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बकरी के दूध की बढ़ी मांग: हरियाणा में दाम 300 रुपये के पार, वजह कर देगी हैरान

Fri, 08 Oct 2021 02:27 AM IST
Trainee Trainee नवनीत शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
नवनीत शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: Trainee Trainee Updated Fri, 08 Oct 2021 02:27 AM IST
सार

लालावास निवासी बकरी पालक सोमवीर, श्याम, किसान नरेश, अजय ने बताया कि डेंगू के चलते बकरी के दूध की मांग बढ़ गई है। एक महीने पहले 50 रुपये लीटर बिकता था, जो अब 300 रुपये तक बिक रहा है।  
 

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Goat milk price reaches  300rs litre due to dengue in bhiwani
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा के भिवानी में डेंगू मच्छर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकारी आंकड़ों में डेंगू के 28 केस हैं, वहीं जिले के निजी अस्पतालों में 100 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। मगर इन मरीजों की अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। कई मरीज पड़ोसी जिलों हिसार और रोहतक के निजी अस्पतालों में भी उपचाराधीन हैं।

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डेंगू के बढ़ते कहर के साथ ही जिले में बकरी के दूध की मांग भी बढ़ रही है। पहले बकरी का दूध महज 50 रुपये लीटर के हिसाब से मिलता था। वहीं दूध अब 300 से 400 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से मिल रहा है। लोगों का मानना है कि बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाने में फायदेमंद है, जबकि चिकित्सक इस बात को नकार रहे हैं। लालावास निवासी बकरी पालक सोमवीर, श्याम, किसान नरेश, अजय ने बताया कि डेंगू के चलते बकरी के दूध की मांग बढ़ गई है। एक महीने पहले 50 रुपये लीटर बिकता था, जो अब 300 रुपये तक बिक रहा है।  
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कीवी और पपीता का सेवन फायदेमंद
नागरिक अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि डेंगू के दौरान मरीज के प्लेटलेट्स कम होने पर उसके मसूड़ों से खून आ सकता है और शरीर पर निशान भी बन जाते हैं। ऐसे में चिकित्सक से चेकअप जरूर करवाएं। सामान्य व्यक्ति की प्लेटलेट्स डेढ़ लाख से अधिक होती हैं।

डेंगू के मरीज की प्लेटलेट्स कम होती हैं तो ऐसे में 24 से 48 घंटे के अंतराल में मरीज की सीबीसी जांच जरूर करवाएं। प्लेटलेट्स कम होने पर अधिक से अधिक पानी, शिकंजी, ओआरएस, नारियल पानी, पपीते के पत्ते का रस पीते रहें। फल में पपीता और कीवी का सेवन फायदेमंद है। इसमें प्लेटलेट्स बढ़ाने में बकरी का दूध कोई साइंटिफिक प्रमाण नहीं है। दूध कोई भी हो उसका सेवन करते रहें। साथ ही ध्यान रखें की डेंगू में एक बार बुखार कम हो जाता है तो दवा और अन्य सावधानियां बंद न करें, क्योंकि डेंगू छह से सात दिन बाद भी हो सकता है। ऐसे में सावधानी रखें दवा, पौष्टिक आहार का सेवन और अधिक से अधिक आराम करें।


डेंगू के सामान्य लक्षण
सामान्य तौर पर डेंगू मरीज में मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, शरीर पर पड़ने वाले लाल निशान जो थोड़े समय बाद ठीक होने के बाद पुन वापस भी आ जाते हैं, तेज बुखार, बहुत तेज सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी आना और चक्कर महसूस होना, मसूड़ों से खून आना आदि लक्षण हैं। ऐसे लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सक से चेकअप करवाएं। 

मरीजों के लिए वार्ड आरक्षित
नागरिक अस्पताल के वार्ड नंबर नौ को मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू, स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आरक्षित कर आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। साथ ही प्रत्येक एसडीएच और सीएचसी में पांच-पांच बेड रिजर्व रखे गए हैं, जहां पर मलेरिया, चिकनगुनिया आदि मरीजों को दाखिल किया जा सके। अस्पताल की लैब में भी 24 घंटे के लिए सीबीसी और डेंगू के टेस्ट किए जा रहे हैं। नागरिकों से अपील है कि सप्ताह में एक दिन ड्राई डे जरूरी मनाएं। - डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।

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