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खेती में किसानों को किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा घाटा : जेपी दलाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Mar 2022 12:56 AM IST
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Farmers will not be allowed to suffer losses in agriculture under any circumstances : JP Dalal
गांव गोकुलपुरा में अनाज अनुसंधान रीजनल केंद्र का शिलान्यास कार्यक्रम में संबोधित करते कृषि मंत? - फोटो : Bhiwani
बहल (भिवानी)। प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि किसान को खेती में किसी भी सूरत में घाटे का सौदा नहीं होने दिया जाएगा। यदि किसी भी कारण से घाटा होता है तो उसकी भरपाई सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा में सर्वाधिक 14 फसलों को एमएसपी पर खरीदा जा रहा है।
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कृषि मंत्री दलाल ने किसानों से आह्वान किया कि वे जहरमुक्त खेती के लिए रासायनिक खाद का प्रयोग न करें और सूक्ष्म सिंचाई पद्धति को अपनाएं। उन्होंने कहा कि हकृवि (हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय) का नया अनुसंधान केंद्र राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा। कृषि मंत्री शुक्रवार को गांव गोकुलपुरा में अनाज अनुसंधान केंद्र के रीजनल केंद्र के शिलान्यास के अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस अनुसंधान केंद्र पर करीब 54 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों व पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने के लिए वचनबद्ध है। कृषि मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार व्यवस्था परिवर्तन में लगी है। सरकार ने राजनीति के मायने बदले हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बीआर कंबोज ने की। कुलपति ने कहा इस अनुसंधान केंद्र के शुरू होने से बाजरा जैसे पोषक अनाज पर अनुसंधानों को और गति मिलेगी। कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत अनुसंधान निदेशक डॉ. रामनिवास ने किया और आभार. डॉ बलवान सिंह ने व्यक्त किया।
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उत्तर भारत को प्रमुख केंद्र होगा
यह रीजनल सेंटर में उत्तर भारत का प्रमुख केंद्र होगा, जहां पर किसानों को उत्तम किस्म के बीज व खेती से संबंधित नई-नई जानकारी मिलेगी। यहां पर प्रमुख रूप से बाजरा, गेहूं, मूंग, ग्वार, सरसों आदि मोटे अनाज आदि की फसलों की जानकारी मिलेगी। इस रीजनल केंद्र पर करीब 53.60 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह किसानों की उपज और आय बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। यह रीजनल केंद्र करीब 63 एकड़ में स्थापित किया जाएगा, जिसमें आवासीय भवन, एक भवन क्षेत्रीय केंद्र परिसर का, किसान छात्रावास के अलावा कार्यालय का भवन होगा। इस रीजनल केंद्र परिसर में किसानों के समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले सेमिनार व सम्मेलन के लिए भी एक सम्मेलन कक्ष का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही यहां पर एक प्रयोगशाला और व्याख्यान कक्ष भी होगा। इस अवसर पर एचएयू के कृषि वैज्ञानिक, मंडल प्रधान विजय सिरसी, जेपी दुबे, रविंद्र मंडोली, राजेश केडिया, कैप्टन रामफल श्योराण, सतपाल सुधीवास, विजय फोगाट, ऋतेश बहल, नसीब, सरपंच गजानंद अग्रवाल, सुनील सिरसी, वीरेंद्र लांबा, वीरेंद्र मंढोली, सतबीर चैहड़, सैलीराम कादयान उपस्थित रहे।
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