{"_id":"685da048cd6be37422059867","slug":"forgery-in-documentsrecognition-of-nandgaons-pg-high-school-cancelled-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-136021-2025-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा...नंदगांव के पीजी हाईस्कूल की मान्यता हुई रद्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा...नंदगांव के पीजी हाईस्कूल की मान्यता हुई रद्द
Fri, 27 Jun 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 27 Jun 2025 01:02 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला में प्रकाशित खबर।
भिवानी। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हरियाणा स्कूली शिक्षा विभाग से मान्यता लेकर चल रहे नंदगांव के पीजी हाई स्कूल की माध्यमिक शिक्षा हरियाणा के निदेशक ने मान्यता को वापस लेने के आदेश जारी कर दिए हैं। दरअसल नंदगांव में जिस भूमि पर 12वीं तक स्कूल संचालन की मान्यता ली थी वहां जांच में धरातल पर शिक्षा अधिकारियों को गेहूं की फसल खड़ी मिली थी।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे ली गई मान्यता संबंधी जांच रिपोर्ट शिक्षा अधिकारियों ने मुख्यालय को भेजी थी। जिसके बाद माध्यमिक शिक्षा हरियाणा के निदेशक ने नंदगांव के पीजी हाई स्कूल की मान्यता को वापस ली गई है। अमर उजाला ने 20 दिसंबर 2024 के अंक में शिक्षा विभाग के रिकार्ड में 12वीं तक स्कूल, धरातल पर लहलहा रही फसल शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
नंदगांव निवासी ग्रामीण कर्णवीर यादव ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी थी। उसने शिकायत में बताया था कि नंदगांव में पीजी हाई स्कूल चल रहा है। इसके संचालक ने वर्ष 2007 में शिक्षा विभाग से दसवीं तक विद्यालय संचालन की स्थायी मान्यता प्राप्त की थी। हालांकि जिस भूमि पर इस विद्यालय की मान्यता ली गई, वहां पर आज भी खेत में मौसमी फसल खड़ी है। इस स्कूल के नाम से नंदगांव के एक निजी भवन में 319 बच्चों की पहली से बारहवीं तक कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इस शिकायत के बाद शिक्षा अधिकारियों ने जांच के लिए मौके पर पहुंचकर हालात देखे तो वे भी हैरान रह गए। क्योंकि वहां कोई स्कूल भवन नहीं बल्कि गेहूं की फसल लहलहा रही थी।
विज्ञापन
इसके बाद पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद पूरा मामला खुल गया। उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने भी एक जांच टीम का गठन किया। जिसमें सरकारी स्कूल के प्राचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के क्लर्क, हल्का पटवारी और गुप्तचर विभाग के अधिकारी शामिल किए गए। इस जांच कमेटी ने भी विद्यालय के भूमि रिकॉर्ड की जांच की तो पाया कि जहां स्कूल का भवन और खेल मैदान दिखाया है वहां धरातल पर फसल खड़ी है। इस कमेटी के अधिकारियों ने अवैध रूप से विद्यालय संचालन पर कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को रिपोर्ट भी सौंपी। वहीं, तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी ने भी इस मामले में अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को कार्रवाई के लिए भेजी।
भूमि की गिरदावरी रिपोर्ट से खुल गया स्कूल का खेल
नंदगांव में स्कूल की शिकायत के बाद हलका पटवारी ने गिरदावरी रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की गई कि शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में जहां स्कूल दर्शाया गया है वहां वास्तव में फसल की बिजाई की जा रही है यानी यह कृषि भूमि हर सीजन फसल लेने में प्रयोग हो रही है। जहां कोई भी स्कूल भवन कभी बना ही नहीं। जबकि एक अप्रैल 2007 से इसी भूमि पर शिक्षा विभाग से दसवीं तक की स्थायी मान्यता चली आ रही है। इसी भूमि पर 2023 में विद्यालय को शिक्षा विभाग ने 12वीं तक की भी मान्यता दे डाली।
शिक्षा निदेशालय ने जारी आदेश में ये दिया तर्क
माध्यमिक शिक्षा हरियाणा के निदेशक द्वारा जारी किए गए आदेश में नंदगांव के पीजी हाई स्कूल के एक अप्रैल 2024 से पहली से दसवीं तक स्थायी मान्यता प्रदान किए जाने का हवाला दिया है। इस स्कूल का संचालन पीजी प्रबंध समिति की ओर से किया जाता रहा है। निदेशक ये यह भी उल्लेख किया है कि शिक्षा सोयायटी नंदगांव को इस शर्त पर संबंधित स्कूल हरियाणा विद्यालय शिक्षा 2003 में सभी नियमों और शर्तों का पालन करने पर मान्यता दी गई थी, हालांकि संबंधित स्कूल ने इसका पालन नहीं किया है और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चल रहा है और विभाग को गुमराह कर रहा है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि पीजी हाई स्कूल नंदगांव जिला भिवानी को आदेश संख्या 19/51-2007 पीएस (4) 25.04.2007 के तहत कक्षा एक से 10वीं तक के लिए जारी की गई स्थायी मान्यता जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी की 12.02.2025 की रिपोर्ट के आधार पर तुरंत प्रभाव से वापस ली जाती है। हाई स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नजदीकी सरकारी स्कूल में दाखिले करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
नंदगांव के पीजी हाई स्कूल के संबंध में पहले जांच की गई थी। जांच में अधिकारियों को यहां कोई भी विद्यालय भवन नहीं मिला था। इस संबंध में रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गई थी। इस विद्यालय को बच्चों का भविष्य देखते हुए 31 मार्च तक ही संचालन की अनुमति थी, लेकिन अब इस विद्यालय के संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी से यथास्थिति की रिपोर्ट तलब की गई है, जिसे मुख्यालय भेज उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
-डॉ. निर्मल दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।
विज्ञापन
फर्जी दस्तावेजों के सहारे ली गई मान्यता संबंधी जांच रिपोर्ट शिक्षा अधिकारियों ने मुख्यालय को भेजी थी। जिसके बाद माध्यमिक शिक्षा हरियाणा के निदेशक ने नंदगांव के पीजी हाई स्कूल की मान्यता को वापस ली गई है। अमर उजाला ने 20 दिसंबर 2024 के अंक में शिक्षा विभाग के रिकार्ड में 12वीं तक स्कूल, धरातल पर लहलहा रही फसल शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
विज्ञापन
नंदगांव निवासी ग्रामीण कर्णवीर यादव ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी थी। उसने शिकायत में बताया था कि नंदगांव में पीजी हाई स्कूल चल रहा है। इसके संचालक ने वर्ष 2007 में शिक्षा विभाग से दसवीं तक विद्यालय संचालन की स्थायी मान्यता प्राप्त की थी। हालांकि जिस भूमि पर इस विद्यालय की मान्यता ली गई, वहां पर आज भी खेत में मौसमी फसल खड़ी है। इस स्कूल के नाम से नंदगांव के एक निजी भवन में 319 बच्चों की पहली से बारहवीं तक कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इस शिकायत के बाद शिक्षा अधिकारियों ने जांच के लिए मौके पर पहुंचकर हालात देखे तो वे भी हैरान रह गए। क्योंकि वहां कोई स्कूल भवन नहीं बल्कि गेहूं की फसल लहलहा रही थी।
विज्ञापन
इसके बाद पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद पूरा मामला खुल गया। उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने भी एक जांच टीम का गठन किया। जिसमें सरकारी स्कूल के प्राचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के क्लर्क, हल्का पटवारी और गुप्तचर विभाग के अधिकारी शामिल किए गए। इस जांच कमेटी ने भी विद्यालय के भूमि रिकॉर्ड की जांच की तो पाया कि जहां स्कूल का भवन और खेल मैदान दिखाया है वहां धरातल पर फसल खड़ी है। इस कमेटी के अधिकारियों ने अवैध रूप से विद्यालय संचालन पर कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को रिपोर्ट भी सौंपी। वहीं, तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी ने भी इस मामले में अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को कार्रवाई के लिए भेजी।
भूमि की गिरदावरी रिपोर्ट से खुल गया स्कूल का खेल
नंदगांव में स्कूल की शिकायत के बाद हलका पटवारी ने गिरदावरी रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की गई कि शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में जहां स्कूल दर्शाया गया है वहां वास्तव में फसल की बिजाई की जा रही है यानी यह कृषि भूमि हर सीजन फसल लेने में प्रयोग हो रही है। जहां कोई भी स्कूल भवन कभी बना ही नहीं। जबकि एक अप्रैल 2007 से इसी भूमि पर शिक्षा विभाग से दसवीं तक की स्थायी मान्यता चली आ रही है। इसी भूमि पर 2023 में विद्यालय को शिक्षा विभाग ने 12वीं तक की भी मान्यता दे डाली।
शिक्षा निदेशालय ने जारी आदेश में ये दिया तर्क
माध्यमिक शिक्षा हरियाणा के निदेशक द्वारा जारी किए गए आदेश में नंदगांव के पीजी हाई स्कूल के एक अप्रैल 2024 से पहली से दसवीं तक स्थायी मान्यता प्रदान किए जाने का हवाला दिया है। इस स्कूल का संचालन पीजी प्रबंध समिति की ओर से किया जाता रहा है। निदेशक ये यह भी उल्लेख किया है कि शिक्षा सोयायटी नंदगांव को इस शर्त पर संबंधित स्कूल हरियाणा विद्यालय शिक्षा 2003 में सभी नियमों और शर्तों का पालन करने पर मान्यता दी गई थी, हालांकि संबंधित स्कूल ने इसका पालन नहीं किया है और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चल रहा है और विभाग को गुमराह कर रहा है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि पीजी हाई स्कूल नंदगांव जिला भिवानी को आदेश संख्या 19/51-2007 पीएस (4) 25.04.2007 के तहत कक्षा एक से 10वीं तक के लिए जारी की गई स्थायी मान्यता जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी की 12.02.2025 की रिपोर्ट के आधार पर तुरंत प्रभाव से वापस ली जाती है। हाई स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नजदीकी सरकारी स्कूल में दाखिले करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
नंदगांव के पीजी हाई स्कूल के संबंध में पहले जांच की गई थी। जांच में अधिकारियों को यहां कोई भी विद्यालय भवन नहीं मिला था। इस संबंध में रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गई थी। इस विद्यालय को बच्चों का भविष्य देखते हुए 31 मार्च तक ही संचालन की अनुमति थी, लेकिन अब इस विद्यालय के संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी से यथास्थिति की रिपोर्ट तलब की गई है, जिसे मुख्यालय भेज उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
-डॉ. निर्मल दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।