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निजी अस्पतालों की ओपीडी बंद, सामान्य अस्पताल में चेकअप करवाने पहुंचे करीब दो हजार मरीज
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उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्य।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। निजी अस्पतालों की हड़ताल की वजह से जिला सामान्य अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या अन्य दिनों के मुकाबले दोगुनी रही। इस कारण अस्पताल में ड्यूटी दे रही चिकित्सकों, कर्मचारियों, मरीजों व उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों को चेकअप के लिए दो से तीन घंटे का इंतजार करना पड़ा। वहीं कर्मचारियों को व्यवस्था बनाए रखने की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। ऐसे में सामुदायिक दूरी भी कही नजर नहीं आई।
राष्ट्रीय व राज्य आईएमए के आह्वान पर शुक्रवार को देश भर के एलोपैथी डॉक्टर्स मिक्सओपैथी के विरोध में हड़ताल पर रहे। इस दौरान उन्होंने सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रखी। ऐसे में निजी अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बंद होने के कारण मरीज उपचार लेने के लिए जिला सामान्य अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे। अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, नेत्र रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लग गई। अस्पताल में पहुंचे मरीजों के बीच सामुदायिक दूरी बनवाए रखने के लिए अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिस कारण मरीज के तीमारदारों व सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस भी हुई।
कोरोना से बचाव के लिए अलग से लगाई स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी
कोरोना महामारी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलग से स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी ओपीडी में लगाई गई है। ओपीडी के मुख्य गेट, पीएमओ कार्यालय की ओर से ओपीडी में जाने वाले गेट पर मास्क प्रयोग, थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइज करने के लिए तीन से चार स्वास्थ्यकर्मी की ड्यूटी लगाई गई है।
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अस्पताल में आने वाले हर व्यक्ति का किया तापमान चेक
जिला सामान्य अस्पताल में आने वाले हर नागरिक का तापमान चेक कर नोट किया गया। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी और आपातकालीन विभाग के बाहर स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी। तापमान जांच के दौरान किसी का भी तापमान सामान्य से अधिक मिला तो उसका कोरोना टेस्ट किया गया, ताकि कोरोना से बचाव किया जा सके।
यह रही ओपीडी
रोग मरीजों की संख्या
आयुर्वेद 40
दंत रोग 48
इमरजेंसी 90
फ्लू कॉर्नर 90
मेडिसन 270
सर्जरी 100
होम्योपैथी 60
महिला रोग 220
शिशु रोग विशेषज्ञ 180
हड्डी रोग 200
नेत्र रोग 110
दोबारा विजिट 600
वैद्यों को एलोपैथ एमएस सर्जन व डेंटिस्ट न बनाए सरकार- पूनिया
भिवानी। आईएमए के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. करन पूनिया की अगुवाई में पदाधिकारियों ने उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री, नीति आयोग, स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर डॉ. करन पूनिया, डॉ. वंदना पूनिया, डॉ. मुकेश पंवार, डॉ. स्वस्ति शर्मा, डॉ. नरेंद्र तनेजा व डॉ. संजय सिंगला ने बताया कि सरकार की आयुर्वेद वैद्यों को तीन वर्ष की ट्रेनिंग करवा कर एमएस सर्जन बनाने की योजना है। सरकार अनुचित तरीके से देश की जनता व ग्रामीणों की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही है। आने वाले समय में देश की सेहत के लिए बहुत ही घातक सिद्ध होगा।
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राष्ट्रीय व राज्य आईएमए के आह्वान पर शुक्रवार को देश भर के एलोपैथी डॉक्टर्स मिक्सओपैथी के विरोध में हड़ताल पर रहे। इस दौरान उन्होंने सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रखी। ऐसे में निजी अस्पताल में ओपीडी सेवाएं बंद होने के कारण मरीज उपचार लेने के लिए जिला सामान्य अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे। अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, नेत्र रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लग गई। अस्पताल में पहुंचे मरीजों के बीच सामुदायिक दूरी बनवाए रखने के लिए अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिस कारण मरीज के तीमारदारों व सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस भी हुई।
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कोरोना से बचाव के लिए अलग से लगाई स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी
कोरोना महामारी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलग से स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी ओपीडी में लगाई गई है। ओपीडी के मुख्य गेट, पीएमओ कार्यालय की ओर से ओपीडी में जाने वाले गेट पर मास्क प्रयोग, थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइज करने के लिए तीन से चार स्वास्थ्यकर्मी की ड्यूटी लगाई गई है।
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अस्पताल में आने वाले हर व्यक्ति का किया तापमान चेक
जिला सामान्य अस्पताल में आने वाले हर नागरिक का तापमान चेक कर नोट किया गया। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी और आपातकालीन विभाग के बाहर स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी। तापमान जांच के दौरान किसी का भी तापमान सामान्य से अधिक मिला तो उसका कोरोना टेस्ट किया गया, ताकि कोरोना से बचाव किया जा सके।
यह रही ओपीडी
रोग मरीजों की संख्या
आयुर्वेद 40
दंत रोग 48
इमरजेंसी 90
फ्लू कॉर्नर 90
मेडिसन 270
सर्जरी 100
होम्योपैथी 60
महिला रोग 220
शिशु रोग विशेषज्ञ 180
हड्डी रोग 200
नेत्र रोग 110
दोबारा विजिट 600
वैद्यों को एलोपैथ एमएस सर्जन व डेंटिस्ट न बनाए सरकार- पूनिया
भिवानी। आईएमए के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. करन पूनिया की अगुवाई में पदाधिकारियों ने उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री, नीति आयोग, स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर डॉ. करन पूनिया, डॉ. वंदना पूनिया, डॉ. मुकेश पंवार, डॉ. स्वस्ति शर्मा, डॉ. नरेंद्र तनेजा व डॉ. संजय सिंगला ने बताया कि सरकार की आयुर्वेद वैद्यों को तीन वर्ष की ट्रेनिंग करवा कर एमएस सर्जन बनाने की योजना है। सरकार अनुचित तरीके से देश की जनता व ग्रामीणों की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही है। आने वाले समय में देश की सेहत के लिए बहुत ही घातक सिद्ध होगा।