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Bhiwani News: गोरक्षा दल सदस्यों ने विधायक आवास पर शुरू किया धरना व क्रमिक अनशन

Tue, 08 Apr 2025 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Tue, 08 Apr 2025 01:26 AM IST
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Gau Raksha Dal members started a sit-in and hunger strike at the MLA's residence
विधायक घनश्याम सर्राफ के आवास के बाहर धरना देते गोरक्षा दल के सदस्य।
भिवानी। नगर परिषद के कर्मचारियों की ओर से घायल जीव-जंतुओं को इलाज के लिए उठाकर ले जाने से इन्कार किए जाने के विरोध में सोमवार को गोरक्षा दल भिवानी के सदस्यों ने प्रधान संजय परमार के नेतृत्व भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ के आवास के समक्ष धरना दिया। इस दौरान 10 गो सेवक क्रमिक अनशन पर भी बैठे। क्रमिक अनशन पर रोजाना 10 गो सेवक बैठेंगे।
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गोरक्षा दल भिवानी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से शहर की सड़कों पर घायल गाय और अन्य जानवर बेसहारा हालत में पड़े हैं, लेकिन भिवानी नगर परिषद की ओर से कोई सहायता नहीं मिल रही है। इसकी वजह से घायल या बीमार गाय व अन्य जानवर दम तोड़ रहे हैं।
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गोरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने बताया कि शहर में घायल व बीमार गाय व अन्य जानवरों की सेवा के लिए गोरक्षा दल की मांग पर सांसद ने नगर परिषद को 2019 में एक एंबुलेंस भेंट की थी, जिसे अब पिछले दो वर्षों से गोरक्षा दल भिवानी के सहयोग से नगर परिषद द्वारा संचालित किया जा रहा है। लेकिन 10 दिन पहले अज्ञात कारणों से नगर परिषद ने वह एंबुलेंस वापस ले ली।
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गोरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने बताया कि शहर में बेसहारा नंदी को पकडऩे, बंदरों को पकड़ने, आवारा कुत्तों के रेबीज का वैक्सीनेशन का ठेका जब नगर परिषद छोड़ती है तो घायल या बीमार गाय व अन्य जानवरों के उपचार की जिम्मेदारी भी नगर परिषद की बनती है, लेकिन गोरक्षा दल भिवानी नगर परिषद के कार्य को अपने स्तर पर करती है। इसके बावजूद भी नगर परिषद द्वारा कोई सहायता नहीं की जा रही।संजय परमार ने कहा कि एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की गाइड लाइन के अनुसार सभी बेसहारा गाय व अन्य जानवरों के आश्रय, पानी, पर्याप्त भोजन, चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध करना और उनको क्रूरता से बचाना पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा 3 के अनुसार स्थानीय निकाय की बनती है, जिसका पालन ना होने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो उनका अनिश्चितकालीन धरना क्रमिक अनशन से बदलकर आमरण अनशन का रूप लेगा। धरने के पहले दिन सोमवार को बलदेव, सुल्तान सैनी, आकाश भाटी, सचिन सैनी, हितेश, अभी ठाकुर, करण, देव, कृष्ण नंदन, संजय परमार क्रमिक अनशन पर बैठे। इस मौके पर साहिल, छोटू नाई, शुभम खाती, मोहन, प्रवीन दिग्विजय, गोलू शर्मा, रविंदर, कुकी परमार मौजूद रहे।


गो रक्षकों के धरने पर पहुंचे नप अधिकारी, नहीं बनी सहमति
विधायक आवास के बाहर क्रमिक अनशन और धरना पर बैठे गो रक्षकों को समझाने शाम को नगर परिषद के अधिकारी मौके पर पहुंचे। नप अधिकारियों ने गो रक्षा दल सदस्यों से बातचीत की, लेकिन काफी देर बात के बाद भी सहमति नहीं बनी। इसके बाद अधिकारी लौट गए।
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