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Bhiwani News: यहां मरीज नहीं खुद अस्पताल ही हो गया बीमार, कैसे सुधरेगी व्यवस्था की सेहत
Mon, 11 Mar 2024 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 11 Mar 2024 12:15 AM IST
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भिवानी। जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज अपना इलाज की आस लेकर आते हैं वो अस्पताल खुद बीमार है। ऐसे में कैसे व्यवस्था की सेहत सुधरेगी। यह सवाल भी मरीजों के जहन में आ रहा है।
80 के दशक में बने भिवानी नागरिक अस्पताल की शुरूआत 300 बेड से हुई थी, जिसे बाद में 400 बेड तक कर दिया गया। करीब 45 साल पुराने अस्पताल के भवन पर अब तक करोड़ों का बजट खर्च हो चुका है। इसके जीर्णोद्धार के साथ-साथ कुछ जरूरी बदलाव भी किए गए हैं। अब मेडिकल कॉलेज बन चुका है। जिसके बाद यहां 700 बेड का अस्पताल बनाने की तैयारी हो गई है।
मगर बहुमंजिला अस्पताल के पुराने भवन के ऊपरी हिस्से इतने जर्जर हैं कि इनके अंदर खतरनाक ढंग से मोटी दरारें आ गई हैं कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। जिला नागरिक अस्पताल परिसर में सीएमओ आफिस और ओपीडी विभाग के साथ वार्डों की तरफ के भवन का ऊपरी हिस्सा जर्जरहाल और बड़ी दरारों से घिर गया है। अगर पांच मंजिला भवन की ऊंचाई से कोई मलबे का टुकड़ा टूटकर नीचे किसी पर गिरा तो उसके बचने की संभावना भी बहुत कम होगी।
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मधुमक्खी के छत्तों से भी बना है खतरा
पुराने अस्पताल भवन परिसर में मधुमक्खियों के छत्ते लगे हैं। जिन पर मंडरा रही मक्खियां जहरीले डंक से लैस हैं। ये छत्ते वार्डों की तरफ लगे हैं, जहां की खिड़कियों के साथ ही मरीजों के बेड भी हैं। हालांकि इन मधुमक्खियों से स्वास्थ्य विभाग प्रशासन कोई खतरा नहीं बता रहा है, मगर वार्डों में बंदर भी घुमते रहते हैं। अगर बंदरों ने इन छत्तों में हाथ डाल दिया तो फिर मक्खियों को काबू रख पाने की न तो कोई व्यवस्था है न कोई प्रबंध।
नागरिक अस्पताल परिसर में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा मरम्मत का काम किया जा रहा है। जिन हिस्सों में रिपेयरिंग या निर्माण कार्य की जरूरत हैं, उसी हिसाब से इस कार्य को भी कराया जा रहा है।
- डॉ एडमिन, प्रधान, चिकित्सा अधिकारी भिवानी।
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80 के दशक में बने भिवानी नागरिक अस्पताल की शुरूआत 300 बेड से हुई थी, जिसे बाद में 400 बेड तक कर दिया गया। करीब 45 साल पुराने अस्पताल के भवन पर अब तक करोड़ों का बजट खर्च हो चुका है। इसके जीर्णोद्धार के साथ-साथ कुछ जरूरी बदलाव भी किए गए हैं। अब मेडिकल कॉलेज बन चुका है। जिसके बाद यहां 700 बेड का अस्पताल बनाने की तैयारी हो गई है।
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मगर बहुमंजिला अस्पताल के पुराने भवन के ऊपरी हिस्से इतने जर्जर हैं कि इनके अंदर खतरनाक ढंग से मोटी दरारें आ गई हैं कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। जिला नागरिक अस्पताल परिसर में सीएमओ आफिस और ओपीडी विभाग के साथ वार्डों की तरफ के भवन का ऊपरी हिस्सा जर्जरहाल और बड़ी दरारों से घिर गया है। अगर पांच मंजिला भवन की ऊंचाई से कोई मलबे का टुकड़ा टूटकर नीचे किसी पर गिरा तो उसके बचने की संभावना भी बहुत कम होगी।
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मधुमक्खी के छत्तों से भी बना है खतरा
पुराने अस्पताल भवन परिसर में मधुमक्खियों के छत्ते लगे हैं। जिन पर मंडरा रही मक्खियां जहरीले डंक से लैस हैं। ये छत्ते वार्डों की तरफ लगे हैं, जहां की खिड़कियों के साथ ही मरीजों के बेड भी हैं। हालांकि इन मधुमक्खियों से स्वास्थ्य विभाग प्रशासन कोई खतरा नहीं बता रहा है, मगर वार्डों में बंदर भी घुमते रहते हैं। अगर बंदरों ने इन छत्तों में हाथ डाल दिया तो फिर मक्खियों को काबू रख पाने की न तो कोई व्यवस्था है न कोई प्रबंध।
नागरिक अस्पताल परिसर में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा मरम्मत का काम किया जा रहा है। जिन हिस्सों में रिपेयरिंग या निर्माण कार्य की जरूरत हैं, उसी हिसाब से इस कार्य को भी कराया जा रहा है।
- डॉ एडमिन, प्रधान, चिकित्सा अधिकारी भिवानी।