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Bhiwani News: महज सौ रुपये रोजाना मेहनताने में आठ से नौ घंटे कराया जा रहा था चार नाबालिग बच्चों से कठोर बाल श्रम
Fri, 01 Dec 2023 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 01 Dec 2023 11:04 PM IST
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भिवानी।
बचपन बचाओ आंदोलन के स्टेट कोआर्डिनेटर पुनीत शर्मा के साथ बाल कल्याण समिति और मानव तस्करी निरोधक स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम ने बाल संरक्षण अधिकारी व श्रम विभाग के निरीक्षक के साथ संयुक्त रूप से शुक्रवार को भी दूसरे दिन ऑटो मार्केट में छापामारा। इस दौरान ऑटो मार्केट की दुकानों पर महज सौ रुपये के मामूली मेहनताने में नाबालिग लड़कों से आठ से नौ घंटे तक कठिन श्रम कराया जा रहा था। संयुक्त टीम सदस्यों ने ऑटो मार्केट की चार दुकानों से चार नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया।
इनकी उम्र महज 14 से 16 साल तक की थी। टीम ने चारों बच्चों का नागरिक अस्पताल में मेडिकल कराया। वहीं परिजनों को बुलाकर उन्हें सुपुर्द किया। इस संबंध में दुकानदारों पर बाल श्रम व किशोर न्याय अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की सिफारिश भी की जाएगी।
शहर की ऑटो मार्केट में शुक्रवार को बचपन बचाओ आंदोलन के स्टेट कोऑर्डिनेटर पुनीत शर्मा, बाल कल्याण समिति सदस्य सतेंद्र तंवर व रमेश कुमार, मानव तस्करी निरोधक स्टेट क्राइम ब्रांच के इंचार्ज एसआई संजय कुमार, एएसआई कपिल देव, एचसी जयबीर, बाल संरक्षण अधिकारी संदीप कुमार, श्रम निरीक्षक रवि शंकर की संयुक्त टीम ने छापामारा। टीम सदस्यों ने टायर वर्कर्स की दुकान पर 15 साल के लड़के को रेस्क्यू किया। पूछताछ में लड़के ने बताया कि उसे चार हजार रुपये महीने का मेहनताना दिया जा रहा है उसे रोजाना सुबह नौ से रात साढ़े नौ बजे तक यहां काम कराया जा रहा है।
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इसी तरह एक डेंटर की दुकान से 16 साल के लड़के को रेस्क्यू किया। पूछताछ में लड़के ने बताया कि उसे वह रोजाना सुबह नौ से शाम साढ़े पांच बजे तक यहां काम करता है। इसके बदले मालिक उसे कुछ नहीं देता है। इसी तरह कार मिस्त्री की दुकान से भी एक 17 साल का नाबालिग लड़का संयुक्त टीम ने रेस्क्यू किया। पूछताछ में लड़के ने बताया कि उसे तीन हजार रुपये मेहनताना दिया जा रहा है और सुबह साढ़े आठ बजे से शाम सात बजे तक यहां काम करा रहे हैं।
ऑटो मार्केट में एक व्हील की दुकान पर भी नाबालिग बच्चा काम करते हुए पाया गया। 17 साल का लड़का यहां आठ हजार रुपये महीने के मेहनताने पर सुबह नौ बजे से शाम साढ़े छह बजे तक काम कर रहा था। इस बच्चे को भी टीम ने रेस्क्यू किया। ऑटो मार्केट में डेंट पेंट की दुकान पर भी एक नाबालिग काम करते हुए मिला। 16 साल के इस लड़के ने बताया कि उसे यहां रोजाना सौ रुपये मेहनताना मिलता है। उससे सुबह नौ बजे से रात साढे़ आठ बजे तक काम कराया जा रहा है।
ऑटो मार्केट से चार नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किए जाने के बाद इसकी शिकायत अनाज मंडी पुलिस चौकी में भी दर्ज कराई। इसके बाद सभी बच्चों को नागरिक अस्पताल में मेडिकल के लिए लाया गया। संयुक्त टीम ने बाल कल्याण समिति कार्यालय में सभी बच्चों को लेकर उनके परिजनों को सौंप दिया। वहीं इस संबंध में बाल कल्याण समिति कार्यालय की ओर से बाल श्रम कराने वाले दुकानदारों पर भी आगामी कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी।
नाबालिग बच्चों से बाल मजदूरी कराना अपराध : सतेंद्र तंवर
बाल कल्याण समिति सदस्य सतेंद्र तंवर ने बताया कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत चार सरकारी विभागों की संयुक्त टीम जिला प्रशासन के निर्देश पर बाल श्रम के खिलाफ अभियान चला रही है। इसके तहत बाल मजदूरी में फंसे बच्चों को रेस्क्यू किया जा रहा है। इसी कड़ी में पिछले एक सप्ताह के अंदर काफी बच्चों को टीम रेस्क्यू कर चुकी है और तीन दुकानदारों के खिलाफ बाल श्रम व किशोर न्यास अधिनियम के तहत केस दर्ज करा कानूनी कार्रवाई करा चुकी है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठान संचालकों से भी अपील की है कि वे किसी भी नाबालिग बच्चे से बाल श्रम न कराएं। ऐसा करना अपराध है।
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बचपन बचाओ आंदोलन के स्टेट कोआर्डिनेटर पुनीत शर्मा के साथ बाल कल्याण समिति और मानव तस्करी निरोधक स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम ने बाल संरक्षण अधिकारी व श्रम विभाग के निरीक्षक के साथ संयुक्त रूप से शुक्रवार को भी दूसरे दिन ऑटो मार्केट में छापामारा। इस दौरान ऑटो मार्केट की दुकानों पर महज सौ रुपये के मामूली मेहनताने में नाबालिग लड़कों से आठ से नौ घंटे तक कठिन श्रम कराया जा रहा था। संयुक्त टीम सदस्यों ने ऑटो मार्केट की चार दुकानों से चार नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया।
इनकी उम्र महज 14 से 16 साल तक की थी। टीम ने चारों बच्चों का नागरिक अस्पताल में मेडिकल कराया। वहीं परिजनों को बुलाकर उन्हें सुपुर्द किया। इस संबंध में दुकानदारों पर बाल श्रम व किशोर न्याय अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की सिफारिश भी की जाएगी।
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शहर की ऑटो मार्केट में शुक्रवार को बचपन बचाओ आंदोलन के स्टेट कोऑर्डिनेटर पुनीत शर्मा, बाल कल्याण समिति सदस्य सतेंद्र तंवर व रमेश कुमार, मानव तस्करी निरोधक स्टेट क्राइम ब्रांच के इंचार्ज एसआई संजय कुमार, एएसआई कपिल देव, एचसी जयबीर, बाल संरक्षण अधिकारी संदीप कुमार, श्रम निरीक्षक रवि शंकर की संयुक्त टीम ने छापामारा। टीम सदस्यों ने टायर वर्कर्स की दुकान पर 15 साल के लड़के को रेस्क्यू किया। पूछताछ में लड़के ने बताया कि उसे चार हजार रुपये महीने का मेहनताना दिया जा रहा है उसे रोजाना सुबह नौ से रात साढ़े नौ बजे तक यहां काम कराया जा रहा है।
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इसी तरह एक डेंटर की दुकान से 16 साल के लड़के को रेस्क्यू किया। पूछताछ में लड़के ने बताया कि उसे वह रोजाना सुबह नौ से शाम साढ़े पांच बजे तक यहां काम करता है। इसके बदले मालिक उसे कुछ नहीं देता है। इसी तरह कार मिस्त्री की दुकान से भी एक 17 साल का नाबालिग लड़का संयुक्त टीम ने रेस्क्यू किया। पूछताछ में लड़के ने बताया कि उसे तीन हजार रुपये मेहनताना दिया जा रहा है और सुबह साढ़े आठ बजे से शाम सात बजे तक यहां काम करा रहे हैं।
ऑटो मार्केट में एक व्हील की दुकान पर भी नाबालिग बच्चा काम करते हुए पाया गया। 17 साल का लड़का यहां आठ हजार रुपये महीने के मेहनताने पर सुबह नौ बजे से शाम साढ़े छह बजे तक काम कर रहा था। इस बच्चे को भी टीम ने रेस्क्यू किया। ऑटो मार्केट में डेंट पेंट की दुकान पर भी एक नाबालिग काम करते हुए मिला। 16 साल के इस लड़के ने बताया कि उसे यहां रोजाना सौ रुपये मेहनताना मिलता है। उससे सुबह नौ बजे से रात साढे़ आठ बजे तक काम कराया जा रहा है।
ऑटो मार्केट से चार नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किए जाने के बाद इसकी शिकायत अनाज मंडी पुलिस चौकी में भी दर्ज कराई। इसके बाद सभी बच्चों को नागरिक अस्पताल में मेडिकल के लिए लाया गया। संयुक्त टीम ने बाल कल्याण समिति कार्यालय में सभी बच्चों को लेकर उनके परिजनों को सौंप दिया। वहीं इस संबंध में बाल कल्याण समिति कार्यालय की ओर से बाल श्रम कराने वाले दुकानदारों पर भी आगामी कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी।
नाबालिग बच्चों से बाल मजदूरी कराना अपराध : सतेंद्र तंवर
बाल कल्याण समिति सदस्य सतेंद्र तंवर ने बताया कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत चार सरकारी विभागों की संयुक्त टीम जिला प्रशासन के निर्देश पर बाल श्रम के खिलाफ अभियान चला रही है। इसके तहत बाल मजदूरी में फंसे बच्चों को रेस्क्यू किया जा रहा है। इसी कड़ी में पिछले एक सप्ताह के अंदर काफी बच्चों को टीम रेस्क्यू कर चुकी है और तीन दुकानदारों के खिलाफ बाल श्रम व किशोर न्यास अधिनियम के तहत केस दर्ज करा कानूनी कार्रवाई करा चुकी है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठान संचालकों से भी अपील की है कि वे किसी भी नाबालिग बच्चे से बाल श्रम न कराएं। ऐसा करना अपराध है।