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Bhiwani News: शिष्य के लिए घर-घर गुरुजी दे रहे दस्तक, स्कूल में पहुंचने पर पहले दिन पुष्प से होगा स्वागत
Wed, 20 Mar 2024 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 20 Mar 2024 11:52 PM IST
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भिवानी। सरकारी योजनाओं की दुहाई देकर गुरुजी घर-घर बच्चों के दाखिला सरकारी स्कूलों में कराने की मिन्नतें करते फिर रहे हैं। जो बच्चे सरकारी स्कूलों में दाखिल होंगे उनका पहले दिन फूल माला व पुष्प वर्षा से जोरदार स्वागत भी होगा।
दरअसल, इनदिनों फसल कटाई का दौर चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में अभिभावक और बच्चे सुबह ही खेतों में फसल कटाई के लिए निकल पड़ते हैं, जबकि गुरुजी को भी जल्द से जल्द विद्यालय में बच्चों की छात्र संख्या बढ़ाने व खुद की पोस्टिंग उस स्कूल में बचाने के लिए घर-घर जाकर दाखिला के लिए अभिभावकों को मनाना अनिवार्य हो गया है। विभाग ने ऑनलाइन तबादला पॉलिसी में छात्र संख्या के हिसाब से ही विद्यालयों की शिक्षकों की नियुक्ति निर्धारित की है। ऐसे में जिले के अधिकांश स्कूलों में बच्चे पास आउट कर चुके हैं, जिनकी जगह अब नए विद्यार्थियों को दाखिल करना बड़ी चुनौती है।
शिक्षा विभाग ने एक अप्रैल से ही दाखिला उत्सव मनाने का भी निर्णय लिया है और दस अप्रैल तक स्कूलों को दाखिल हुए बच्चों की सूचना भी शिक्षा अधिकारियों को भेजने के आदेश दिए हैं। ऐसे में गुरुजी प्रवेश उत्सव से पहले ही इस उत्सव में शामिल होने के लिए बच्चों की तलाश में कभी इस मोहल्ले तो कभी उस ढाणी चक्कर लगा रहे हैं। ज्यादा दिक्कतें तो प्राथमिक विद्यालयों में हैं, क्योंकि गांवों में भी अब प्ले स्कूल खुल चुके हैं वहीं बड़े मान्यता स्कूलों ने भी प्ले विंग शुरू कर दी हैं। ऐसे में नर्सरी और प्री नर्सरी की कक्षाओं के लिए अधिकतर बच्चे उनके अंदर ही अभिभावक दाखिल करा रहे हैं। जबकि सरकारी स्कूलों में पहली के बाद ही कुछ बच्चों के दाखिले अभिभावक कराने को राजी होते हैं।
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सभी सरकारी स्कूलों में प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायतों, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी और महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से बच्चों के सरकारी स्कूलों में दाखिला कराए जा रहे हैं। अभिभावकों को भी अपने बच्चों के दाखिला सरकारी स्कूलों में कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए घर-घर शिक्षक भी जा रहे हैं।
-संतोष नागर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी भिवानी।
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दरअसल, इनदिनों फसल कटाई का दौर चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में अभिभावक और बच्चे सुबह ही खेतों में फसल कटाई के लिए निकल पड़ते हैं, जबकि गुरुजी को भी जल्द से जल्द विद्यालय में बच्चों की छात्र संख्या बढ़ाने व खुद की पोस्टिंग उस स्कूल में बचाने के लिए घर-घर जाकर दाखिला के लिए अभिभावकों को मनाना अनिवार्य हो गया है। विभाग ने ऑनलाइन तबादला पॉलिसी में छात्र संख्या के हिसाब से ही विद्यालयों की शिक्षकों की नियुक्ति निर्धारित की है। ऐसे में जिले के अधिकांश स्कूलों में बच्चे पास आउट कर चुके हैं, जिनकी जगह अब नए विद्यार्थियों को दाखिल करना बड़ी चुनौती है।
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शिक्षा विभाग ने एक अप्रैल से ही दाखिला उत्सव मनाने का भी निर्णय लिया है और दस अप्रैल तक स्कूलों को दाखिल हुए बच्चों की सूचना भी शिक्षा अधिकारियों को भेजने के आदेश दिए हैं। ऐसे में गुरुजी प्रवेश उत्सव से पहले ही इस उत्सव में शामिल होने के लिए बच्चों की तलाश में कभी इस मोहल्ले तो कभी उस ढाणी चक्कर लगा रहे हैं। ज्यादा दिक्कतें तो प्राथमिक विद्यालयों में हैं, क्योंकि गांवों में भी अब प्ले स्कूल खुल चुके हैं वहीं बड़े मान्यता स्कूलों ने भी प्ले विंग शुरू कर दी हैं। ऐसे में नर्सरी और प्री नर्सरी की कक्षाओं के लिए अधिकतर बच्चे उनके अंदर ही अभिभावक दाखिल करा रहे हैं। जबकि सरकारी स्कूलों में पहली के बाद ही कुछ बच्चों के दाखिले अभिभावक कराने को राजी होते हैं।
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सभी सरकारी स्कूलों में प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायतों, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी और महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से बच्चों के सरकारी स्कूलों में दाखिला कराए जा रहे हैं। अभिभावकों को भी अपने बच्चों के दाखिला सरकारी स्कूलों में कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए घर-घर शिक्षक भी जा रहे हैं।
-संतोष नागर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी भिवानी।