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युवकों को फौज में नौकरी दिलाने के नाम पर 17 लाख की ठगी
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बेरोजगार युवाओं को फौज में नौकरी दिलाने के नाम पर 17 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों द्वारा बेरोजगार युवाओं को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी थमाए गए। इसके बाद जब पोल खुली तो पैसे लौटाने से भी इंकार कर दिया। वहीं सदर पुलिस ने इस संबंध में पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
सदर पुलिस थाना में दी शिकायत में गांव मानहेरू वासी सुनील ने बताया कि एक साल पहले उसके पड़ोसी गाव मधमाधवी निवासी चार लोगों के बारे में पता चला था कि ये पैसे लेकर फौज में नौकरी लगवाते हैं। इसी दौरान मधमाधवी वासी धर्मपाल नामक व्यक्ति आया, जिसने उसके पिता के सामने आरोपी ने बताया कि उसका पौता व अन्य आरोपी प्रति युवक चार लाख रुपये लेकर फौज में नौकरी लगवा रहे हैं। इस पर उसके पिता के साथ वह आरोपियों के पास पहुंचे और उसे व उसके छोटे भाई को नौकरी लगवाने की बात कही। मौके पर ही चार लाख रुपये भी आरोपियों को दिए गए। जबकि बाकी के चार लाख ज्वाइनिंग लेटर आने के बाद देना तय हुआ था। इसी तरह उसने अपने दोस्तों से जिक्र किया तो वो भी नौकरी के लिए पैसे देने को राजी हो गए। इस तरह से कई अन्य युवाओं के मिलाकर आरोपियों को 17 लाख रुपये की राशि का नौकरी दिलाने के नाम पर भुगतान किया जा चुका था। सुनील का आरोप है कि दिसंबर 2019 में उसके पास फोन आया और उसे सभी युवाओं के ज्वाइनिंग लेटर ले जाने के लिए बोला। इस ज्वाइनिंग लेटर के हिसाब से उसने रिपोर्ट किए गए पते पर पहुंचकर जब ये पत्र दिखाया तो सेना के अधिकारियों ने उन्हें चेतावनी देकर वापस भेज दिया कि ये पत्र फर्जी हैं, तुम्हारे खिलाफ ही केस दर्ज हो जाएंगे। इसके बाद वापस आकर परिजनों को आपबीती बताई। जिसके बाद कई बार पैसे वापस लेने के लिए पंचायतों का दौर चला। लेकिन आरोपी उन्हें जबरन हथियार के बल पर डरा धमकाकर भेजते रहे। इस मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने इस संबंध में गांव मधमाधवी वासी अमित, धर्मेंद्र उर्फ परंतु, रोहित, सुरेश व धर्मपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।
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सदर पुलिस थाना में दी शिकायत में गांव मानहेरू वासी सुनील ने बताया कि एक साल पहले उसके पड़ोसी गाव मधमाधवी निवासी चार लोगों के बारे में पता चला था कि ये पैसे लेकर फौज में नौकरी लगवाते हैं। इसी दौरान मधमाधवी वासी धर्मपाल नामक व्यक्ति आया, जिसने उसके पिता के सामने आरोपी ने बताया कि उसका पौता व अन्य आरोपी प्रति युवक चार लाख रुपये लेकर फौज में नौकरी लगवा रहे हैं। इस पर उसके पिता के साथ वह आरोपियों के पास पहुंचे और उसे व उसके छोटे भाई को नौकरी लगवाने की बात कही। मौके पर ही चार लाख रुपये भी आरोपियों को दिए गए। जबकि बाकी के चार लाख ज्वाइनिंग लेटर आने के बाद देना तय हुआ था। इसी तरह उसने अपने दोस्तों से जिक्र किया तो वो भी नौकरी के लिए पैसे देने को राजी हो गए। इस तरह से कई अन्य युवाओं के मिलाकर आरोपियों को 17 लाख रुपये की राशि का नौकरी दिलाने के नाम पर भुगतान किया जा चुका था। सुनील का आरोप है कि दिसंबर 2019 में उसके पास फोन आया और उसे सभी युवाओं के ज्वाइनिंग लेटर ले जाने के लिए बोला। इस ज्वाइनिंग लेटर के हिसाब से उसने रिपोर्ट किए गए पते पर पहुंचकर जब ये पत्र दिखाया तो सेना के अधिकारियों ने उन्हें चेतावनी देकर वापस भेज दिया कि ये पत्र फर्जी हैं, तुम्हारे खिलाफ ही केस दर्ज हो जाएंगे। इसके बाद वापस आकर परिजनों को आपबीती बताई। जिसके बाद कई बार पैसे वापस लेने के लिए पंचायतों का दौर चला। लेकिन आरोपी उन्हें जबरन हथियार के बल पर डरा धमकाकर भेजते रहे। इस मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने इस संबंध में गांव मधमाधवी वासी अमित, धर्मेंद्र उर्फ परंतु, रोहित, सुरेश व धर्मपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।
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