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Bhiwani News: आठ माह से जलभराव के हालात बने, मुआवजा मिला न ही रास्ता, जाटूलुहारी के ग्रामीणों ने उपायुक्त कार्यालय पर किया प्रदर्शन
Tue, 17 Mar 2026 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 17 Mar 2026 12:38 AM IST
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नारेबाजी करते जाटू लुहारी के ग्रामीण।
भिवानी। जाटूलुहारी गांव में जुलाई की बारिश के बाद से खेतों में पानी जमा है जिससे हांसी रोड से घिरावठी की ढाणी तक जाने वाला तीन करम (10 फीट) चौड़ा रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता ढाणी तक जाने का एकमात्र मार्ग है। सोमवार को ग्रामीणों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
उपायुक्त से अनुरोध किया कि यह काम किसी दूसरी एजेंसी या ठेकेदार से करवाया जाए। उपायुक्त ने तुरंत जिला परिषद के कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए कि रास्ता पक्का कराया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले 26 एकड़ क्षेत्र में तीन करम (करीब दस फीट) चौड़े इस रास्ते को पक्का करने का टेंडर हुआ था, लेकिन ठेकेदार बार-बार सूचित करने के बावजूद काम शुरू नहीं कर रहा। इसी वजह से रास्ते पर जलभराव हुआ और खेतों तक पहुंच बंद हो गई।
सिंचाई विभाग ने खेतों का पानी निकालने के लिए मोटरें लगाई और रास्ते के साथ नाला बनाया, लेकिन नाले की मिट्टी रास्ते पर डाल दी गई, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। ग्रामीण चाहते हैं कि मिट्टी वापस नाले में डाली जाए और रास्ते को खोलकर पक्का करवाने के लिए टेंडर किसी अन्य एजेंसी को दिया जाए। इस मौके पर पवन कुमार, कंवरपाल, प्रताप, सुंडा, सुनू, प्रमोद, महेशा, सुरेश, भोला माैजूद रहे।
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उपायुक्त से अनुरोध किया कि यह काम किसी दूसरी एजेंसी या ठेकेदार से करवाया जाए। उपायुक्त ने तुरंत जिला परिषद के कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए कि रास्ता पक्का कराया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले 26 एकड़ क्षेत्र में तीन करम (करीब दस फीट) चौड़े इस रास्ते को पक्का करने का टेंडर हुआ था, लेकिन ठेकेदार बार-बार सूचित करने के बावजूद काम शुरू नहीं कर रहा। इसी वजह से रास्ते पर जलभराव हुआ और खेतों तक पहुंच बंद हो गई।
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सिंचाई विभाग ने खेतों का पानी निकालने के लिए मोटरें लगाई और रास्ते के साथ नाला बनाया, लेकिन नाले की मिट्टी रास्ते पर डाल दी गई, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। ग्रामीण चाहते हैं कि मिट्टी वापस नाले में डाली जाए और रास्ते को खोलकर पक्का करवाने के लिए टेंडर किसी अन्य एजेंसी को दिया जाए। इस मौके पर पवन कुमार, कंवरपाल, प्रताप, सुंडा, सुनू, प्रमोद, महेशा, सुरेश, भोला माैजूद रहे।
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