{"_id":"6765c3d0d2c7708fb905d007","slug":"farmers-sitting-on-strike-in-support-of-jagjit-singhs-fast-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-127395-2024-12-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: जगजीत सिंह के अनशन के समर्थन में धरने पर बैठे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: जगजीत सिंह के अनशन के समर्थन में धरने पर बैठे किसान
Sat, 21 Dec 2024 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 21 Dec 2024 12:51 AM IST
विज्ञापन
लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ नारेबाजी करते किसान संगठन के लोग।
भिवानी। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के अनशन के समर्थन में शुक्रवार को जिले के किसानों ने लघु सचिवालय के समक्ष भूख हड़ताल की तथा प्रधानमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा। किसानों ने तेल पाइप लाइन के मुआवजे की भी मांग की। इस मौके पर पगड़ी संभाल जट्टा संघर्ष समिति के किसान नेता भी धरने पर पहुंचे।
धरने की अध्यक्षता भाकियू चढूनी के जिला अध्यक्ष राकेश आर्य ने की। उन्होंने कहा कि आंदोलनरत किसानों की सभी मांगें जायज व तथ्यात्मक है जिनको सरकार द्वारा तुरंत मान लेनी चाहिए। कामरेड ओमप्रकाश, कमल प्रधान, देवराज महता, मनोज बागड़ी, पगड़ी संभाल जट्टा संघर्ष समिति से प्रवीण नैन ने कहा कि कृषि विपणन नीति के नए मसौदे में मंडी से बाहर निजी स्थानों को भी मंडी मानने की शर्त गलत है, क्योंकि इससे किसान को सीधे तौर पर नुकसान होगा तथा सरकार को भी राजस्व की हानि होगी। ऐसे में वे सरकार से मांग करते हैं कि तुरंत प्रभाव से इस मसौदे को वापस लिया जाए।
लघु सचिवालय के समक्ष बैठे अनशनकारियों में राकेश आर्य, चांदीराम कुंगड़, राजेंद्र डोहकी, नरेश श्योराण पहाड़ी, वीरभान गिल, करतार गिल, सतीश यादव, कमलजीत यादव, जयपाल कोंट, सोमबीर दुहन मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
धरने की अध्यक्षता भाकियू चढूनी के जिला अध्यक्ष राकेश आर्य ने की। उन्होंने कहा कि आंदोलनरत किसानों की सभी मांगें जायज व तथ्यात्मक है जिनको सरकार द्वारा तुरंत मान लेनी चाहिए। कामरेड ओमप्रकाश, कमल प्रधान, देवराज महता, मनोज बागड़ी, पगड़ी संभाल जट्टा संघर्ष समिति से प्रवीण नैन ने कहा कि कृषि विपणन नीति के नए मसौदे में मंडी से बाहर निजी स्थानों को भी मंडी मानने की शर्त गलत है, क्योंकि इससे किसान को सीधे तौर पर नुकसान होगा तथा सरकार को भी राजस्व की हानि होगी। ऐसे में वे सरकार से मांग करते हैं कि तुरंत प्रभाव से इस मसौदे को वापस लिया जाए।
विज्ञापन
लघु सचिवालय के समक्ष बैठे अनशनकारियों में राकेश आर्य, चांदीराम कुंगड़, राजेंद्र डोहकी, नरेश श्योराण पहाड़ी, वीरभान गिल, करतार गिल, सतीश यादव, कमलजीत यादव, जयपाल कोंट, सोमबीर दुहन मौजूद रहे।
विज्ञापन