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Bhiwani News: मुख्य बूस्टर की लाइनों में अवैध कनेक्शन, शहरी कॉलोनियों में टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी
Tue, 14 Mar 2023 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 14 Mar 2023 11:19 PM IST
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चिड़ियाघर रोड स्थित जलघर का टैंक।
भिवानी। बूस्टर की मुख्य लाइन में अवैध पेयजल कनेक्शन से भी पूरा शहर जलसंकट के दौर से गुजर रहा है। हालांकि मुख्य बूस्टर की लाइन में कोई भी पेयजल कनेक्शन करना पूरी तरह से गैर कानूनी और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है, लेकिन फिर भी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ठीक नाक तले धड़ल्ले से मुख्य बूस्टर की लाइन में अवैध कनेक्शन टेल तक पानी पहुंचाने में बड़ी अड़चन बने हैं।
भिवानी शहर में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आंकड़ों की बात करें तो भिवानी जिले में एक लाख 96 हजार 834 अवैध पेयजल कनेक्शन हैं, जबकि शहरी दायरे में 42 हजार 824 कनेक्शन हैं। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में एक लाख 54 हजार अवैध कनेक्शन हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की पेयजल आपूर्ति गर्मी की दस्तक के साथ ही गड़बड़ा गई है। ऐसे में अवैध पेयजल कनेक्शन भी पेयजल आपूर्ति में बड़ी अड़चन बने हैं। अधिकतर अवैध पेयजल कनेक्शन बूस्टर की मुख्य 10 व 12 इंची की पाइप लाइनों में किए गए हैं। इससे की इन अवैध कनेक्शनों पर जलसंकट का भी कोई असर नहीं है। क्योंकि इन अवैध पेयजल कनेक्शनों से किसी भी समय बूस्टर की मुख्य लाइन से पानी मोटरों के जरिये खिंचा जा सकता है। वहीं बूस्टर से छोटी लाइनों में टेल के घरों तक पीने के पानी की बूंद तक नहीं पहुंच रही है। ये हालत तो तब है जब खुद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी अवैध कनेक्शनों की बात को कबूल कर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि जब भी अधिकारी कनेक्शन काटने की तैयारी करते हैं तो राजनीतिक दबाव भी हावी हो जाता है। ऐसे में जिला प्रशासन और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने भी अवैध पेयजल कनेक्शनों पर कार्रवाई का मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
वैध कनेक्शनों में पानी तो नहीं आया, पर भारी भरकम बिल आया
अवैध कनेक्शनों के जरिये अधिकतर लोग मुफ्त का पानी गटक रहे हैं। जिन लोगों के घरों में वैध पेयजल कनेक्शन हैं, उनके नलों में पानी तो नहीं आ रहा है, लेकिन अब उनके घर पानी का भारी भरकम बिल जरूर पहुंच रहा है। जिसे देखकर लोगों को भी पसीना आ रहा है। लोगों का कहना है कि पानी का बिल नियमित भुगतान करते हैं, इसके बावजूद उन्हें पीने का स्वच्छ पानी भी नहीं मिल रहा है।
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बृजवासी कॉलोनी के 50 से अधिक घरों तक नहीं हो रही पेयजल आपूर्ति
बृजवासी कॉलोनी के 50 से अधिक घरों तक पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि डाबर जलघर के एमसी कॉलोनी बूस्टर से उनकी कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति आ रही है, लेकिन कुछ लोगों ने मुख्य बूस्टर की लाइन में ही अवैध पेयजल कनेक्शन किए हैं, जिसकी वजह से उनके घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। राशनिंग के बावजूद उन्हें पानी नहीं मिल रहा है।
सीएम विंडो में दी शिकायत, नहीं आया फिर भी नलों में पानी
आंबेडकर कॉलोनी में भी जलसंकट बना है। यहां के निवासी भूप सिंह का कहना है कि उनके कॉलोनी के अधिकांश घरों में पानी नहीं आ रहा है। उन्होंने सीएम विंडो में भी शिकायत दर्ज कराई और अधिकारियों से भी अनुरोध किया, मगर कॉलोनी में पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। पीने के पानी की जरूरतों के लिए महिलाएं दूर दराज से पानी लाकर काम चलाती हैं।
एक ही संस्थानों में ले रखे हैं दो-दो पेयजल कनेक्शन
शहर में काफी निजी संस्थान ऐसे भी हैं जिनमें एक नहीं बल्कि दो-दो पेयजल कनेक्शन ले रखे हैं। नियम के अनुसार किसी भी संस्थान में एक ही पेयजल कनेक्शन लिया जा सकता है। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर बिना अनुमति के ही दो-दो कनेक्शन धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिनकी जांच करने वाला भी कोई नहीं है।
सिफारिशों से मिल रहे पानी के टैंकर, कैंपर की डिमांड बढ़ी
शहर में लोगों को सिफारिशों से पानी के टैंकर मिल रहे हैं। जबकि जहां जरूरत है वहां पानी के टैंकर तक नहीं पहुंच रहे हैं। प्राइवेट टैंकर मालिक भी जल संकट में खूब चांदी कूट रहे हैं। वहीं शहर में कैंपरों की डिमांड भी अचानक बढ़ गई है। कैंपर संचालक बढ़ी हुई डिमांड को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। जनस्वास्थ्य विभाग रोजाना 70 से 80 पानी के टैंकर बाहरी कॉलोनियों में भेज रहा है। जिससे भी बात नहीं बन रही है।
गर्मी के मौसम में पानी की डिमांड बढ़ी है, मगर इस बार कम नहरी पानी की वजह से दिक्कत आ रही है। हमारा प्रयास है कि एक दिन छोड़ एक दिन की राशनिंग के बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी मिले। इसके लिए लोगों से भी बेवजह पानी बर्बाद नहीं किए जाने का अनुरोध कर रहे हैं। संबंधित कर्मचारियों को भी लाइनों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
-प्रमोद कुमार, कार्यकारी अभियंता, शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
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भिवानी शहर में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आंकड़ों की बात करें तो भिवानी जिले में एक लाख 96 हजार 834 अवैध पेयजल कनेक्शन हैं, जबकि शहरी दायरे में 42 हजार 824 कनेक्शन हैं। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में एक लाख 54 हजार अवैध कनेक्शन हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की पेयजल आपूर्ति गर्मी की दस्तक के साथ ही गड़बड़ा गई है। ऐसे में अवैध पेयजल कनेक्शन भी पेयजल आपूर्ति में बड़ी अड़चन बने हैं। अधिकतर अवैध पेयजल कनेक्शन बूस्टर की मुख्य 10 व 12 इंची की पाइप लाइनों में किए गए हैं। इससे की इन अवैध कनेक्शनों पर जलसंकट का भी कोई असर नहीं है। क्योंकि इन अवैध पेयजल कनेक्शनों से किसी भी समय बूस्टर की मुख्य लाइन से पानी मोटरों के जरिये खिंचा जा सकता है। वहीं बूस्टर से छोटी लाइनों में टेल के घरों तक पीने के पानी की बूंद तक नहीं पहुंच रही है। ये हालत तो तब है जब खुद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी अवैध कनेक्शनों की बात को कबूल कर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि जब भी अधिकारी कनेक्शन काटने की तैयारी करते हैं तो राजनीतिक दबाव भी हावी हो जाता है। ऐसे में जिला प्रशासन और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने भी अवैध पेयजल कनेक्शनों पर कार्रवाई का मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
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वैध कनेक्शनों में पानी तो नहीं आया, पर भारी भरकम बिल आया
अवैध कनेक्शनों के जरिये अधिकतर लोग मुफ्त का पानी गटक रहे हैं। जिन लोगों के घरों में वैध पेयजल कनेक्शन हैं, उनके नलों में पानी तो नहीं आ रहा है, लेकिन अब उनके घर पानी का भारी भरकम बिल जरूर पहुंच रहा है। जिसे देखकर लोगों को भी पसीना आ रहा है। लोगों का कहना है कि पानी का बिल नियमित भुगतान करते हैं, इसके बावजूद उन्हें पीने का स्वच्छ पानी भी नहीं मिल रहा है।
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बृजवासी कॉलोनी के 50 से अधिक घरों तक नहीं हो रही पेयजल आपूर्ति
बृजवासी कॉलोनी के 50 से अधिक घरों तक पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि डाबर जलघर के एमसी कॉलोनी बूस्टर से उनकी कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति आ रही है, लेकिन कुछ लोगों ने मुख्य बूस्टर की लाइन में ही अवैध पेयजल कनेक्शन किए हैं, जिसकी वजह से उनके घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। राशनिंग के बावजूद उन्हें पानी नहीं मिल रहा है।
सीएम विंडो में दी शिकायत, नहीं आया फिर भी नलों में पानी
आंबेडकर कॉलोनी में भी जलसंकट बना है। यहां के निवासी भूप सिंह का कहना है कि उनके कॉलोनी के अधिकांश घरों में पानी नहीं आ रहा है। उन्होंने सीएम विंडो में भी शिकायत दर्ज कराई और अधिकारियों से भी अनुरोध किया, मगर कॉलोनी में पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। पीने के पानी की जरूरतों के लिए महिलाएं दूर दराज से पानी लाकर काम चलाती हैं।
एक ही संस्थानों में ले रखे हैं दो-दो पेयजल कनेक्शन
शहर में काफी निजी संस्थान ऐसे भी हैं जिनमें एक नहीं बल्कि दो-दो पेयजल कनेक्शन ले रखे हैं। नियम के अनुसार किसी भी संस्थान में एक ही पेयजल कनेक्शन लिया जा सकता है। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर बिना अनुमति के ही दो-दो कनेक्शन धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिनकी जांच करने वाला भी कोई नहीं है।
सिफारिशों से मिल रहे पानी के टैंकर, कैंपर की डिमांड बढ़ी
शहर में लोगों को सिफारिशों से पानी के टैंकर मिल रहे हैं। जबकि जहां जरूरत है वहां पानी के टैंकर तक नहीं पहुंच रहे हैं। प्राइवेट टैंकर मालिक भी जल संकट में खूब चांदी कूट रहे हैं। वहीं शहर में कैंपरों की डिमांड भी अचानक बढ़ गई है। कैंपर संचालक बढ़ी हुई डिमांड को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। जनस्वास्थ्य विभाग रोजाना 70 से 80 पानी के टैंकर बाहरी कॉलोनियों में भेज रहा है। जिससे भी बात नहीं बन रही है।
गर्मी के मौसम में पानी की डिमांड बढ़ी है, मगर इस बार कम नहरी पानी की वजह से दिक्कत आ रही है। हमारा प्रयास है कि एक दिन छोड़ एक दिन की राशनिंग के बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी मिले। इसके लिए लोगों से भी बेवजह पानी बर्बाद नहीं किए जाने का अनुरोध कर रहे हैं। संबंधित कर्मचारियों को भी लाइनों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
-प्रमोद कुमार, कार्यकारी अभियंता, शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।