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Bhiwani News: मोरक्को में होगा हरिओम की शानदार लघु शिल्पकला का प्रदर्शन
Mon, 23 Sep 2024 02:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 23 Sep 2024 02:54 AM IST
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कलाकार हरिओम बावा।
बवानीखेड़ा। गांव जमालपुर निवासी कला शिक्षक हरिओम बावा कस्बे के बीके वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कला शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। इनकी कला प्रदर्शनी का आयोजन मुख्य परफॉर्मेंस गैलरी ओलहाओ, टैलबोट परफॉरमेंस हॉल, अगाडिर, मोरक्को में हो रहा है, जिसमें हरिओम की शानदार लघु शिल्पकला का प्रदर्शन किया जाएगा।
यह प्रदर्शनी आर्टकॉम एक्सपो इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ आर्टिस्ट्स, नॉर्वे की ओर से आयोजित की जा रही है। माचिस की तीलियों से बनी लघु शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध हरिओम भी इस प्रदर्शनी में भाग लेंगे। हरिओम का मानना है कि कला केवल एक माध्यम ही नहीं, बल्कि यह एक भाषा है जो संस्कृति को दुनिया के सामने लाती है।
वे चाहते हैं कि उनके काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले ताकि युवा कलाकारों को भी प्रेरणा मिल सके। उनका सपना है कि आने वाली पीढ़ी उनकी कला को सराहे और उसे अपने जीवन में अपनाए। उनकी कृतियों में संतुलन, संवेदनशीलता और गहराई है।
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हरिओम की कला उनकी बारीकी और मेहनत को दर्शाती हैं। वे अपनी कला के माध्यम से छोटे संसाधनों का उपयोग कर बड़े सपने देखने का संदेश देते हैं। इस प्रदर्शनी के माध्यम से हरिओम का प्रयास है कि वे अपनी कला के जरिए अपने गांव समेत पूरे भारत की संस्कृति को दुनिया के सामने लाएं। वे उम्मीद करते हैं कि उनकी कला को मिले समर्थन से अन्य कलाकारों को भी प्रेरणा मिलेगी। हरिओम की कला एक मिसाल है, जो यह दर्शाती है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है।
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यह प्रदर्शनी आर्टकॉम एक्सपो इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ आर्टिस्ट्स, नॉर्वे की ओर से आयोजित की जा रही है। माचिस की तीलियों से बनी लघु शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध हरिओम भी इस प्रदर्शनी में भाग लेंगे। हरिओम का मानना है कि कला केवल एक माध्यम ही नहीं, बल्कि यह एक भाषा है जो संस्कृति को दुनिया के सामने लाती है।
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वे चाहते हैं कि उनके काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले ताकि युवा कलाकारों को भी प्रेरणा मिल सके। उनका सपना है कि आने वाली पीढ़ी उनकी कला को सराहे और उसे अपने जीवन में अपनाए। उनकी कृतियों में संतुलन, संवेदनशीलता और गहराई है।
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हरिओम की कला उनकी बारीकी और मेहनत को दर्शाती हैं। वे अपनी कला के माध्यम से छोटे संसाधनों का उपयोग कर बड़े सपने देखने का संदेश देते हैं। इस प्रदर्शनी के माध्यम से हरिओम का प्रयास है कि वे अपनी कला के जरिए अपने गांव समेत पूरे भारत की संस्कृति को दुनिया के सामने लाएं। वे उम्मीद करते हैं कि उनकी कला को मिले समर्थन से अन्य कलाकारों को भी प्रेरणा मिलेगी। हरिओम की कला एक मिसाल है, जो यह दर्शाती है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है।