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बच्चे में टीबी के लक्षण दिखें, तो तुरंत कराएं जांच : डॉ. एकता
Fri, 28 Mar 2025 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 28 Mar 2025 11:14 PM IST
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भिवानी। चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल में विश्व हेल्थ पार्टनर संस्था की तरफ से शुक्रवार को एक दिवसीय टीबी गाइडलाइन ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान जिलास्तरीय ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर, ब्लॉकस्तरीय चाइल्ड हेल्थ स्टेक होल्डर जीरो से 14 वर्ष तक के बच्चों में होने वाली टीबी जागरूकता कार्यक्रम हुआ।
इसमें मुख्य रूप से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य, उप सिविल सर्जन डॉ. सुमन विश्वकर्मा पहुंचे। इस मौके पर डॉ. एकता ने बताया कि बच्चों में टीबी के सामान्य लक्षणों में लगातार खांसी, वजन कम होना, बुखार आना, रात में पसीना आना और भूख न लगना शामिल है। उन्होंने बताया कि अगर बच्चे में टीबी के लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करानी चाहिए।
इस दौरान सरकार की ओर से टीबी के मुफ्त इलाज और पोषण सहायता की भी जानकारी दी गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुमन ने जिले में चल रही सभी टीबी संबंधित कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य देश को टीबी मुक्त बनाना है, जिसके तहत टीबी उन्मूलन के प्रयास किए जा रहे हैं।
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निक्षय पोषण योजना जैसे कार्यक्रमों के तहत रोगियों को पोषण सहायता दी जाती है। वहीं सरकारी व निजी अस्पतालों में टीबी का ईलाज भी पूरी तरह से निशुल्क है। कार्यक्रम के दौरान आरबीएस, आरकेएस, डब्ल्यूसीडी, आशा कोऑर्डिनेटर को रैफरल कोड के क्यू आर कोड के बारे में भी जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि यदि किसी 0 से 14 साल के बच्चे को टीबी के लक्षण है तो वे इस बार कोड को स्कैन कर बच्चे को अपने नजदीकी अस्पताल में रैफर करने की जानकारी मिलेगी। जागरूकता कार्यक्रम में डब्ल्यूएचपी से अखिलेश व अमिताभ, कृष्ण, डब्ल्यूएचओ से डॉ. अमन सचदेवा भी मौजूद रहे।
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इसमें मुख्य रूप से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य, उप सिविल सर्जन डॉ. सुमन विश्वकर्मा पहुंचे। इस मौके पर डॉ. एकता ने बताया कि बच्चों में टीबी के सामान्य लक्षणों में लगातार खांसी, वजन कम होना, बुखार आना, रात में पसीना आना और भूख न लगना शामिल है। उन्होंने बताया कि अगर बच्चे में टीबी के लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करानी चाहिए।
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इस दौरान सरकार की ओर से टीबी के मुफ्त इलाज और पोषण सहायता की भी जानकारी दी गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुमन ने जिले में चल रही सभी टीबी संबंधित कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य देश को टीबी मुक्त बनाना है, जिसके तहत टीबी उन्मूलन के प्रयास किए जा रहे हैं।
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निक्षय पोषण योजना जैसे कार्यक्रमों के तहत रोगियों को पोषण सहायता दी जाती है। वहीं सरकारी व निजी अस्पतालों में टीबी का ईलाज भी पूरी तरह से निशुल्क है। कार्यक्रम के दौरान आरबीएस, आरकेएस, डब्ल्यूसीडी, आशा कोऑर्डिनेटर को रैफरल कोड के क्यू आर कोड के बारे में भी जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि यदि किसी 0 से 14 साल के बच्चे को टीबी के लक्षण है तो वे इस बार कोड को स्कैन कर बच्चे को अपने नजदीकी अस्पताल में रैफर करने की जानकारी मिलेगी। जागरूकता कार्यक्रम में डब्ल्यूएचपी से अखिलेश व अमिताभ, कृष्ण, डब्ल्यूएचओ से डॉ. अमन सचदेवा भी मौजूद रहे।