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Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Father and stepmother, 12-year-old child victimization broken

पिता और सौतेली मां की प्रताड़ना से टूट गया 12 वर्षीय बच्चा

Sat, 17 Jan 2015 12:24 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, भिवानी
ब्यूरो/ अमर उजाला, भिवानी Updated Sat, 17 Jan 2015 12:24 AM IST
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गांव किष्कंधा में एक नाबालिग लड़के के साथ उसके पिता और सौतेली माता द्वारा शारीरिक व मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। जिला बाल संरक्षण टीम के हस्तक्षेप के बाद बाढड़ा पुलिस ने लड़के की मेडिकल जांच कराई और पीड़ित के दादा अमरसिंह की शिकायत पर उसके पिता व सौतेली माता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

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गांव किष्कंधा निवासी 12 वर्षीय विपिन कुमार की माता संतोष का पांच वर्ष पहले निधन हो गया था। इसके बाद उसके पिता कृष्ण कुमार ने दूसरा विवाह कर लिया था। विवाह के बाद से ही विपिन के पिता व सौतेली माता ने उसका स्कूल जाना बंद कर दिया तथा उसके साथ मानसिक व शारीरिक शोषण शुरू कर दिया। लड़के को अक्सर खाने से वंचित रखने, बिना गलती मारपीट करने व मानसिक तौर तंग करने से वह विक्षप्त की तरह जीवन यापन करने लगा।
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पीड़ित विपिन के दादा ने जिला बाल संरक्षण विभाग को सूचित कर उसके पौत्र के साथ अमानवीय प्रताड़ना की जानकारी दी तो शुक्रवार को जिला बाल संरक्षण अधिकारी ऋतु कुमारी, परामर्शदाता हरिकिशन, जिला विधि एवं परिक्षण अधिकारी मनोज धनखड़ ने बाढड़ा पुलिस स्टेशन पहुंच कर पुलिस सुरक्षा में गांव किष्कंधा पहुंच कर लड़के को अपने साथ लिया और उसका मेडिकल परीक्षण करवाकर पीड़ित के दादा की शिकायत पर उसके पिता व सौतेली माता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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इस बारे में थाना प्रभारी देशराज ने बताया कि बाल संरक्षण अधिकारी की सिफारिश, पीड़ित के शरीर पर मिले चोट के निशान व घटनास्थल पर मिले सुबूत के आधार पर पीड़ित नाबालिग विपिन के पिता कृष्ण कुमार, सौतेली माता कविता देवी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 317, 346, 323, 23, 33 सहित बाल उत्पीड़न अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और नामजदों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बताते-बताते दादा की आंखें हो गई नम
बाल उत्पीड़न के शिकार विपिन के दादा अमरसिंह ने टीम व पुलिस बल को देखकर अपने पौत्र के साथ हुए घटनाक्रम पर आंखें नम हो गई। उन्होंने बताया कि उनकेपौत्र के साथ जान बूझ कर यह प्रताड़ना की जा रही है। उनके पोते को समय पर खाना मिल रहा है। उसको स्कूल भी नहीं भेजा जा रहा। बिना गलती के प्रतिदिन मारपीट की जा रही है जिससे उसका जीवन पशु के समान हो गया है। इसीलिए मजबूरीवश उसको टोल फ्री नंबर पर फोन कर इसकी सूचना देनी पड़ी।


प्रताड़ना की हद थी: रितु देवी
जिला बाल संरक्षण अधिकारी रितु कुमारी व जिला विधि एवं परीक्षण अधिकारी मनोज धनखड़ ने कहा कि पीड़ित की सबसे पहले दुर्दशा देखी तो टीम व पुलिस कर्मचारियों का भी दिल पसीज गया। एक नाबालिग को पागल बनाने के लिए परिजनों द्वारा कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई थी। टीम ने बच्चे का मेडिकल करवा कर उसे अब भिवानी आश्रम में रखा जाएगा और उसके खाने पीने व शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी।

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