{"_id":"6242169fd5df5e000a449a2c","slug":"if-caught-copying-then-the-examination-will-have-to-be-given-on-the-old-method-bhiwani-news-hsr6277399113","type":"story","status":"publish","title_hn":"नकल करते पकड़े गए तो पुरानी पद्धति पर देनी होगी परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नकल करते पकड़े गए तो पुरानी पद्धति पर देनी होगी परीक्षा
विज्ञापन
हरियाणा विद्यालय शिक्षाबोर्ड कार्यालय। संवाद
- फोटो : Bhiwani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिव कुमार
भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड उन विद्यार्थियों की परीक्षा पुरानी पद्धति (सब्जेक्टिव प्रश्न) से लेगा जो नकल करते हुए पकड़ जाएंगे या इस आधार पर उनकी परीक्षा रद्द होगी। ऐसे विद्यार्थियों को वैकल्पिक प्रश्नों का विकल्प नहीं मिलेगा।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 30 मार्च से सीनियर सेकेंडरी और 31 मार्च से सेकेंडरी की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। प्रदेशभर में 1547 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें छह लाख 68 हजार 589 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। कोरोना संक्रमण के कारण पढ़ाई बाधित हुई थी। इसलिए बोर्ड ने 30 फीसदी तक पाठ्यक्रम कम किया है। अब 70 फीसदी पाठ्यक्रम से ही 40 अंक के सब्जेक्टिव और 40 अंक के ऑब्जेक्टिव प्रश्न दिए जाएंगे। 20 अंक इंटरनल असेसमेंट के रहेंगे।
372 उड़नदस्ते रोकेंगे नकल
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने नकल रोकने के लिए 372 उड़नदस्ते नियुक्त किए हैं, जो परीक्षाओं में लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा बोर्ड स्तर पर चेयरमैन फ्लाइंग, सचिव फ्लाइंग, उपाध्यक्ष फ्लाइंग रहेगी तो जिलास्तर पर उपायुक्त उड़नदस्ता, एसडीएम उड़नदस्ता, जिला शिक्षा अधिकारी उड़नदस्ता भी रहेगा।
विज्ञापन
उत्तर पुस्तिका पर क्यूआर कोड
किसी अन्य की जगह परीक्षा देते पकड़े जाने वालों के खिलाफ हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड पहले ही सख्त है। प्रतिरूपण का केस दर्ज होने पर परीक्षार्थी पर एक से तीन साल तक का प्रतिबंध लगाया हुआ है। पुलिस एफआईआर भी दर्ज करवाई जाती है। कोरोना काल से पहले प्रतिरूपण के केसों में काफी इजाफा हुआ था। इसी कारण उत्तरपुस्तिका पर क्यूआर कोड सिस्टम भी लागू किया है। नकल में सहयोग करने वाले परीक्षा केंद्र स्टाफ पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
372 उड़नदस्ते बनाए हैं
नकल पर नकेल के लिए काफी तैयारी की है। 372 उड़नदस्ते बनाए गए हैं। बोर्ड चेयरमैन, सचिव, वाइस चेयरमैन, उपायुक्त, एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी के उड़नदस्ते अलग से रहेंगे। इस बार अगर नकलची पकड़े जाते है या परीक्षा रद्द होती है तो उनके लिए नई व्यवस्था की है। उन्हें दोबारा परीक्षा में सिर्फ सब्जेक्टिव विकल्प ही दिया जाएगा। ऑब्जेक्टिव का प्रावधान नहीं रहेगा।
- प्रो. जगबीर सिंह, चेयरमैन, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड।
विज्ञापन
भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड उन विद्यार्थियों की परीक्षा पुरानी पद्धति (सब्जेक्टिव प्रश्न) से लेगा जो नकल करते हुए पकड़ जाएंगे या इस आधार पर उनकी परीक्षा रद्द होगी। ऐसे विद्यार्थियों को वैकल्पिक प्रश्नों का विकल्प नहीं मिलेगा।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 30 मार्च से सीनियर सेकेंडरी और 31 मार्च से सेकेंडरी की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। प्रदेशभर में 1547 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें छह लाख 68 हजार 589 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। कोरोना संक्रमण के कारण पढ़ाई बाधित हुई थी। इसलिए बोर्ड ने 30 फीसदी तक पाठ्यक्रम कम किया है। अब 70 फीसदी पाठ्यक्रम से ही 40 अंक के सब्जेक्टिव और 40 अंक के ऑब्जेक्टिव प्रश्न दिए जाएंगे। 20 अंक इंटरनल असेसमेंट के रहेंगे।
विज्ञापन
372 उड़नदस्ते रोकेंगे नकल
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने नकल रोकने के लिए 372 उड़नदस्ते नियुक्त किए हैं, जो परीक्षाओं में लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा बोर्ड स्तर पर चेयरमैन फ्लाइंग, सचिव फ्लाइंग, उपाध्यक्ष फ्लाइंग रहेगी तो जिलास्तर पर उपायुक्त उड़नदस्ता, एसडीएम उड़नदस्ता, जिला शिक्षा अधिकारी उड़नदस्ता भी रहेगा।
विज्ञापन
उत्तर पुस्तिका पर क्यूआर कोड
किसी अन्य की जगह परीक्षा देते पकड़े जाने वालों के खिलाफ हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड पहले ही सख्त है। प्रतिरूपण का केस दर्ज होने पर परीक्षार्थी पर एक से तीन साल तक का प्रतिबंध लगाया हुआ है। पुलिस एफआईआर भी दर्ज करवाई जाती है। कोरोना काल से पहले प्रतिरूपण के केसों में काफी इजाफा हुआ था। इसी कारण उत्तरपुस्तिका पर क्यूआर कोड सिस्टम भी लागू किया है। नकल में सहयोग करने वाले परीक्षा केंद्र स्टाफ पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
372 उड़नदस्ते बनाए हैं
नकल पर नकेल के लिए काफी तैयारी की है। 372 उड़नदस्ते बनाए गए हैं। बोर्ड चेयरमैन, सचिव, वाइस चेयरमैन, उपायुक्त, एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी के उड़नदस्ते अलग से रहेंगे। इस बार अगर नकलची पकड़े जाते है या परीक्षा रद्द होती है तो उनके लिए नई व्यवस्था की है। उन्हें दोबारा परीक्षा में सिर्फ सब्जेक्टिव विकल्प ही दिया जाएगा। ऑब्जेक्टिव का प्रावधान नहीं रहेगा।
- प्रो. जगबीर सिंह, चेयरमैन, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड।