{"_id":"65c3e04c1a21258c090a5414","slug":"in-the-opd-of-district-civil-hospital-patients-clashed-with-the-staff-outside-the-medicine-doctors-room-there-was-a-ruckus-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-112857-2024-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मेडिसन चिकित्सक कक्ष के बाहर कर्मचारी से भिड़े मरीज, हुआ हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मेडिसन चिकित्सक कक्ष के बाहर कर्मचारी से भिड़े मरीज, हुआ हंगामा
Thu, 08 Feb 2024 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 08 Feb 2024 01:25 AM IST
विज्ञापन
भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में बुधवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे मेडिसन चिकित्सक कक्ष के बाहर कर्मचारी और कुछ मरीज आपस में भिड़ गए। वहीं हड्डी रोग चिकित्सक कक्ष के आगे भी मरीजों की भीड़ जुटी। चहेतों को अंदर भेजे जाने पर बाहर खड़े मरीजों ने एतराज जता दिया इसी को लेकर गेट पर तैनात कर्मचारी से भी कुछ मरीज उलझ बैठे।
ओपीडी में मरीजों की भीड़ ज्यादा होने और कर्मचारी व मरीजों के बीच कहासुनी होने पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। वहीं हड्डी रोग कक्ष के बाहर जुटी मरीजों की भीड़ का सब्र भी जवाब दे गया और चिकित्सक नहीं होने पर मरीज भी भड़क उठे। ओपीडी के गलियारे में बुधवार को पैर रखने के लिए भी जगह नहीं थी। चिकित्सकों की कमी और ज्यादा मरीजों से अव्यवस्थाओं के बीच ओपीडी की व्यवस्था भी बिगड़ी।
बुधवार को करीब 1300 से अधिक मरीज ओपीडी में चेकअप कराने पहुंचे। अधिकांश मरीज तो मौसम के अचानक बदलाव से पीड़ित थे। वहीं मेडिसन विभाग के आगे काफी मरीजों की भीड़ जुटी थी। मरीज सुबह नौ बजे ही स्लिप कटाकर चिकित्सकों के कक्षों के बाहर जुट गए थे। वेटिंग रूम के अंदर भी कुर्सियों पर काफी मरीज बैठे थे। ओपीडी स्लीप कटाने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद मरीज ओपीडी में चिकित्सक के कमरा नंबर 20 पर पहुंचे तो यहां मरीजों की पर्ची गेट पर खड़े कर्मचारी ने ले ली। लेकिन जो लोग बाद में आए थे, पहले उन्हें अंदर भेजने लगा।
विज्ञापन
काफी देर इंतजार के बाद भी कर्मचारी ने उनका नाम नहीं पुकारा तो वे उससे पूछने लगे। इस दौरान कर्मचारी पर मरीजों ने बदतमीजी करने का भी आरोप लगाया। वहीं कर्मचारी से अन्य मरीजों की भी इसी बात को लेकर तीखी बहस और खूब तू तड़ाक हुई। नौबत हाथा पाई की आती इससे पहले अन्य मरीजों ने बीच बचाव किया।
कर्मचारी बोला: बारी आने पर ही अंदर चेकअप के लिए भेजे मरीज
हंगामा होने के बाद वहां तैनात कर्मचारी का कहना था कि ओपीडी में ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसे में सभी मरीजों को बारी-बारी ही अंदर चेकअप के लिए भेजा जा रहा था। कुछ लोग पहले भेजने का दबाव बनाने लगे। इसी को लेकर मामला गरमा गया।
ओटी में गए हड्डी रोग चिकित्सक
ओपीडी में हड्डी रोग चिकित्सक की ओटी थी। इसलिए मुख्य चिकित्सक ओटी के अंदर ऑपरेशन करने चले गए थे। वहीं जूनियर चिकित्सक भी ओपीडी में कई देर तक नहीं पहुंचे। इसलिए कई देर तक मरीजों को चिकित्सक का इंतजार करना पड़ा। इसी तरह अन्य चिकित्सकों की ओपीडी में भी मरीजों की काफी भीड़ जुटी।
मौसम में बदलाव से बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग
पिछले सप्ताह भर से बारिश और ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम में हुए बदलाव से भी लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ओपीडी में खांसी जुकाम, बुखार से पीड़ित मरीज हैं। बच्चों में मौसम बदलाव का काफी असर देखा गया है। हालांकि ओपीडी में आ रहे मरीजों को दवा के साथ देखभाल का परामर्श भी दे रहे हैं।
जिला सामान्य अस्पताल की ओपीडी और आपात विभाग में मरीजों की ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसे में कई बार मरीज आपा भी खो देते हैं। इसको लेकर अस्पताल परिसर में सिक्योरिटी कर्मचारियों के अलावा ओपीडी में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती की हुई है। मरीजों को भी संयम रखना चाहिए।
-डॉ रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन भिवानी।
विज्ञापन
ओपीडी में मरीजों की भीड़ ज्यादा होने और कर्मचारी व मरीजों के बीच कहासुनी होने पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। वहीं हड्डी रोग कक्ष के बाहर जुटी मरीजों की भीड़ का सब्र भी जवाब दे गया और चिकित्सक नहीं होने पर मरीज भी भड़क उठे। ओपीडी के गलियारे में बुधवार को पैर रखने के लिए भी जगह नहीं थी। चिकित्सकों की कमी और ज्यादा मरीजों से अव्यवस्थाओं के बीच ओपीडी की व्यवस्था भी बिगड़ी।
विज्ञापन
बुधवार को करीब 1300 से अधिक मरीज ओपीडी में चेकअप कराने पहुंचे। अधिकांश मरीज तो मौसम के अचानक बदलाव से पीड़ित थे। वहीं मेडिसन विभाग के आगे काफी मरीजों की भीड़ जुटी थी। मरीज सुबह नौ बजे ही स्लिप कटाकर चिकित्सकों के कक्षों के बाहर जुट गए थे। वेटिंग रूम के अंदर भी कुर्सियों पर काफी मरीज बैठे थे। ओपीडी स्लीप कटाने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद मरीज ओपीडी में चिकित्सक के कमरा नंबर 20 पर पहुंचे तो यहां मरीजों की पर्ची गेट पर खड़े कर्मचारी ने ले ली। लेकिन जो लोग बाद में आए थे, पहले उन्हें अंदर भेजने लगा।
विज्ञापन
काफी देर इंतजार के बाद भी कर्मचारी ने उनका नाम नहीं पुकारा तो वे उससे पूछने लगे। इस दौरान कर्मचारी पर मरीजों ने बदतमीजी करने का भी आरोप लगाया। वहीं कर्मचारी से अन्य मरीजों की भी इसी बात को लेकर तीखी बहस और खूब तू तड़ाक हुई। नौबत हाथा पाई की आती इससे पहले अन्य मरीजों ने बीच बचाव किया।
कर्मचारी बोला: बारी आने पर ही अंदर चेकअप के लिए भेजे मरीज
हंगामा होने के बाद वहां तैनात कर्मचारी का कहना था कि ओपीडी में ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसे में सभी मरीजों को बारी-बारी ही अंदर चेकअप के लिए भेजा जा रहा था। कुछ लोग पहले भेजने का दबाव बनाने लगे। इसी को लेकर मामला गरमा गया।
ओटी में गए हड्डी रोग चिकित्सक
ओपीडी में हड्डी रोग चिकित्सक की ओटी थी। इसलिए मुख्य चिकित्सक ओटी के अंदर ऑपरेशन करने चले गए थे। वहीं जूनियर चिकित्सक भी ओपीडी में कई देर तक नहीं पहुंचे। इसलिए कई देर तक मरीजों को चिकित्सक का इंतजार करना पड़ा। इसी तरह अन्य चिकित्सकों की ओपीडी में भी मरीजों की काफी भीड़ जुटी।
मौसम में बदलाव से बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग
पिछले सप्ताह भर से बारिश और ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम में हुए बदलाव से भी लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ओपीडी में खांसी जुकाम, बुखार से पीड़ित मरीज हैं। बच्चों में मौसम बदलाव का काफी असर देखा गया है। हालांकि ओपीडी में आ रहे मरीजों को दवा के साथ देखभाल का परामर्श भी दे रहे हैं।
जिला सामान्य अस्पताल की ओपीडी और आपात विभाग में मरीजों की ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसे में कई बार मरीज आपा भी खो देते हैं। इसको लेकर अस्पताल परिसर में सिक्योरिटी कर्मचारियों के अलावा ओपीडी में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती की हुई है। मरीजों को भी संयम रखना चाहिए।
-डॉ रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन भिवानी।