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कैसे स्वच्छ होगा शहर, नए संसाधन बिना इस्तेमाल हुए कबाड़, पुराने भी दे गए जवाब
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01 फोटो अग्निशमन विभाग में खड़े नए टिपर ऑटो जो हो रहे कंडम। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। शहर में सफाई और कूड़ा उठान के लिए नगर परिषद में नए संसाधन बिना इस्तेमाल के ही कबाड़ हो गए हैं। जबकि पुराने संसाधन भी धीरे-धीरे जवाब दे चुके हैं। शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए दिसंबर में सीएम घोषणा फंड से 15 नए टीपर ऑटो खरीदे गए थे, लेकिन पिछले सात माह से ये टीपर ऑटो एक जगह से हिले तक नहीं हैं। जिसकी वजह से इनके टायर और बैटरी कंडम हो गई है। वहीं लंबे अर्से से इन्हें स्टार्ट नहीं किए जाने की वजह से इंजन सीज होने का खतरा भी बना हुआ है।
देखरेख के अभाव में जंग खा चुके नए टीपर ऑटो चालक भर्ती के इंतजार में खड़े-खड़े खत्म हो रहे हैं। इसके इतर दूसरी तरफ संसाधन होने के बावजूद शहर के अधिकतर हिस्से में डोर टू डोर कूड़ा उठान भी नहीं हो रहा है। शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। ग्रीन बेल्ट के पास भी कूड़े के ढेर लगे हैं। शहर के 31 वार्डों में सिर्फ 16 टीपर ऑटो ही नप के पास हैं, मगर इनमें भी तीन से चार टीपर ऑटो मिस्त्री के पास वर्कशॉप में हैं।
भिवानी नगर परिषद के पास 143 नियमित और 158 अनुबंधित कर्मचारी हैं। इसके अलावा सफाई ठेकेदार के भी 50 से अधिक सफाई के लिए अलग से कारिंदे लगाए गए हैं। नप सफाई कर्मचारियों के इस अमले के अलावा शहर में करीब 35 से अधिक कूड़ा प्वाइंट भी निर्धारित किए हुए हैं। जिन पर करीब 55 से अधिक बड़े डस्टबीन रखे हुए हैं। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी वार्डों में साफ सफाई करते हैं। घरों से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे के लिए डोर टू डोर कलेक्शन टीपर ऑटो से हो रहा है। फिलहाल 16 टीपर ऑटो ही काम पर लगे हैं। जबकि शहर में 31 वार्ड हैं। एक वार्ड में एक टीपर ऑटो जरूर लगे इसके लिए मुख्यमंत्री घोषणा के बजट से 15 नए टीपर ऑटो दिसंबर 2021 में खरीदे गए थे। ये नए टीपर ऑटो खरीद के बाद जिला दमकल विभाग कार्यालय के एक कोने में खड़े कर दिए गए। जिसके बाद से इन्हें न तो यहां से हिलाया गया न इन्हें एक बार भी स्टार्ट किया गया। जिसका नुकसान यह हुआ कि इन टीपर ऑटो में लगी बैटरी खत्म हो गई और टायर भी इस्तेमाल बिना ही कंडम हो गए हैं। कोई भी डीजल वाहन अगर एक सप्ताह से अधिक समय से स्टार्ट नहीं किया जाता है तो फिर उसके सीज यानी जाम होने का खतरा भी बना रहता है। इस बात की भी अब कोई गारंटी नहीं है कि ये नए टीपर ऑटो एक बार चाबी घुमाने से स्टार्ट होंगे या नहीं। संवाद
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दोनों माजदा लिफ्टर मशीन भी हुई खराब, कूड़ा उठान ठप
शहर के सभी निर्धारित कचरा प्वाइंटों से कूड़े से भरे बड़े डस्टबीन को माजदा लिफ्टर मशीन से उठाकर उन्हें दादरी रोड पर स्थित डंपिंग स्टेशन तक ले जाया जाता है। नगर परिषद के पास दो माजदा लिफ्टर गाड़ी हैं। ये दोनों भी अब खराब हो चुकी है। जिसकी वजह से भारी भरकम कूड़े से भरे डस्टबीन भी खाली नहीं हो रहे हैं। पिछले तीन दिन से कूड़ा प्वाइंटों पर कचरे के ढेर भी बढ़ रहे हैं।
जेसीबी एक माह से खराब होकर नप कार्यालय में खड़ी
नगर परिषद के पास लिफ्टर मशीनों के अलावा जेसीबी भी है, जिसका इस्तेमाल कचरे को उठाने में किया जाता है। मगर जेसीबी भी एक माह से नप कार्यालय में ही खराब खड़ी है। साफ सफाई में इस्तेमाल होने वाले उपकरण खराब होने से शहर की स्वच्छता को भी ग्रहण लग रहा है।
नए चालक भर्ती की अटकी प्रक्रिया
नप में 15 नए टीपर ऑटो दिसंबर से खड़े हैं। इन्हें चलाने के लिए नए चालक भर्ती होने हैं। नगर परिषद की पुरानी कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त हो गया था। जिसकी वजह से नए चालक भर्ती नहीं हो सके। इसके बाद नप चुनावों की वजह से ये मामला ठंडा पड़ गया। अब नई कार्यकारिणी ने कार्यभार नहीं संभाला है। चालक भर्ती की फाइल कार्यालय में पड़ी धूल फांक रही है। हालांकि नए चालक लगाने की अनुमति शहरी निकाय मुख्यालय से ले ली गई थी, मगर अभी तक यह प्रक्रिया अटकी पड़ी है।
वर्जन
पुराने शहर में फिलहाल 16 टीपर ऑटो से डोर टू डोर कूड़े का उठान कराया जा रहा है। हमारे पास 15 नए टीपर ऑटो भी हैं। चालक भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही इन नए टीपर ऑटो को भी शहर में डोर टू डोर सूखा और गीला कचरा उठान के काम पर लगाया जाएगा। लिफ्टर मशीन व जेसीबी को भी जल्द दुरुस्त कराकर काम पर लगाएंगे।
- अंकुश पाराशर, सचिव, नगर परिषद भिवानी।
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देखरेख के अभाव में जंग खा चुके नए टीपर ऑटो चालक भर्ती के इंतजार में खड़े-खड़े खत्म हो रहे हैं। इसके इतर दूसरी तरफ संसाधन होने के बावजूद शहर के अधिकतर हिस्से में डोर टू डोर कूड़ा उठान भी नहीं हो रहा है। शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। ग्रीन बेल्ट के पास भी कूड़े के ढेर लगे हैं। शहर के 31 वार्डों में सिर्फ 16 टीपर ऑटो ही नप के पास हैं, मगर इनमें भी तीन से चार टीपर ऑटो मिस्त्री के पास वर्कशॉप में हैं।
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भिवानी नगर परिषद के पास 143 नियमित और 158 अनुबंधित कर्मचारी हैं। इसके अलावा सफाई ठेकेदार के भी 50 से अधिक सफाई के लिए अलग से कारिंदे लगाए गए हैं। नप सफाई कर्मचारियों के इस अमले के अलावा शहर में करीब 35 से अधिक कूड़ा प्वाइंट भी निर्धारित किए हुए हैं। जिन पर करीब 55 से अधिक बड़े डस्टबीन रखे हुए हैं। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी वार्डों में साफ सफाई करते हैं। घरों से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे के लिए डोर टू डोर कलेक्शन टीपर ऑटो से हो रहा है। फिलहाल 16 टीपर ऑटो ही काम पर लगे हैं। जबकि शहर में 31 वार्ड हैं। एक वार्ड में एक टीपर ऑटो जरूर लगे इसके लिए मुख्यमंत्री घोषणा के बजट से 15 नए टीपर ऑटो दिसंबर 2021 में खरीदे गए थे। ये नए टीपर ऑटो खरीद के बाद जिला दमकल विभाग कार्यालय के एक कोने में खड़े कर दिए गए। जिसके बाद से इन्हें न तो यहां से हिलाया गया न इन्हें एक बार भी स्टार्ट किया गया। जिसका नुकसान यह हुआ कि इन टीपर ऑटो में लगी बैटरी खत्म हो गई और टायर भी इस्तेमाल बिना ही कंडम हो गए हैं। कोई भी डीजल वाहन अगर एक सप्ताह से अधिक समय से स्टार्ट नहीं किया जाता है तो फिर उसके सीज यानी जाम होने का खतरा भी बना रहता है। इस बात की भी अब कोई गारंटी नहीं है कि ये नए टीपर ऑटो एक बार चाबी घुमाने से स्टार्ट होंगे या नहीं। संवाद
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दोनों माजदा लिफ्टर मशीन भी हुई खराब, कूड़ा उठान ठप
शहर के सभी निर्धारित कचरा प्वाइंटों से कूड़े से भरे बड़े डस्टबीन को माजदा लिफ्टर मशीन से उठाकर उन्हें दादरी रोड पर स्थित डंपिंग स्टेशन तक ले जाया जाता है। नगर परिषद के पास दो माजदा लिफ्टर गाड़ी हैं। ये दोनों भी अब खराब हो चुकी है। जिसकी वजह से भारी भरकम कूड़े से भरे डस्टबीन भी खाली नहीं हो रहे हैं। पिछले तीन दिन से कूड़ा प्वाइंटों पर कचरे के ढेर भी बढ़ रहे हैं।
जेसीबी एक माह से खराब होकर नप कार्यालय में खड़ी
नगर परिषद के पास लिफ्टर मशीनों के अलावा जेसीबी भी है, जिसका इस्तेमाल कचरे को उठाने में किया जाता है। मगर जेसीबी भी एक माह से नप कार्यालय में ही खराब खड़ी है। साफ सफाई में इस्तेमाल होने वाले उपकरण खराब होने से शहर की स्वच्छता को भी ग्रहण लग रहा है।
नए चालक भर्ती की अटकी प्रक्रिया
नप में 15 नए टीपर ऑटो दिसंबर से खड़े हैं। इन्हें चलाने के लिए नए चालक भर्ती होने हैं। नगर परिषद की पुरानी कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त हो गया था। जिसकी वजह से नए चालक भर्ती नहीं हो सके। इसके बाद नप चुनावों की वजह से ये मामला ठंडा पड़ गया। अब नई कार्यकारिणी ने कार्यभार नहीं संभाला है। चालक भर्ती की फाइल कार्यालय में पड़ी धूल फांक रही है। हालांकि नए चालक लगाने की अनुमति शहरी निकाय मुख्यालय से ले ली गई थी, मगर अभी तक यह प्रक्रिया अटकी पड़ी है।
वर्जन
पुराने शहर में फिलहाल 16 टीपर ऑटो से डोर टू डोर कूड़े का उठान कराया जा रहा है। हमारे पास 15 नए टीपर ऑटो भी हैं। चालक भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही इन नए टीपर ऑटो को भी शहर में डोर टू डोर सूखा और गीला कचरा उठान के काम पर लगाया जाएगा। लिफ्टर मशीन व जेसीबी को भी जल्द दुरुस्त कराकर काम पर लगाएंगे।
- अंकुश पाराशर, सचिव, नगर परिषद भिवानी।