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सीएम दरबार में मामले को उठाएगी पंचायत
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गांव हालुवास माजरा के जलघर में वॉल्व लीकेज होने के कारण हौद में भरा गंदा पानी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : Bhiwani
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शहर से स्टे गांव हालुवास देवसर माजरा में भूमिगत पानी को लेकर ग्रामीण लामबंद हो गए हैं तो पंचायत ने भी पब्लिक हेल्थ विभाग अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंचायत ने इस मामले को सीएम दरबार में पहुंचाने की रणनीति बनाई है।
पंचायत का आरोप है कि भूमि देने के बावजूद जलघर का निर्माण नहीं हुआ है। विधायक से लेकर पब्लिक हेल्थ अधिकारियों तक गुहार लगाई जा चुकी है। ग्रामीण जो पानी पी रहे हैं उसका टीडीएस भी खतरनाक र्स्त तक पहुंच चुका है, बावजूद इसके उनकी कोई सुध नहीं ली जा रही है। बता दें कि गांव हालुवास देवसर माजरा में जलघर निर्माण से दो गांवों को सीधा फायदा होगा। दोनों गांवों में अलग-अलग पंचायतें हैं। ये दोनों ही गांव एक दूसरे की आबादी और सरहदों से जुड़े हैं। जलघर निर्माण के लिए करीब चार एकड़ भूमि गांव हालुवास देवसर माजरा की पंचायत ने पब्लिक हेल्थ विभाग को हैंडओवर की है। जबकि जलघर के लिए मुख्य सड़क से रास्ते के लिए गांव हालुवास की पंचायत ने भी पब्लिक हेल्थ विभाग को जमीन मुहैया करा दी है। दोनों ही पंचायतें नहरी पानी और जलघर निर्माण को लेकर संजीदा हैं, लेकिन बावजूद इसके गांव की नहरी पानी की मांग को विभागीय अधिकारी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीण जयभगवान, रामभगत, कर्मबीर ने बताया कि गांव हालुवास देवसर माजरा के पंपिंग स्टेशन में उपकरण भी खस्ता हालत में हैं। वाल्व हौद में गंदा पानी जमा हैं, जिससे लीकेज और दूषित आपूर्ति का खतरा भी ग्रामीणों पर मंडरा रहा है। नहर के समीप लगे ट्यूबवेल से भी पंपिंग स्टेशन तक आने वाली मुख्य पाइप लाइन भी कई जगह से लीकेज है। इस वजह से भी पानी के प्रदूषण की संभावनाएं अधिक बनी हैं। मगर इन बातों पर कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
भूमिगत घातक तत्व सेहत पर डाल रहे बुरा असर
गांव हालुवास देवसर माजरा में ट्यूबवेल के जरिए भूमिगत जल पेयजल सप्लाई में दिया जा रहा है। जिसका टीडीएस भी 11 हजार का आंकड़ा पार कर चुका है। भूमि के अंदर से पानी के साथ घातक तत्व बाहर आ रहे हैं, जिसका इस्तेमाल करने पर ग्रामीणों की सेहत पर भी बुरा असर डाल रहा है। गांव में कैंसर के रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
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मैंने खुद गांव में जलघर निर्माण को लेकर विधायक से लेकर एमपी तक मांग उठाई है। मगर कोई समाधान नहीं हुआ। अब पंचायत ने फैसला लिया है कि मामला सीएम मनोहर लाल के समक्ष उठाया जाएगा। इसी को लेकर सीएम से मिलने की रणनीति बनाई जा रही है।
- संदीप तंवर, सरपंच हालुवास देवसर माजरा।
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पंचायत का आरोप है कि भूमि देने के बावजूद जलघर का निर्माण नहीं हुआ है। विधायक से लेकर पब्लिक हेल्थ अधिकारियों तक गुहार लगाई जा चुकी है। ग्रामीण जो पानी पी रहे हैं उसका टीडीएस भी खतरनाक र्स्त तक पहुंच चुका है, बावजूद इसके उनकी कोई सुध नहीं ली जा रही है। बता दें कि गांव हालुवास देवसर माजरा में जलघर निर्माण से दो गांवों को सीधा फायदा होगा। दोनों गांवों में अलग-अलग पंचायतें हैं। ये दोनों ही गांव एक दूसरे की आबादी और सरहदों से जुड़े हैं। जलघर निर्माण के लिए करीब चार एकड़ भूमि गांव हालुवास देवसर माजरा की पंचायत ने पब्लिक हेल्थ विभाग को हैंडओवर की है। जबकि जलघर के लिए मुख्य सड़क से रास्ते के लिए गांव हालुवास की पंचायत ने भी पब्लिक हेल्थ विभाग को जमीन मुहैया करा दी है। दोनों ही पंचायतें नहरी पानी और जलघर निर्माण को लेकर संजीदा हैं, लेकिन बावजूद इसके गांव की नहरी पानी की मांग को विभागीय अधिकारी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीण जयभगवान, रामभगत, कर्मबीर ने बताया कि गांव हालुवास देवसर माजरा के पंपिंग स्टेशन में उपकरण भी खस्ता हालत में हैं। वाल्व हौद में गंदा पानी जमा हैं, जिससे लीकेज और दूषित आपूर्ति का खतरा भी ग्रामीणों पर मंडरा रहा है। नहर के समीप लगे ट्यूबवेल से भी पंपिंग स्टेशन तक आने वाली मुख्य पाइप लाइन भी कई जगह से लीकेज है। इस वजह से भी पानी के प्रदूषण की संभावनाएं अधिक बनी हैं। मगर इन बातों पर कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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भूमिगत घातक तत्व सेहत पर डाल रहे बुरा असर
गांव हालुवास देवसर माजरा में ट्यूबवेल के जरिए भूमिगत जल पेयजल सप्लाई में दिया जा रहा है। जिसका टीडीएस भी 11 हजार का आंकड़ा पार कर चुका है। भूमि के अंदर से पानी के साथ घातक तत्व बाहर आ रहे हैं, जिसका इस्तेमाल करने पर ग्रामीणों की सेहत पर भी बुरा असर डाल रहा है। गांव में कैंसर के रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
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मैंने खुद गांव में जलघर निर्माण को लेकर विधायक से लेकर एमपी तक मांग उठाई है। मगर कोई समाधान नहीं हुआ। अब पंचायत ने फैसला लिया है कि मामला सीएम मनोहर लाल के समक्ष उठाया जाएगा। इसी को लेकर सीएम से मिलने की रणनीति बनाई जा रही है।
- संदीप तंवर, सरपंच हालुवास देवसर माजरा।