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Bhiwani News: सूखे की सही रिपोर्ट की मांग लेकर सड़कों पर उतरे किसान, 15 दिन का अल्टीमेटम
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सिवानी तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करने और फसलों के खराबे की सही रिपोर्ट तैयार करवाने की मांग को लेकर वीरवार को किसानों ने शहर में विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर किसान एसडीएम कार्यालय पहुंचे। इसके बाद शहर के बीचोंबीच पैदल मार्च निकालते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। फिर किसान नया बस अड्डा के पास पुलिस के बैरिकेड तोड़कर नेशनल हाईवे की ओर बढ़ गए। बाद में प्रशासन की ओर से रिपोर्ट उपायुक्त को भेजने की जानकारी मिलने पर किसानों ने तोशाम मोड पर करीब एक घंटे तक जाम भी लगाया। किसान सभा ने सरकार और प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि रिपोर्ट में सुधार नहीं किया गया तो हजारों किसानों के साथ तहसील का घेराव किया जाएगा।
किसान सभा के नेता दयानंद पूनिया ने बताया कि सिवानी तहसील में सूखे के कारण फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, लेकिन प्रशासन की रिपोर्ट में फसलों का खराबा 33 से 49 प्रतिशत तक ही दिखाया गया है, जबकि वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक है। किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही और नहरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा। बिजली संकट के कारण भी सिंचाई प्रभावित हो रही है। किसानों को निर्धारित आठ घंटे के बजाय करीब छह घंटे बिजली मिल रही है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से सूखे की रिपोर्ट उपायुक्त भिवानी को भेजने की जानकारी दी गई। लेकिन किसान सभा के नेताओं ने कानूनगो संतोष कुमार से रिपोर्ट लेने से इनकार कर दिया। किसानों की मांग है कि गांवों में दोबारा सर्वे करवाकर फसलों के वास्तविक नुकसान को रिपोर्ट में शामिल किया जाए। आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने के लिए किसान सभा जल्द बैठक करेगी। प्रदर्शन की अध्यक्षता सिवानी प्रधान रामकिशन भाकर ने की और संचालन जंगबीर ढांडा ने किया। इस दौरान रामफल देशवाल, करण सिंह जैनावास, ईश्वर जांगड़ा, दिनेश सिवाच, रामचंद्र फौजी सहित अनेक किसान और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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