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Bhiwani News: सीबीएलयू में 11 साल बाद छात्राओं को रिहायशी सुविधा की जगी उम्मीद
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गांव प्रेमनगर में स्थित चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय का भवन।
भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की स्थापना के 11 साल बाद छात्राओं को रिहायशी सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है। दो अलग-अलग छात्रावास बनाए जाएंगे जिनसे करीब 400 छात्राओं को परिसर में रहने की सुविधा मिलेगी। विश्वविद्यालय के पहले छात्रावास के निर्माण के लिए पीएम उषा फंड से करीब साढ़े 12 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।
सीबीएलयू की इंजीनियरिंग विंग टेंडर प्रक्रिया पूरी कर चुकी है और इसका निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इस छात्रावास में करीब 160 छात्राओं के रहने की सुविधा होगी। फिलहाल छात्राओं को पीजी में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की स्थापना 2014 में हुई थी। शुरुआती दौर में सीबीएलयू की कक्षाएं सीमेंट कार्यालय और पुराने परिसर में लगती थीं। अब गांव प्रेमनगर में विश्वविद्यालय के दो खंड बनकर तैयार हैं और अधिकांश कक्षाओं का संचालन यहीं हो रहा है। पुराने परिसर को स्वर्ण जयंती कॉलेज में बदला जा चुका है जबकि वहां अब भी कुछ कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
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गांव प्रेमनगर स्थित दोनों खंडों में एक का इस्तेमाल प्रशासनिक खंड के तौर पर हो रहा है जबकि दूसरे में विद्यार्थियों की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति वर्ग की छात्राओं के लिए भी दूसरा छात्रावास बनाया जाएगा। इसकी क्षमता 240 छात्राओं को रिहायशी सुविधा देने की होगी। इसके निर्माण के लिए करीब 24 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ है।
एससी छात्राओं के लिए प्रस्तावित छात्रावास को पीएम अजय के तहत मंजूरी मिली है। इसके निर्माण की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है।
दोनों छात्रावास बनने के बाद करीब 400 छात्राओं को रिहायशी सुविधा मिल सकेगी। इससे दूसरे प्रांतों से भी अधिक छात्राओं के यहां शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंचने की उम्मीद है।
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सीबीएलयू की इंजीनियरिंग विंग टेंडर प्रक्रिया पूरी कर चुकी है और इसका निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इस छात्रावास में करीब 160 छात्राओं के रहने की सुविधा होगी। फिलहाल छात्राओं को पीजी में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की स्थापना 2014 में हुई थी। शुरुआती दौर में सीबीएलयू की कक्षाएं सीमेंट कार्यालय और पुराने परिसर में लगती थीं। अब गांव प्रेमनगर में विश्वविद्यालय के दो खंड बनकर तैयार हैं और अधिकांश कक्षाओं का संचालन यहीं हो रहा है। पुराने परिसर को स्वर्ण जयंती कॉलेज में बदला जा चुका है जबकि वहां अब भी कुछ कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
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गांव प्रेमनगर स्थित दोनों खंडों में एक का इस्तेमाल प्रशासनिक खंड के तौर पर हो रहा है जबकि दूसरे में विद्यार्थियों की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति वर्ग की छात्राओं के लिए भी दूसरा छात्रावास बनाया जाएगा। इसकी क्षमता 240 छात्राओं को रिहायशी सुविधा देने की होगी। इसके निर्माण के लिए करीब 24 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ है।
एससी छात्राओं के लिए प्रस्तावित छात्रावास को पीएम अजय के तहत मंजूरी मिली है। इसके निर्माण की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है।
दोनों छात्रावास बनने के बाद करीब 400 छात्राओं को रिहायशी सुविधा मिल सकेगी। इससे दूसरे प्रांतों से भी अधिक छात्राओं के यहां शिक्षा ग्रहण करने के लिए पहुंचने की उम्मीद है।