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पोर्टल ने बढ़ाई किसानों की परेशानी: दर्ज कराया बाजरा, जमीन खाली होने के आ रहे संदेश, किसी में मूंग की जगह दिखा रहा कपास

Thu, 07 Oct 2021 08:38 PM IST
Trainee Trainee संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: Trainee Trainee Updated Thu, 07 Oct 2021 08:38 PM IST
सार

किसानों की मानें तो उनकी परेशानी अब इसलिए बढ़ गई है कि उनकी ओर से दी गई जानकारी बदलकर अपने आप पोर्टल पर अपडेट कर दी गई है। इससे वे फसलों को बेच नहीं पाएंगे। साथ ही कई किसान भावांतर योजना का भी लाभ नहीं उठा सकेंगे।

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Farmers lodged millet crop on the portal showing empty land in the message
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

बाजरे की फसल को भावांतर योजना के अंतर्गत शामिल करने के बाद किसानों को मोबाइल पर संदेश के माध्यम से झटके मिल रहे हैं। उनको पोर्टल पर दर्ज कराए गए बाजरे की जगह मूंग और रूई होने के संदेश मिल रहे हैं। वहीं, कई किसानों के पास मूंग, बाजरा, कपास की फसल की जगह जमीन खाली होने के संदेश भी आ रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि उन्हें किस प्रकार भावांतर योजना का लाभ मिलेगा और कैसे वे बाकी फसलों को बेच पाएंगे। वहीं मैसेज में शिकायत होने पर उपायुक्त से संपर्क करने की बात कही जा रही है।

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किसानों के लिए यह जरूरी है कि वे अपनी फसल की जानकारी मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपडेट करेंगे। ऐसा नहीं करने पर उनकी फसल की खरीद सरकार द्वारा नहीं की जाएगी। केवल पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी के अनुसार ही फसलों की सरकारी खरीद की जाती है। किसानों की मानें तो उनकी परेशानी अब इसलिए बढ़ गई है कि उनकी ओर से दी गई जानकारी बदलकर अपने आप पोर्टल पर अपडेट कर दी गई है। इससे वे फसलों को बेच नहीं पाएंगे। साथ ही कई किसान भावांतर योजना का भी लाभ नहीं उठा सकेंगे।
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पूरे प्रदेश में है समस्या
किसानों का यह भी कहना है कि यह समस्या पूरे प्रदेश के किसानों को हो रही है। किसानों ने बताया कि उन्हें रिश्तेदारियों से भी फोन आ रहे हैं कि उन्हें भी यह परेशानी आ रही है। अब उन्हें समझ नहीं आ रही है कि वो इस बारे में किस से मिलें और क्या कार्रवाई करें।

ये बोले किसान
आलमपुर निवासी राजेश देवी ने बताया कि उसने पांच एकड़ में बाजरा बो रखा है। मैसेज में इसे खाली दिखाया गया है। सूरजमल ने पांच एकड़ में मूंग बो रखी है। मैसेज में उसकी कुछ जमीन को खाली और कुछ पर कपास दिखाई गई है। गणपतराम ने 13 एकड़ में कपास बो रखी है। उसकी जगह ग्वार दिखाया गया है। इंद्रजीत ने पांच एकड़ में बाजरा उगा रखा है। मैसेज में वहां मूंग बताया गया है। प्रदीप ने 5 एकड़ में मूंग उगा रखी है, उसकी जमीन को खाली बताया गया है। चंद्रकला ने पांच में एकड़ में मूंग उगा रखी है। उसकी जमीन को भी खाली दिखा दिया गया है। चंद्रकला ने ही पांच एकड़ में बाजरा उगा रखा है, वहां ग्वार दिखा दी गई है।


कृषि विभाग के अनुसार जिले में उगाई गईं फसलों का ब्योरा

  • फसल          क्षेत्रफल
  • बाजरा       1.5 लाख हेक्टेयर
  • मूंग           90 हजार हेक्टेयर
  • कपास        1.10 लाख हेक्टेयर
  • धान          40 हजार हेक्टेयर
  • गवार         30 हजार हेक्टेयर
  • हरा चारा     20 हजार हेक्टेयर

राजस्व विभाग से करें संपर्क
यह मामला राजस्व विभाग से जुड़ा हुआ है। इस संबंध में किसानों को राजस्व विभाग से ही संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। - आत्माराम गोदारा, कृषि उपनिदेशक, भिवानी।

तकनीकी दिक्कत, सही कराया जा रहा है
तकनीकी दिक्कत के कारण यह परेशानी आ रही है। किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। इसे दुरुस्त कराया जा रहा है। जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा। - रविंद्र मलिक, तहसीलदार, भिवानी।

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