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Bhiwani News: भिवानी न्यायालय में स्थापित करवाएं पुलिस चौकी
Fri, 29 Nov 2024 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 29 Nov 2024 01:42 AM IST
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न्यायालय परिसर में विचार विमर्श करते अधिवक्ता।
भिवानी। अधिवक्ताओं ने जिला न्यायालय परिसर में पुलिस चौकी स्थापित करवाने की मांग की है। इसके लिए वीरवार को बैठक कर एसपी को प्रस्ताव देने का निर्णय लिया गया।
अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में गंभीर अपराध की सुनवाई में पेश करने के लिए लाए जाने वाले अपराधियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस चौकी को जरूरी बताया। बैठक में मौजूद अधिवक्ताओं ने कहा कि कोर्ट परिसर में मारपीट की कई घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में यहां अधिवक्ताओं पर भी सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले भी न्यायालय परिसर में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के गोली चलाने और हत्या तक की घटनाएं हो चुकी हैं।
बैठक में मौजूद अधिवक्ता पवन परमार, मुकेश गुलिया, संजय तंवर, सतीश मोरवाल, पीयूष वर्मा, राजा चांगिया, जयमल सिंह, सुरजीत सैनी ने बताया कि न्यायालय परिसर में 2,850 अधिवक्ता पंजीकृत हैं। इनमें से अधिकतर अधिवक्ता नियमित रूप से अभ्यास कर रहे हैं। ऐसे में उनके साथ भी आपराधिक घटनाओं का खतरा रहता है। अधिवक्ताओं को शिकायत करने के लिए भी सिविल लाइन पुलिस थाने तक जाना पड़ता है जबकि थाने के तहत जिला न्यायालय परिसर और इसके आसपास कोई पुलिस चौकी नहीं है।
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अगर यहां पुलिस चौकी स्थापित होती है तो अधिवक्ताओं और न्यायालय परिसर की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन के पास पुख्ता प्रबंध होंगे। अधिवक्ताओं को भी अपनी शिकायतें दर्ज कराने और अपनी सुरक्षा के लिए यहां पुलिस के उचित प्रबंधों की सुविधा मिल सकेगी।
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अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में गंभीर अपराध की सुनवाई में पेश करने के लिए लाए जाने वाले अपराधियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस चौकी को जरूरी बताया। बैठक में मौजूद अधिवक्ताओं ने कहा कि कोर्ट परिसर में मारपीट की कई घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में यहां अधिवक्ताओं पर भी सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले भी न्यायालय परिसर में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के गोली चलाने और हत्या तक की घटनाएं हो चुकी हैं।
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बैठक में मौजूद अधिवक्ता पवन परमार, मुकेश गुलिया, संजय तंवर, सतीश मोरवाल, पीयूष वर्मा, राजा चांगिया, जयमल सिंह, सुरजीत सैनी ने बताया कि न्यायालय परिसर में 2,850 अधिवक्ता पंजीकृत हैं। इनमें से अधिकतर अधिवक्ता नियमित रूप से अभ्यास कर रहे हैं। ऐसे में उनके साथ भी आपराधिक घटनाओं का खतरा रहता है। अधिवक्ताओं को शिकायत करने के लिए भी सिविल लाइन पुलिस थाने तक जाना पड़ता है जबकि थाने के तहत जिला न्यायालय परिसर और इसके आसपास कोई पुलिस चौकी नहीं है।
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अगर यहां पुलिस चौकी स्थापित होती है तो अधिवक्ताओं और न्यायालय परिसर की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन के पास पुख्ता प्रबंध होंगे। अधिवक्ताओं को भी अपनी शिकायतें दर्ज कराने और अपनी सुरक्षा के लिए यहां पुलिस के उचित प्रबंधों की सुविधा मिल सकेगी।