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Bhiwani News: आचार संहिता के फेर में उलझ सकती हैं जिले की पांच बाईपास परियोजना
Tue, 05 Mar 2024 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 05 Mar 2024 11:18 PM IST
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भिवानी। लोकसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच बड़ी विकास परियोजनाओं पर आचार संहिता का बैरिकेड लगने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। भिवानी में पांच बाईपास की परियोजना भी आचार संहिता में फेर में उलझ सकती हैं, क्योंकि इसकी डीपीआर तैयार होने के बाद कंसल्टेंट एजेंसी की रिपोर्ट भी तैयार हो चुकी हैं, मगर इस पर अंतिम मंजूरी के लिए अभी दिल्ली में होने वाली बैठक का इंतजार है।
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 एक्सटेंशन पर कस्बाई इलाकों में चार नए बाईपास बनने हैं, जबकि इसी परियोजना में भिवानी में भी तिगड़ाना मोड़ पर बाईपास शामिल है। दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 ई पर चार नए बाईपास की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) मंजूरी के बाद संबंधित कंसल्टेंट एजेंसी की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी अधिकारियों ने कंसल्टेंट एजेंसी की रिपोर्ट को चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा था, जिसे अब दिल्ली भेजा जा चुका है। लेकिन इस कंसल्टेंट एजेंसी की रिपोर्ट पर बाईपास के प्रारूप को अंतिम रूप दिया जाना है। जिसको लेकर दिल्ली में बैठक होगी।
इसमें केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के उच्चाधिकारी शामिल होंगे। इस बैठक में भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चौ. धर्मबीर सिंह भी होंगे। क्योंकि सांसद के प्रयासों से ही नेशनल हाईवे की इस परियोजनाओं पर पांच नए बाईपास की सौगात मिलनी हैं, जिसको लेकर अधिकारियों की तरफ से मसौदे पर काम पूरा हो चुका है।
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अब बाईपास निर्माण मामले की गेंद केंद्र के पाले में हैं, जिस पर स्टेट एजेंसियों की तरफ से अभी कोई काम बकाया नहीं रहा है। अभी तक बैठक भी निश्चित नहीं है। अगर जल्द ही इस मसौदे पर दिल्ली में चर्चा नहीं हुई तो इसके आचार संहिता में अटकने की भी प्रबल संभावना है।
ये होगा बाईपास निर्माण के बाद फायदा
नेशनल हाईवे पर लोहानी, जूई, ढिगावा और लोहारू में बाईपास बनने से यह फायदा होगा कि दिल्ली से पिलानी तक के सफर में कस्बाई इलाकों के भीड़ भरे बाजार से वाहनों को नहीं गुजरना पड़ेगा। बल्कि आबादी से काफी दूर खेतों में ये नए बाईपास बनेंगे, जहां कम समय में वाहन ज्यादा सफर तय कर पाएंगे। इन बाईपास के डिजाइन और भूमि अधिग्रहण सहित अन्य पहलुओं को लेकर ही दिल्ली में बैठक होनी है। इस बैठक में ही बाईपास निर्माण के डिजाइन को मंजूरी मिलेगी, जिसके बाद ही संबंधित एजेंसियां भूमि अधिग्रहण और बाईपास निर्माण कार्यों के टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ा पाएंगी।
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709ई पर कस्बाई इलाकों में नए बाईपास बनने के मसौदे को चंडीगढ़ मुख्यालय से दिल्ली भेजा जा चुका है। दिल्ली में इसको लेकर जल्द ही बैठक होनी है। इसमें बाईपास परियोजना पर विस्तृत चर्चा होगी और इसके बाद ही बाईपास के डिजाइन को अंतिम रूप देकर इसके निर्माण की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा।
- चौ. धर्मबीर सिंह, सांसद, भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र।
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दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 एक्सटेंशन पर कस्बाई इलाकों में चार नए बाईपास बनने हैं, जबकि इसी परियोजना में भिवानी में भी तिगड़ाना मोड़ पर बाईपास शामिल है। दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 ई पर चार नए बाईपास की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) मंजूरी के बाद संबंधित कंसल्टेंट एजेंसी की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी अधिकारियों ने कंसल्टेंट एजेंसी की रिपोर्ट को चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा था, जिसे अब दिल्ली भेजा जा चुका है। लेकिन इस कंसल्टेंट एजेंसी की रिपोर्ट पर बाईपास के प्रारूप को अंतिम रूप दिया जाना है। जिसको लेकर दिल्ली में बैठक होगी।
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इसमें केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के उच्चाधिकारी शामिल होंगे। इस बैठक में भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चौ. धर्मबीर सिंह भी होंगे। क्योंकि सांसद के प्रयासों से ही नेशनल हाईवे की इस परियोजनाओं पर पांच नए बाईपास की सौगात मिलनी हैं, जिसको लेकर अधिकारियों की तरफ से मसौदे पर काम पूरा हो चुका है।
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अब बाईपास निर्माण मामले की गेंद केंद्र के पाले में हैं, जिस पर स्टेट एजेंसियों की तरफ से अभी कोई काम बकाया नहीं रहा है। अभी तक बैठक भी निश्चित नहीं है। अगर जल्द ही इस मसौदे पर दिल्ली में चर्चा नहीं हुई तो इसके आचार संहिता में अटकने की भी प्रबल संभावना है।
ये होगा बाईपास निर्माण के बाद फायदा
नेशनल हाईवे पर लोहानी, जूई, ढिगावा और लोहारू में बाईपास बनने से यह फायदा होगा कि दिल्ली से पिलानी तक के सफर में कस्बाई इलाकों के भीड़ भरे बाजार से वाहनों को नहीं गुजरना पड़ेगा। बल्कि आबादी से काफी दूर खेतों में ये नए बाईपास बनेंगे, जहां कम समय में वाहन ज्यादा सफर तय कर पाएंगे। इन बाईपास के डिजाइन और भूमि अधिग्रहण सहित अन्य पहलुओं को लेकर ही दिल्ली में बैठक होनी है। इस बैठक में ही बाईपास निर्माण के डिजाइन को मंजूरी मिलेगी, जिसके बाद ही संबंधित एजेंसियां भूमि अधिग्रहण और बाईपास निर्माण कार्यों के टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ा पाएंगी।
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709ई पर कस्बाई इलाकों में नए बाईपास बनने के मसौदे को चंडीगढ़ मुख्यालय से दिल्ली भेजा जा चुका है। दिल्ली में इसको लेकर जल्द ही बैठक होनी है। इसमें बाईपास परियोजना पर विस्तृत चर्चा होगी और इसके बाद ही बाईपास के डिजाइन को अंतिम रूप देकर इसके निर्माण की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा।
- चौ. धर्मबीर सिंह, सांसद, भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र।