फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   If the demands are not met, the cleanliness of the city will be stalled : Danav

मांगें पूरी नहीं हुई तो शहर की सफाई व्यवस्था की जाएगी ठप : दानव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 12:47 AM IST
विज्ञापन
If the demands are not met, the cleanliness of the city will be stalled : Danav
अपनी मांगों को लेकर नगर परिषद कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारी सरकार के खिलाफ नारेबा? - फोटो : Bhiwani
भिवानी। अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर से सफाई कर्मचारियों ने नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले बुधवार को रोष जताया। मांगें पूरी न किए जाने के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के नाम अपनी मांगों का एक मांग पत्र भी सौंपा। वहीं मांगें पूरी नहीं होने पर सफाई व्यवस्था ठप करने की चेतावनी
विज्ञापन

धरने पर नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि शहर को साफ-सुथरा रखने वाले सफाई कर्मचारी काफी लंबे समय से अपनी मांगों को संघर्षरत हैं, लेकिन उनकी कही कोई सुनवाई नहीं की जा रही। उन्हें बार-बार सिर्फ झूठे आश्वासन देकर बरगला दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जिन सफाई कर्मचारियों को कोरोना योद्धा का खिताब मिला था, आज वे ही कोरोना योद्धा सड़कों पर बैठकर अपना हक मांग रहे हैं। कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों की मांगों की आज अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो सफाई कर्मचारी प्रदेश भर में सफाई व्यवस्था ठप कर देंगे। पुरुषोत्तम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इनकी मांगें पिछले वर्ष 25 अप्रैल व 17 अगस्त को मानी थी, लेकिन एक वर्ष से भी अधिक का समय बीत जाने के बाद भी आज तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ उनकी कोरोना से मरने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहातया देने व नियमित रोजगार देने, चार हजार रुपये जोखिम भत्ता देने, हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग कर दो वर्षों के अनुभव के आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति करने, ईपीएफ व ईएसआई की काटी गई राशि कर्मचारियों के खातों में जमा करने, क्षेत्रफल व आबादी के अनुपात में नए पद सृजित करने, नियमित भर्ती करने, सफाई कर्मचारियों व फायर कर्मचारियों की तर्ज पर अन्य सभी तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को ठेका प्रथा से मुक्त कर विभाग के रोल पर करने, लिपिक वर्गीय कर्मचारियों का 35 हजार 400 रुपये का स्केल लागू करने, ठोस कचरा निस्तारण डोर-टू-डोर बंद करने और डोर-टू-डोर के कर्मचारियों को पालिका, परिषदों व निगमों का कर्मचारी घोषित करने की मांगों को लेकर वे संघर्षरत हैं। इस अवसर पर सुरेश कुमार, कुलबीर, तेजपाल, मनीष, जोनी, दारा, सुभाष, प्रेम, विक्की, शेर सिंह कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed