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फर्जी डाक्टर मामला : भिवानी के सरकारी अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी से भी थे फर्जी डॉक्टर के लिंक

Tue, 19 Nov 2019 01:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 19 Nov 2019 01:09 AM IST
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18 फोटो भिवानी नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन रोहतक में पकड़ा गया फर्जी चिकित्सक पवन। - फोटो : Bhiwani
पीजीआई रोहतक में फर्जी डॉक्टर बनकर मरीजों से रुपये ऐंठने के आरोप में पकड़े गए भिवानी के गांव जताई वासी पवन को रिमांड के दौरान नकली आई कार्ड बरामद करने के लिए पुलिस भिवानी लेकर पहुंची। उसे उसके गांव ले जाया गया। जहां अचानक उसने तबीयत खराब होने की बात कही। जिसके बाद पुलिस उसे इमरजेंसी लेकर पहुंची। जहां उसके विभिन्न टेस्ट किए गए। शुरुआती जांच में सभी रिपोर्ट नॉर्मल रही। पुलिस पूछताछ में फर्जी डॉ. पवन ने भिवानी अस्पताल के एक चिकित्सक का नाम लिया है, जिससे उसके लिंक थे। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है।
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उल्लेखनीय है कि पीजीआईएमएस में बीते 15 नवंबर को मरीजों के काम कराने के बहाने रुपये ऐंठने के आरोप में फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया था। पूछताछ में आरोपी की पहचान भिवानी की लाजपत नगर कॉलोनी वासी पवन के रूप में हुई थी। पीजीआईएमएस संस्थान के डीएमएस एवं नोडल अधिकारी लिटिगेशन डॉ. संदीप ने चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय से आरोपी को पकड़ा और फिर पीजीआई थाना पुलिस के सुपुर्द किया। पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। पुलिस थाने में जब उससे पूछताछ कर रही थी तो लघु शंका के बहाने वह वहां से निकला और फरार हो गया। आरोपी को भिवानी पुलिस की मदद से दोबारा पकड़ा गया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया।
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सोमवार को पुलिस रिमांड के दौरान नकली आई कार्ड बरामद करने व अन्य जांच के लिए पवन को उसके गांव जताई लेकर पहुंची। यहां पुलिस कागजात बरामद कर रही थी कि फर्जी वह छाती में दर्द बताने लगा। जिसके बाद पुलिस शाम को पवन को इमरजेंसी लेकर पहुंची। देर शाम तक उसके विभिन्न टेस्ट किए जा रहे थे।
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भिवानी के डॉक्टर से था जुड़ाव : रिमांड के दौरान फर्जी डॉक्टर पवन ने भिवानी के एक चिकित्सा अधिकारी का नाम लिया है, जिससे उसके लिंक थे। पुलिस अभी मामले की जांच में जुटी है। भिवानी अस्पताल का उक्त चिकित्सक भी जांच के घेरे में फंस सकता है।
रजिस्टर्ड करवा रखी है समिति, डीसी ऑफिस से ले रखी है एंबुलेंस की अनुमति : फर्जी डॉ. पवन ने महिला उत्थान एवं सेवा समिति के नाम से एक संस्था भी रजिस्टर्ड करवा रखी है। जिसका वह डायरेक्टर बना हुआ है। इसके रिकार्ड में भी उसका नाम डॉ. पवन ही है। इतना ही नहीं इस समिति के आधार पर उसने उपायुक्त कार्यालय से एंबुलेंस की भी अनुमति ले रखी है। इन्हीं के आधार पर यह लोगों को भी बेवकूफ बनाता था।

मेरा नाम डॉ. पवन है : पुलिस रिमांड के दौरान फर्जी डॉ. पवन का कहना है कि उसका नाम डॉ. पवन है। उसने कोई डिग्री नहीं की। उसका ये नाम है।
नकली डॉक्टर पवन को रिमांड के दौरान जांच के लिए भिवानी के जताई गांव में लाया गया था। यहां यह तबीयत खराब बताने लगा। जिसके बाद उसे इमरजेंसी लाया गया है। यहां इसकी जांच करवा रहे है।
एएसआई देवी सिंह, जांच अधिकारी, पीजीआई थाना
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