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Bhiwani News: भिवानी विधानसभा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी भी दे रहे कड़ी टक्कर

Thu, 26 Sep 2024 03:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 26 Sep 2024 03:20 AM IST
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Independent candidates are also giving tough competition on Bhiwani assembly seat.
भिवानी। भिवानी विधानसभा क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला बना है। क्योंकि यहां निर्दलीय प्रत्याशी भी टक्कर दे रहे हैं। वहीं मुख्य पार्टियों के प्रत्याशियों के बीच भी चुनावी घमासान छिड़ा है। भिवानी विधानसभा क्षेत्र में बणिया, ब्राह्मण, पंजाबी और राजपूत मतदाता भी अहम भूमिका निभाएंगे।
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इसी के साथ अनुसूचित और पिछड़ा वर्ग का जहां पलड़ा भारी होगा, उसी के सिर जीत का सेहरा भी बंधेगा। हालांकि चुनावी घमासान के बीच भाजपा, कांग्रेस-माकपा और आप पार्टी के प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर बनी है। इसी बीच निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी जीत के लिए पुरजोर जोर चुनावी माहौल को और भी दिलचस्प बना रहे हैं।
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भिवानी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से चौथी बार घनश्याम सर्राफ चुनावी मैदान में डटे हैं। जबकि कांग्रेस-सीपीएम से कामरेड ओमप्रकाश हैं। आम आदमी पार्टी से इंदु शर्मा चुनावी मैदान में त्रिकोणीय मुकाबला बनाने के लिए कड़ी टक्कर दे रही हैं। इसी तरह अन्य पार्टियों के यहां प्रत्याशी नहीं है, बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपनी ताल ठोक रहे हैं।
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इनमें मुख्य तौर पर पूर्व मंत्री ठाकुर बीर सिंह के परिवार से अभिजीत लाल सिंह और निर्दलीय महिला प्रत्याशी के तौर पर प्रिया असीजा शामिल हैं। प्रिया पंजाबी समुदाय से है। जातीय समीकरणों की बात करें तो भिवानी विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में ब्राह्मण, बणिया, राजपूत और पंजाबी मुख्य तौर पर चुनावी मैदान में डटे हैं।
इन बाहुल्य जातियों के उम्मीदवारों के चुनावी मैदान में आने से मुकाबला भी दिलचस्प बना है। हालांकि अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग से मैदान में कोई भी दावेदार नहीं है। अब यह भी दिलचस्प पहलु रहेगा कि अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग किस तरफ अपना रुख करता है। क्योंकि राजनीतिक रूप से उनका सीधा कोई प्रतिनिधित्व नहीं है, मगर वे किस पार्टी और नेता को अपना समर्थन और वोट देते हैं, यह भी बड़ा सवाल बना है।

ऐसे में चुनावी मैदान में डटे सभी नेता इन दोनों ही बहुतायत वाले वर्गाें के पास वोट मांगने नतमस्तक होकर पहुंच रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी भी प्रत्याशी के पक्ष में स्पष्ट चुनावी माहौल नहीं बना है। मगर जीत के लिए तो हर जीतोड़ मेहनत में जुटे हैं। संवाद
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