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Bhiwani News: 10 फरवरी से बंद हो सकती हैं हरियाणा की सब्जी मंडियां
Mon, 05 Feb 2024 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 05 Feb 2024 12:24 AM IST
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भिवानी में सब्जी मंडी को बंद करने की योजना बनाते आढ़ती संगठन के पुरुषोत्तम बुद्धिराजा।
भिवानी। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की ओर से सब्जी व फल व्यापारियों पर लगाई मार्केट फीस के विरोध में आढ़तियों का विरोध जारी है। आढ़ती संगठन ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपने वायदे अनुसार 8 फरवरी तक मार्केट फीस वापस नहीं ली तो 10 फरवरी से प्रदेश भर की मंडियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। यह बात हरियाणा आढ़ती संगठन सब्जी मंडी के प्रदेश उपप्रधान पुरुषोत्तम बुद्धिराजा ने रविवार को स्थानीय सब्जी मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने कोरोना काल में फल व सब्जी व्यापारियों पर दो प्रतिशत ड्यूटी लगाई थी। उन्होंने कहा कि अब एक मुश्त प्लस एक प्रतिशत फीस व्यापारियों से मांगी जा रही है, जो कि पिछले वर्ष के करीब 50 प्रतिशत बढ़ाकर है, वो भी अग्रिम तौर पर मांगी जा रही है। इसके तहत आढ़तियों को 5 से 7 लाख रुपये सालाना सरकार को देने ही पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि इतनी मोटी रकम देना आढ़तियों के लिए आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि इसी के विरोध में बीते 20 दिसंबर को फल व सब्जी विक्रेताओं द्वारा रोष स्वरूप सांकेतिक हड़ताल की गई थी।
उस समय प्रदेश के कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया था कि मार्केट फीस हटा ली जाएगी, लेकिन आज तक वे अपना वायदा पूरा नहीं कर पाए। सरकार के इसी वायदा खिलाफी के विरोध में बीते एक फरवरी को रोहतक में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में फैसला लिया गया कि यदि सरकार अपने वायदे अनुसार 8 फरवरी तक फल व सब्जी व्यापारियों पर थौपी गई मार्केट फीस नहीं हटाती है तो 10 फरवरी से प्रदेश भर की सब्जी मंडियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने कोरोना काल में फल व सब्जी व्यापारियों पर दो प्रतिशत ड्यूटी लगाई थी। उन्होंने कहा कि अब एक मुश्त प्लस एक प्रतिशत फीस व्यापारियों से मांगी जा रही है, जो कि पिछले वर्ष के करीब 50 प्रतिशत बढ़ाकर है, वो भी अग्रिम तौर पर मांगी जा रही है। इसके तहत आढ़तियों को 5 से 7 लाख रुपये सालाना सरकार को देने ही पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि इतनी मोटी रकम देना आढ़तियों के लिए आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि इसी के विरोध में बीते 20 दिसंबर को फल व सब्जी विक्रेताओं द्वारा रोष स्वरूप सांकेतिक हड़ताल की गई थी।
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उस समय प्रदेश के कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया था कि मार्केट फीस हटा ली जाएगी, लेकिन आज तक वे अपना वायदा पूरा नहीं कर पाए। सरकार के इसी वायदा खिलाफी के विरोध में बीते एक फरवरी को रोहतक में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में फैसला लिया गया कि यदि सरकार अपने वायदे अनुसार 8 फरवरी तक फल व सब्जी व्यापारियों पर थौपी गई मार्केट फीस नहीं हटाती है तो 10 फरवरी से प्रदेश भर की सब्जी मंडियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
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