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Bhiwani News: ढाई घंटे रही अस्पताल की बत्ती गुल, खुले में ओपीडी लगाकर चिकित्सकों ने जांचे मरीज
Thu, 04 Jul 2024 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 04 Jul 2024 01:13 AM IST
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नागरिक अस्पताल की ओपीडी में लाइट जाने के बाद का दृश्य।
भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल में बुधवार को करीब ढाई घंटे तक चिकित्सकों को खुले आसमान के नीचे अपनी ओपीडी लगानी पड़ी। वजह अस्पताल परिसर की बिजली गुल होना थी।
दरअसल, अस्पताल परिसर के समीप ही मेडिकल कॉलेज का काम चल रहा है। मेडिकल कॉलेज के लिए अलग से 33 केवी पावर सब स्टेशन तैयार किया जाना है। इसके लिए अलग से नए पोल लगाए जाने का काम निगम कर्मचारियों ने लाइन पर कट का परमिट लेकर किया। करीब ढाई घंटे तक नागरिक अस्पताल की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप रही।
ऐसे में अस्पताल की ओपीडी में आए मरीज भी उमस और अंधेरा छाने से दम घुटने के बाद बाहर की तरफ दौड़े। वहीं ओपीडी के अलावा एक्सरे और अल्ट्रासाउंड का काम भी बिजली गुल होते ही ठप हो गया। बिजली जाने के बाद जब कर्मचारी जनरेटर (डीजी सेट) चलाने लगे तो मुख्य तार में ही स्पार्किंग के साथ धमाका हो गया। इसके बाद जनरेटर भी ठप हो गया।
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जिला नागरिक अस्पताल में एक डीजी सेट से ही ओपीडी, माइनर ओटी और आपात विभाग जुड़ा है। इसके अलावा एक्सरे कक्ष और अल्ट्रासाउंड कक्ष सहित पीएमओ ऑफिस की बिजली आपूर्ति भी एक ही जनरेटर से जुड़ी है। जब भी लाइट जाती है तो अचानक ही अत्यधिक लोड डीजी सेट पर आता है। ऐसे में इसमें कई बार धमका हो जाता है और फिर ये भी लाइट जाते ही ठप हो जाता है।
बुधवार को भी इसी तरह की परिस्थिति बनी। वहीं ओपीडी में जुटे करीब साढ़े 1200 मरीजों में से कुछ चिकित्सकों ने तो अपनी ओपीडी खुले में लगाई। कमरा नंबर 20 के मेडिसन चिकित्सक की ओपीडी में खुले में ही मरीजों की जांच की गई। यहां महिला व पुरुष मरीजों का चिकित्सकों ने चेकअप कर उन्हें परामर्श देने के बाद दवाईयां लेने भेजा। वहीं अन्य चिकित्सकों की ओपीडी पर भी बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद असर पड़ा।
कई चिकित्सक तो बिजली आने के बाद ही ओपीडी में लौटे, इस दौरान अंधेरे और उमस से मरीजों का भी दम घुटने लगा। ओपीडी पूरी तरह से बंद होने की वजह से यहां जबरदस्त उमस बन रही है।
ओपीडी पर्ची व दवाइयों के काउंटरों पर भी पसीने से तरबतर रहे मरीज
ओपीडी में लाइट जाने के बाद ओपीडी पर्ची कटाने और दवाइयों के काउंटरों पर भी लंबी कतारों में मरीज घंटों तक पसीने से तरबतर रहे। यहां पर अत्यधिक भीड़ जुटती है। ऐसे में पंखे और लाइट बंद होने के बाद यहां मरीजों का दम घुटने लगा। ऐसे माहौल में कई मरीजों की तो हालत खराब हुई तो उन्हें खुली हवा में बाहर लाया गया।
मेडिकल कॉलेज के लिए अलग से 33 केवी सब स्टेशन के लिए नए पोल लगाने का काम चल रहा है। इसी को लेकर सुबह आठ से दस बजे तक पावर कट लिया था। कुछ चिकित्सकों की खुले में ओपीडी लगवाई गई, ताकि मरीजों को किसी तरह की दिक्कत न आए। इत्तफाक यह भी रहा कि लाइट जाने के दौरान ही डीजी सेट की मुख्य वायर में भी धमाका हो गया। इसे ठीक कराया जब तक लाइट भी आ चुकी थी।
- डॉ. दशरथ राव, कार्यवाहक प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।
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दरअसल, अस्पताल परिसर के समीप ही मेडिकल कॉलेज का काम चल रहा है। मेडिकल कॉलेज के लिए अलग से 33 केवी पावर सब स्टेशन तैयार किया जाना है। इसके लिए अलग से नए पोल लगाए जाने का काम निगम कर्मचारियों ने लाइन पर कट का परमिट लेकर किया। करीब ढाई घंटे तक नागरिक अस्पताल की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप रही।
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ऐसे में अस्पताल की ओपीडी में आए मरीज भी उमस और अंधेरा छाने से दम घुटने के बाद बाहर की तरफ दौड़े। वहीं ओपीडी के अलावा एक्सरे और अल्ट्रासाउंड का काम भी बिजली गुल होते ही ठप हो गया। बिजली जाने के बाद जब कर्मचारी जनरेटर (डीजी सेट) चलाने लगे तो मुख्य तार में ही स्पार्किंग के साथ धमाका हो गया। इसके बाद जनरेटर भी ठप हो गया।
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जिला नागरिक अस्पताल में एक डीजी सेट से ही ओपीडी, माइनर ओटी और आपात विभाग जुड़ा है। इसके अलावा एक्सरे कक्ष और अल्ट्रासाउंड कक्ष सहित पीएमओ ऑफिस की बिजली आपूर्ति भी एक ही जनरेटर से जुड़ी है। जब भी लाइट जाती है तो अचानक ही अत्यधिक लोड डीजी सेट पर आता है। ऐसे में इसमें कई बार धमका हो जाता है और फिर ये भी लाइट जाते ही ठप हो जाता है।
बुधवार को भी इसी तरह की परिस्थिति बनी। वहीं ओपीडी में जुटे करीब साढ़े 1200 मरीजों में से कुछ चिकित्सकों ने तो अपनी ओपीडी खुले में लगाई। कमरा नंबर 20 के मेडिसन चिकित्सक की ओपीडी में खुले में ही मरीजों की जांच की गई। यहां महिला व पुरुष मरीजों का चिकित्सकों ने चेकअप कर उन्हें परामर्श देने के बाद दवाईयां लेने भेजा। वहीं अन्य चिकित्सकों की ओपीडी पर भी बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद असर पड़ा।
कई चिकित्सक तो बिजली आने के बाद ही ओपीडी में लौटे, इस दौरान अंधेरे और उमस से मरीजों का भी दम घुटने लगा। ओपीडी पूरी तरह से बंद होने की वजह से यहां जबरदस्त उमस बन रही है।
ओपीडी पर्ची व दवाइयों के काउंटरों पर भी पसीने से तरबतर रहे मरीज
ओपीडी में लाइट जाने के बाद ओपीडी पर्ची कटाने और दवाइयों के काउंटरों पर भी लंबी कतारों में मरीज घंटों तक पसीने से तरबतर रहे। यहां पर अत्यधिक भीड़ जुटती है। ऐसे में पंखे और लाइट बंद होने के बाद यहां मरीजों का दम घुटने लगा। ऐसे माहौल में कई मरीजों की तो हालत खराब हुई तो उन्हें खुली हवा में बाहर लाया गया।
मेडिकल कॉलेज के लिए अलग से 33 केवी सब स्टेशन के लिए नए पोल लगाने का काम चल रहा है। इसी को लेकर सुबह आठ से दस बजे तक पावर कट लिया था। कुछ चिकित्सकों की खुले में ओपीडी लगवाई गई, ताकि मरीजों को किसी तरह की दिक्कत न आए। इत्तफाक यह भी रहा कि लाइट जाने के दौरान ही डीजी सेट की मुख्य वायर में भी धमाका हो गया। इसे ठीक कराया जब तक लाइट भी आ चुकी थी।
- डॉ. दशरथ राव, कार्यवाहक प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।