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Bhiwani News: सीबीएलयू के संविधान में खेल पर फोकस, धरातल पर अभ्यास के लिए मैदान व पढ़ाई के लिए कोर्स तक नहीं
Tue, 06 Jun 2023 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 06 Jun 2023 11:57 PM IST
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प्रेमनगर में निर्माणधीन चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी का प्रवेश द्वार।
भिवानी। भिवानी की चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी में खिलाड़ियों को अपने खेल की प्रैक्टिस करने के लिए न तो इंडोर हॉल या स्टेडियम की सुविधा है और न ही पढ़ाई के लिए बीपीएड और एमपीएड कोर्स की सुविधा है। आश्चर्यजनक बात तो यह है कि प्रदेश की यह एकमात्र यूनिवर्सिटी है इसके संविधान में खेल पर फोकस का वर्णन किया गया है।
इसके बावजूद यूनिवर्सिटी में खिलाड़ियों को अपने खेल की प्रैक्टिस करने के लिए सुविधा तक नहीं है और न ही आगे निर्माणाधीन यूनिवर्सिटी में कोई इंडोर या आउट डोर स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव मंजूर हुआ है।इसके कारण यूनिवर्सिटी में रहकर पढ़ाई और खेल की प्रैक्टिस करने की इच्छा कई विद्यार्थियों के मन में ही रहती दिखाई दे रही है। इसके कारण वे जिला में विभिन्न खेलों की निजी अकादमियों में रुपये देकर प्रैक्टिस करने को मजबूर है। यूनिवर्सिटी में एक बहुउद्देशीय इंडोर खेल स्टेडियम बनाने के लिए साई को करीब दो साल पहले यूनिवर्सिटी की तरफ से प्रस्ताव भेजा गया था। जिस पर साई की तरफ से भी सहमति नहीं मिली। इसका खामियाजा विद्यार्थी खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है।
खिलाड़ी छात्रा कमल, मनीषा और खुशी ने बताया कि वो पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी नाम रोशन करना चाहती है। लेकिन पढ़ाई के साथ खेल की प्रैक्टिस करने के लिए यूनिवर्सिटी में कोई भी सुविधा नहीं है। मजबूरन उन्हें निजी अकादमियों में प्रैक्टिस के लिए जाना पड़ता है। खेल प्रैक्टिस की सुविधा न होने के चलते कई छात्राएं खेल को छोड़ देती हैं। इसके कारण उनका खेल के क्षेत्र में अपना नाम रोशन करने की तमन्ना मन में रह जाती है। इसके अलावा सीबीएलयू में शारीरिक शिक्षा से संबंधित बीपीएड और एमपीएड कोर्स की भी सुविधा नहीं है। इसके लिए विद्यार्थी अन्य विश्वविद्यालयों में जाकर कोर्स करने को मजबूर हैं।
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यूनिवर्सिटी की तरफ से करीब दो साल पहले एक इंडोर मल्टीपर्पज हॉल बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। उस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली थी। भविष्य में इसके लिए प्रयास जारी रहेंगे। खिलाड़ियों के लिए प्रैक्टिस करने के लिए यूनिवर्सिटी में एक बड़ा हॉल का होना जरूरी है। इससे पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थी खेल में भी सहभागीदारी निभा सकें। अभी बीपीएड और एमपीएड कोर्स की भी सुविधा यूनिवर्सिटी में नहीं है।
-सुरेश मलिक, डीन, स्टूडेंट एक्टिविटी एंड वेलफेयर, सीबीएलयू भिवानी।
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इसके बावजूद यूनिवर्सिटी में खिलाड़ियों को अपने खेल की प्रैक्टिस करने के लिए सुविधा तक नहीं है और न ही आगे निर्माणाधीन यूनिवर्सिटी में कोई इंडोर या आउट डोर स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव मंजूर हुआ है।इसके कारण यूनिवर्सिटी में रहकर पढ़ाई और खेल की प्रैक्टिस करने की इच्छा कई विद्यार्थियों के मन में ही रहती दिखाई दे रही है। इसके कारण वे जिला में विभिन्न खेलों की निजी अकादमियों में रुपये देकर प्रैक्टिस करने को मजबूर है। यूनिवर्सिटी में एक बहुउद्देशीय इंडोर खेल स्टेडियम बनाने के लिए साई को करीब दो साल पहले यूनिवर्सिटी की तरफ से प्रस्ताव भेजा गया था। जिस पर साई की तरफ से भी सहमति नहीं मिली। इसका खामियाजा विद्यार्थी खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है।
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खिलाड़ी छात्रा कमल, मनीषा और खुशी ने बताया कि वो पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी नाम रोशन करना चाहती है। लेकिन पढ़ाई के साथ खेल की प्रैक्टिस करने के लिए यूनिवर्सिटी में कोई भी सुविधा नहीं है। मजबूरन उन्हें निजी अकादमियों में प्रैक्टिस के लिए जाना पड़ता है। खेल प्रैक्टिस की सुविधा न होने के चलते कई छात्राएं खेल को छोड़ देती हैं। इसके कारण उनका खेल के क्षेत्र में अपना नाम रोशन करने की तमन्ना मन में रह जाती है। इसके अलावा सीबीएलयू में शारीरिक शिक्षा से संबंधित बीपीएड और एमपीएड कोर्स की भी सुविधा नहीं है। इसके लिए विद्यार्थी अन्य विश्वविद्यालयों में जाकर कोर्स करने को मजबूर हैं।
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यूनिवर्सिटी की तरफ से करीब दो साल पहले एक इंडोर मल्टीपर्पज हॉल बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। उस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली थी। भविष्य में इसके लिए प्रयास जारी रहेंगे। खिलाड़ियों के लिए प्रैक्टिस करने के लिए यूनिवर्सिटी में एक बड़ा हॉल का होना जरूरी है। इससे पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थी खेल में भी सहभागीदारी निभा सकें। अभी बीपीएड और एमपीएड कोर्स की भी सुविधा यूनिवर्सिटी में नहीं है।
-सुरेश मलिक, डीन, स्टूडेंट एक्टिविटी एंड वेलफेयर, सीबीएलयू भिवानी।