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जाना था लाइसेंस की ट्रेनिंग लेने के लिए, हो गई हत्या
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नागरिक अस्पताल में पहुँचे मृतक के परिजन व गांववासी। संवाद
- फोटो : Bhiwani
संजय वर्मा
भिवानी। गांव में जिन युवकों के साथ उठना बैठना था। उन्हीं के हाथ रवींद्र के खून से रंग जाएंगे, शायद यह सोचकर हर कोई आश्चर्यचकित है। परिजनों ने रवींद्र उर्फ सोनू की हत्या और उसके बाद उसके शव को खुर्द-बुर्द करने का शक तीन युवकों पर लगाया है। परिजनों के आरोप के बाद सीआईए की टीम तीनों आरोपियों को राउंडअप करने के बाद गहन पूछताछ में जुटी है। गांव धारेडू निवासी 21 वर्षीय रवींद्र उर्फ सोनू सोमवार सुबह हैवी चालक लाइसेंस के लिए ट्रेनिंग स्कूल जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन रात को ही उसकी हत्या हो गई।
बारहवीं तक पढ़ाई करने के बाद रवींद्र गांव में ही अपने माता-पिता के साथ खेतों में मेहनत-मजदूरी का काम करता था। गांव धारेडू निवासी सुंदर सिंह के तीन लड़के थे। जिसमें सबसे बड़ा 23 वर्षीय धर्मेंद्र उसके बाद 21 वर्षीय रवींद्र व सबसे छोटा 20 वर्षीय अनिल है। तीनों ही भाई अभी अविवाहित थे। सुंदर सिंह के भाई ईश्वर ने बताया कि रवींद्र रविवार रात को घर पर था और सोमवार सुबह हैवी चालक लाइसेंस बनवाने के लिए ट्रेनिंग स्कूल जाने की तैयारी कर रहा था। देर रात करीब साढ़े 11 बजे गांव का ही हरीश उनकी बैठक में पहुंचा, जहां रवींद्र से बोला कि चल बीड़ी लेने के लिए चलते हैं। इसके बाद रवींद्र और हरीश दोनों साथ ही चले गए थे। जिसके बाद से रवींद्र का कुछ अता पता नहीं चला था। देर रात तक रवींद्र घर नहीं लौटा तो परिजनों को घबराहट हुई और फिर उसे तलाशने के लिए युवकों की कई टोलियां पूरे गांव में उसे ढूंढने लग गई। सुबह सात बजे घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर चरण सिंह के खेत में करीब एक एकड़ की एकत्रित की गई सूखी पूलियों के ढेर में शव जली हुई हालत में मिला। देखने से चेहरा भी पहचान में नहीं आ रहा था, क्योंकि शव लगभग जल चुका था और बाहर हड्डियां निकली हुई थीं। इसके बाद रवींद्र को तलाश रहे लोगों को घर से करीब 100 मीटर दूर एक ऑटा फैक्टरी के समीप रवींद्र का फोन पड़ा हुआ मिला। इसके बाद घर से करीब 800 मीटर दूर खेतों की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते की झाड़ियों में उलझी हुई रवींद्र की चद्दर मिली। उसी कच्चे रास्ते पर थोड़ा आगे चलने के बाद रवींद्र की चप्पलें भी पड़ी मिलीं और फिर चरण सिंह के खेत में रवींद्र का शव पूलियों के ढेर में जला हुआ मिला। पुलियों के आसपास घसीटने के निशान भी मिले हैं, जिससे यह भी अंदाजा है कि हत्या के बाद उसे जलाने के लिए हत्यारों ने रवींद्र को घसीटकर वहां तक पहुंचाया था। हालांकि शव जलाने से पहले हत्यारों ने उसके पास पहचान की कोई भी चीज नहीं छोड़ी थी। मगर रास्ते में लावारिस मिली रवींद्र की चीजों ने पूरे मामले की पोल खोल दी।
रात को बारिश नहीं आती तो जल जाता रवींद्र का शव
हत्या के बाद रवींद्र के शव को जलाने वालों ने शायद सोचा नहीं था कि रात को बारिश भी आ जाएगी। अगर बारिश नहीं आती तो करीब एक एकड़ खेत में काटी गई सूखी पूली के ढेर में उसका शव जलकर पूरी तरह से खाक हो जाता और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगती। सोमवार अल सुबह आई बारिश से पूलियों में लगी आग बुझ गई और शव पूरी तरह जलने से बच गया।
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इन तीनों पर रवींद्र की हत्या का शक
रवींद्र के परिजनों की शिकायत के बाद गांव धारेडू के ही हरीश जो रवींद्र को घर से बुलाकर अपने साथ ले गया था। हरीश के भाई दीपक व शेर सिंह पर हत्या के बाद शव खुर्द-बुर्द करने के लिए जलाने का शक है। ये तीनों ही रवींद्र के साथ पहले भी काफी उठते बैठते थे। फिलहाल तीनों को पुलिस हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। जल्द ही खुलासा भी हो जाएगा। तीनों ही युवक गांव में पहले भी आवारागर्दी करते हुए पकड़े जा चुके हैं।
हत्या के पीछे आपसी रंजिश
रवींद्र की हत्या के पीछे आपसी रंजिश की बात भी सामने आई है। हालांकि परिजनों को अभी इस बारे में कुछ पता नहीं है। फिलहाल पुलिस तीन युवकों से पूछताछ में जुटी है, क्योंकि ये तीनों देर रात तक उसके घर के पास बैठकर शराब पीते हुए देखे गए थे। (संवाद)
जल्द होगा खुलासा
मामला आपसी रंजिश का लग रहा है। परिजनों के शक जताने के बाद तीनों आरोपी युवकों से पूछताछ की जा रही है, जल्द ही हत्या और शव खुर्द-बुर्द किए जाने का खुलासा हो जाएगा।
- अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक भिवानी।
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भिवानी। गांव में जिन युवकों के साथ उठना बैठना था। उन्हीं के हाथ रवींद्र के खून से रंग जाएंगे, शायद यह सोचकर हर कोई आश्चर्यचकित है। परिजनों ने रवींद्र उर्फ सोनू की हत्या और उसके बाद उसके शव को खुर्द-बुर्द करने का शक तीन युवकों पर लगाया है। परिजनों के आरोप के बाद सीआईए की टीम तीनों आरोपियों को राउंडअप करने के बाद गहन पूछताछ में जुटी है। गांव धारेडू निवासी 21 वर्षीय रवींद्र उर्फ सोनू सोमवार सुबह हैवी चालक लाइसेंस के लिए ट्रेनिंग स्कूल जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन रात को ही उसकी हत्या हो गई।
बारहवीं तक पढ़ाई करने के बाद रवींद्र गांव में ही अपने माता-पिता के साथ खेतों में मेहनत-मजदूरी का काम करता था। गांव धारेडू निवासी सुंदर सिंह के तीन लड़के थे। जिसमें सबसे बड़ा 23 वर्षीय धर्मेंद्र उसके बाद 21 वर्षीय रवींद्र व सबसे छोटा 20 वर्षीय अनिल है। तीनों ही भाई अभी अविवाहित थे। सुंदर सिंह के भाई ईश्वर ने बताया कि रवींद्र रविवार रात को घर पर था और सोमवार सुबह हैवी चालक लाइसेंस बनवाने के लिए ट्रेनिंग स्कूल जाने की तैयारी कर रहा था। देर रात करीब साढ़े 11 बजे गांव का ही हरीश उनकी बैठक में पहुंचा, जहां रवींद्र से बोला कि चल बीड़ी लेने के लिए चलते हैं। इसके बाद रवींद्र और हरीश दोनों साथ ही चले गए थे। जिसके बाद से रवींद्र का कुछ अता पता नहीं चला था। देर रात तक रवींद्र घर नहीं लौटा तो परिजनों को घबराहट हुई और फिर उसे तलाशने के लिए युवकों की कई टोलियां पूरे गांव में उसे ढूंढने लग गई। सुबह सात बजे घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर चरण सिंह के खेत में करीब एक एकड़ की एकत्रित की गई सूखी पूलियों के ढेर में शव जली हुई हालत में मिला। देखने से चेहरा भी पहचान में नहीं आ रहा था, क्योंकि शव लगभग जल चुका था और बाहर हड्डियां निकली हुई थीं। इसके बाद रवींद्र को तलाश रहे लोगों को घर से करीब 100 मीटर दूर एक ऑटा फैक्टरी के समीप रवींद्र का फोन पड़ा हुआ मिला। इसके बाद घर से करीब 800 मीटर दूर खेतों की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते की झाड़ियों में उलझी हुई रवींद्र की चद्दर मिली। उसी कच्चे रास्ते पर थोड़ा आगे चलने के बाद रवींद्र की चप्पलें भी पड़ी मिलीं और फिर चरण सिंह के खेत में रवींद्र का शव पूलियों के ढेर में जला हुआ मिला। पुलियों के आसपास घसीटने के निशान भी मिले हैं, जिससे यह भी अंदाजा है कि हत्या के बाद उसे जलाने के लिए हत्यारों ने रवींद्र को घसीटकर वहां तक पहुंचाया था। हालांकि शव जलाने से पहले हत्यारों ने उसके पास पहचान की कोई भी चीज नहीं छोड़ी थी। मगर रास्ते में लावारिस मिली रवींद्र की चीजों ने पूरे मामले की पोल खोल दी।
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रात को बारिश नहीं आती तो जल जाता रवींद्र का शव
हत्या के बाद रवींद्र के शव को जलाने वालों ने शायद सोचा नहीं था कि रात को बारिश भी आ जाएगी। अगर बारिश नहीं आती तो करीब एक एकड़ खेत में काटी गई सूखी पूली के ढेर में उसका शव जलकर पूरी तरह से खाक हो जाता और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगती। सोमवार अल सुबह आई बारिश से पूलियों में लगी आग बुझ गई और शव पूरी तरह जलने से बच गया।
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इन तीनों पर रवींद्र की हत्या का शक
रवींद्र के परिजनों की शिकायत के बाद गांव धारेडू के ही हरीश जो रवींद्र को घर से बुलाकर अपने साथ ले गया था। हरीश के भाई दीपक व शेर सिंह पर हत्या के बाद शव खुर्द-बुर्द करने के लिए जलाने का शक है। ये तीनों ही रवींद्र के साथ पहले भी काफी उठते बैठते थे। फिलहाल तीनों को पुलिस हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। जल्द ही खुलासा भी हो जाएगा। तीनों ही युवक गांव में पहले भी आवारागर्दी करते हुए पकड़े जा चुके हैं।
हत्या के पीछे आपसी रंजिश
रवींद्र की हत्या के पीछे आपसी रंजिश की बात भी सामने आई है। हालांकि परिजनों को अभी इस बारे में कुछ पता नहीं है। फिलहाल पुलिस तीन युवकों से पूछताछ में जुटी है, क्योंकि ये तीनों देर रात तक उसके घर के पास बैठकर शराब पीते हुए देखे गए थे। (संवाद)
जल्द होगा खुलासा
मामला आपसी रंजिश का लग रहा है। परिजनों के शक जताने के बाद तीनों आरोपी युवकों से पूछताछ की जा रही है, जल्द ही हत्या और शव खुर्द-बुर्द किए जाने का खुलासा हो जाएगा।
- अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक भिवानी।