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डिस्पोजल में फाल्ट, दो घंटे ओपीडी और इमरजेंसी में बत्ती गुल, मरीज परेशान
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26 बिजली गुल होने के कारण पर्ची का पंखा बना हवा करते हुए महिलाएं।
- फोटो : Bhiwani
सामान्य अस्पताल में बिजली फाल्ट से दो घंटे तक ओटी, इमरजेंसी और वार्डों में बत्ती गुल रही। जिससे मरीजों के साथ-साथ डॉक्टरों, अस्पताल कर्मचारियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। बिजली न रहने पर डॉक्टरों ने गैलरी में ही ओपीडी लगाकर मरीजों की जांच की। हालांकि बिजली आने के बाद मरीजों और चिकित्सकों को राहत मिली।
वीरवार सुबह करीब पौने नौ बजे सामान्य अस्पताल में बिजली सप्लाई में फाल्ट आने से परिसर की बत्ती गुल हो गई। अस्पताल की ओटी, ओपीडी के अलावा सिविल सर्जन दफ्तर में बिजली आपूर्ति बाधित रही। सूचना पर पहुंचे बिजली कर्मचारियों को फाल्ट को ठीक करने में दो घंटे से अधिक का समय लगा। इस दौरान अस्पताल के सभी भवनों की बत्ती गुल हो गई। दो घंटे बाद बिजली आई तो मरीजों और स्टाफ सदस्यों ने राहत की सांस ली।
अंधेरे में ओपीडी में बैठे मरीज
सुबह नौ बजे ओपीडी मरीजों से खचाखच भरा था। यहां रोशनदान की व्यवस्था न होने के कारण अंधेरा फैला रहा और लोग गर्मी के साथ सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए। ओपीडी में जेबकतरे भी सक्रिय है। पिछले महीने भर के दौरान करीब 15 से 20 लोग जेब कतरों का शिकार हो चुके है। ओपीडी में औसतन 1300 मरीज आते है जबकि वार्डों में भी 300 से अधिक मरीज भर्ती है। यहां करीब 150 स्टाफ कर्मचारी भी कार्यरत है।
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गैलरी में जांचे मरीज
बिजली गुल होने से गर्मी में परेशान महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता ने गेलरी में बैठकर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की। वहीं इमरजेंसी के चिकित्सक ने गर्मी में एसी नहीं होने से कार्य में आ रही परेशानी के बारे में प्रधान चिकित्सा अधिकारी को अवगत करवाया। प्रधान चिकित्सा अधिकारी ने बिजली आने पर एसी लगवाने का भी आश्वासन दिया।
सुबह पहले तो बिजली ट्रिप हुई और उसके बाद फाल्ट आने के कारण बिजली गुल हो गई। फाल्ट के कारण कहीं जनरेटर भी न जल जाए इस लिए जनरेटर भी नहीं चलाया। बिजली कर्मचारियों ने फाल्ट ठीक किया, तभी लाइट आई। इमरजेंसी में चिकित्सक ने एसी नहीं होने पर आ रही समस्या के बारे में बताया है। जिसका समाधान करवाया जाएगा।
डॉ. रवींद्र पूनिया, प्रधान चिकित्सा अधिकारी
नागरिक अस्पताल
अस्पताल की बिजली लाइन के डिस्पोजल में फाल्ट आ गया था। पैनल और सिटी जल गई थी। जंपर भी उड़ गए थे। जिसे ठीक कर दिया गया।
जिले सिंह, जेई
बिजली निगम
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वीरवार सुबह करीब पौने नौ बजे सामान्य अस्पताल में बिजली सप्लाई में फाल्ट आने से परिसर की बत्ती गुल हो गई। अस्पताल की ओटी, ओपीडी के अलावा सिविल सर्जन दफ्तर में बिजली आपूर्ति बाधित रही। सूचना पर पहुंचे बिजली कर्मचारियों को फाल्ट को ठीक करने में दो घंटे से अधिक का समय लगा। इस दौरान अस्पताल के सभी भवनों की बत्ती गुल हो गई। दो घंटे बाद बिजली आई तो मरीजों और स्टाफ सदस्यों ने राहत की सांस ली।
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अंधेरे में ओपीडी में बैठे मरीज
सुबह नौ बजे ओपीडी मरीजों से खचाखच भरा था। यहां रोशनदान की व्यवस्था न होने के कारण अंधेरा फैला रहा और लोग गर्मी के साथ सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए। ओपीडी में जेबकतरे भी सक्रिय है। पिछले महीने भर के दौरान करीब 15 से 20 लोग जेब कतरों का शिकार हो चुके है। ओपीडी में औसतन 1300 मरीज आते है जबकि वार्डों में भी 300 से अधिक मरीज भर्ती है। यहां करीब 150 स्टाफ कर्मचारी भी कार्यरत है।
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गैलरी में जांचे मरीज
बिजली गुल होने से गर्मी में परेशान महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता ने गेलरी में बैठकर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की। वहीं इमरजेंसी के चिकित्सक ने गर्मी में एसी नहीं होने से कार्य में आ रही परेशानी के बारे में प्रधान चिकित्सा अधिकारी को अवगत करवाया। प्रधान चिकित्सा अधिकारी ने बिजली आने पर एसी लगवाने का भी आश्वासन दिया।
सुबह पहले तो बिजली ट्रिप हुई और उसके बाद फाल्ट आने के कारण बिजली गुल हो गई। फाल्ट के कारण कहीं जनरेटर भी न जल जाए इस लिए जनरेटर भी नहीं चलाया। बिजली कर्मचारियों ने फाल्ट ठीक किया, तभी लाइट आई। इमरजेंसी में चिकित्सक ने एसी नहीं होने पर आ रही समस्या के बारे में बताया है। जिसका समाधान करवाया जाएगा।
डॉ. रवींद्र पूनिया, प्रधान चिकित्सा अधिकारी
नागरिक अस्पताल
अस्पताल की बिजली लाइन के डिस्पोजल में फाल्ट आ गया था। पैनल और सिटी जल गई थी। जंपर भी उड़ गए थे। जिसे ठीक कर दिया गया।
जिले सिंह, जेई
बिजली निगम