड के दौरान प्रत्याशियों की धड़कने भी बढ़ रही थी। शुरुआत से ही जो प्रत्याशी पीछे चल रहे थे उनके चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी। शुरूआत से ही भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच ही मतों को लेकर दौड़ बनी थी, जबकि अन्य प्रत्याशी तो शुरुआत में ही पिछड़ते चले गए।
राउंड पूरे होने से पहले ही मतदान केंद्र से खिसके नेता
विधानसभा चुनावों में मतगणना के सभी राउंड पूरे होने से पहले ही अधिकतर नेता तो मतगणना केंद्र से खिसक चुके थे। इनमें ज्यादातर निर्दलीय और कुछ पार्टी प्रत्याशी भी शामिल हैं। ये नेता अपनी हार सुनिश्चित होने से पहले ही वहां से जाना ही मुनासिब समझ चुके थे। हालांकि कई नेताओं ने तो अपनी हार पर भी प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं समझा। बवानीखेड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप नरवाल तो काउंटिंग सेंटर पर ही नहीं पहुंचे।
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भिवानी। भिवानी जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस गठबंधन को छोड़कर अन्य सभी पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा पाए। भिवानी, लोहारू, तोशाम व बवानीखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस गठबंधन को छोड़कर बाकी सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। इतना ही नहीं जिले की चारों विधानसभा में 56 प्रत्याशियों में से 28 प्रत्याशियों को तो नोटा से भी कम वोट मिले। भिवानी जिले की तीन सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है तो लोहारू विधानसभा में कांग्रेस के हाथ को जनता का साथ मिला है।
भिवानी विधानसभा क्षेत्र में 18 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे थे। इसमें भाजपा और माकपा-कांग्रेस प्रत्याशी को छोड़कर सभी निर्दलीय व पार्टी प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। भिवानी विधानसभा क्षेत्र में नौ प्रत्याशी तो ऐसे हैं, जो नोटा से भी कम वोट हासिल कर पाए हैं। भिवानी विधानसभा क्षेत्र में नोटा का 464 मतदाताओं ने बटन दबाकर सभी प्रत्याशियों को नकार दिया है।
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इसी तरह बवानीखेड़ा विधानसभा में भी कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशी को छोड़कर चुनावी मैदान में डटे आठ प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है, यहां कुल दस प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे। बवानीखेड़ा में चार प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट मिले हैं। बवानीखेड़ा में सबसे अधिक 524 मतदाताओं ने प्रत्याशियों को नकार नोटा को पसंद किया है।
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लोहारू विधानसभा में 11 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे थे, लेकिन भाजपा और कांग्रेस को छोड़कर नौ प्रत्याशी तो अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए हैं। लोहारू विधानसभा में छह प्रत्याशियों के तो नोटा से भी कम वोट हासिल कर पाए हैं। लोहारू में 259 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया है। तोशाम विधानसभा में 15 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे। यहां पर भी भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी को छोड़कर बाकी 13 प्रत्याशियों की जमानत ही जब्त हो गई है। नौ प्रत्याशियों को तो यहां पर भी नोटा से कम वोट मिले हैं। तोशाम में नोटा पर 490 मतदाताओं ने बटन दबाकर सभी प्रत्याशियों को नकार दिया है।
मतगणना केंद्र पर हर राउंड पर बढ़ रही थी प्रत्याशियों की धकड़न
शिक्षा बोर्ड मुख्यालय पर चल रही मतगणना के दौरान सभी विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी और उनके चुनावी एजेंट वहां डटे हुए थे। प्रत्येक राउंड के दौरान प्रत्याशियों की धड़कने भी बढ़ रही थी। शुरुआत से ही जो प्रत्याशी पीछे चल रहे थे उनके चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी। शुरूआत से ही भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच ही मतों को लेकर दौड़ बनी थी, जबकि अन्य प्रत्याशी तो शुरुआत में ही पिछड़ते चले गए।
राउंड पूरे होने से पहले ही मतदान केंद्र से खिसके नेता
विधानसभा चुनावों में मतगणना के सभी राउंड पूरे होने से पहले ही अधिकतर नेता तो मतगणना केंद्र से खिसक चुके थे। इनमें ज्यादातर निर्दलीय और कुछ पार्टी प्रत्याशी भी शामिल हैं। ये नेता अपनी हार सुनिश्चित होने से पहले ही वहां से जाना ही मुनासिब समझ चुके थे। हालांकि कई नेताओं ने तो अपनी हार पर भी प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं समझा। बवानीखेड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप नरवाल तो काउंटिंग सेंटर पर ही नहीं पहुंचे।