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Bhiwani News: सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसान बरसाती पानी से होंगे लाभान्वित
Wed, 25 Sep 2024 04:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 25 Sep 2024 04:42 AM IST
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भिवानी के गांव कलिंगा में पानी की निकासी के लिए बनाए गए चैंबर।
संजय वर्मा
भिवानी। सिंचाई विभाग ने बरसाती जलभराव की समस्या से स्थायी निजात दिलाने की योजना बनाई है। इसके तहत गांव कलिंगा में 1,600 एकड़ और गांव खरककलां में करीब 500 एकड़ कृषि भूमि पर निर्माण कार्य कराया जाएगा। इस बरसाती पानी का इस्तेमाल सूखाग्रस्त इलाके में फसलों की सिंचाई के लिए हो सकेगा।
गांव खरककलां और कलिंगा के करीब ढाई हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि पर जलभराव होता है। यहां के किसानों की फसल भी डूब जाती है। यह पानी आसपास की आबादी तक भी पहुंच जाता है। इसकी निकासी के लिए पौने तीन करोड़ रुपये के बजट से पाइप लाइन डालने का करीब 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बचे हुए कार्य को पूरा कराने के लिए भी सिंचाई विभाग ने 1.15 लाख के बजट की मांग मुख्यालय को भेजी है। इस परियोजना का काम पर 30 जून 2025 तक पूरा होगा।
गांव कलिंगा समेत जिले में तीन ग्राम पंचायतों में रहने वाली आबादी पिछले कई दशक से बरसाती जलभराव की समस्या से जूझ रही है। बारिश के दिनों में यहां खेतों में भी जलभराव हो जाता है। करीब छह माह तक यही स्थिति रहती है। इससे करीब 35,000 की आबादी प्रभावित होती है। इसकी एक वजह यह है कि वहां जल निकासी की व्यवस्था नहीं है जबकि गांव निचले इलाके में बसा है। जलभराव से किसानों को केवल एक फसल ही मुश्किल से मिल पाती है जबकि दूसरी फसल लेने के लिए खेत ही पानी से खाली नहीं हो पाता।
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इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सिंचाई विभाग के बौंद खंड ने गांव कलिंगा में करीब चार करोड़ के बजट से करीब छह हजार मीटर लंबाई पर एचडीपी पाइपलाइन डाली। इससे यहां के बारिश के पानी की निकासी दूरदराज की जल निकासी योजना से जोड़ने का काम किया गया है।
इससे पहले सिंचाई विभाग के अधिकारी परियोजना के तहत बचे हिस्सों में एचडीपी पाइपलाइन डालने और बरसाती पानी संग्रह के लिए चैंबर निर्माण का काम करा रहे हैं। यह कार्य पूरा होने से अकेले कलिंगा गांव में करीब 1,600 एकड़ भूमि को जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी जबकि गांव खरक कलां में भी सिंचाई विभाग आरसीसी की पाइपलाइन डाल रहा है।
वहां भी करीब 500 एकड़ कृषि भूमि इस परियोजना से लाभान्वित होगी। इसका भी करीब 20 फीसदी काम हो चुका है। जबकि 80 फीसदी काम बाकी है। हालांकि ये योजना भी 30 जून 2025 तक ही पूरी करने का लक्ष्य है। इस गांव के बरसाती पानी को भी नजदीकी ड्रेन में डाला जाएगा।
सिंचाई विभाग के बौंद खंड के तहत गांव खरक और कलिंगा में बरसाती पानी की निकासी की दो परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं से दोनों बड़े गांवों की हजारों एकड़ कृषि भूमि में बरसाती जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान होगा। कलिंगा में चल रही परियोजना पर करीब 70 फीसदी तो खरक में 20 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बचा हुआ काम भी बरसात के बाद तेजी से पूरा कराया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय से बजट की मांग की गई है। -गौरव लांबा, कार्यकारी अभियंता, बौंद खंड, सिंचाई विभाग, भिवानी।
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भिवानी। सिंचाई विभाग ने बरसाती जलभराव की समस्या से स्थायी निजात दिलाने की योजना बनाई है। इसके तहत गांव कलिंगा में 1,600 एकड़ और गांव खरककलां में करीब 500 एकड़ कृषि भूमि पर निर्माण कार्य कराया जाएगा। इस बरसाती पानी का इस्तेमाल सूखाग्रस्त इलाके में फसलों की सिंचाई के लिए हो सकेगा।
गांव खरककलां और कलिंगा के करीब ढाई हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि पर जलभराव होता है। यहां के किसानों की फसल भी डूब जाती है। यह पानी आसपास की आबादी तक भी पहुंच जाता है। इसकी निकासी के लिए पौने तीन करोड़ रुपये के बजट से पाइप लाइन डालने का करीब 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बचे हुए कार्य को पूरा कराने के लिए भी सिंचाई विभाग ने 1.15 लाख के बजट की मांग मुख्यालय को भेजी है। इस परियोजना का काम पर 30 जून 2025 तक पूरा होगा।
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गांव कलिंगा समेत जिले में तीन ग्राम पंचायतों में रहने वाली आबादी पिछले कई दशक से बरसाती जलभराव की समस्या से जूझ रही है। बारिश के दिनों में यहां खेतों में भी जलभराव हो जाता है। करीब छह माह तक यही स्थिति रहती है। इससे करीब 35,000 की आबादी प्रभावित होती है। इसकी एक वजह यह है कि वहां जल निकासी की व्यवस्था नहीं है जबकि गांव निचले इलाके में बसा है। जलभराव से किसानों को केवल एक फसल ही मुश्किल से मिल पाती है जबकि दूसरी फसल लेने के लिए खेत ही पानी से खाली नहीं हो पाता।
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इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सिंचाई विभाग के बौंद खंड ने गांव कलिंगा में करीब चार करोड़ के बजट से करीब छह हजार मीटर लंबाई पर एचडीपी पाइपलाइन डाली। इससे यहां के बारिश के पानी की निकासी दूरदराज की जल निकासी योजना से जोड़ने का काम किया गया है।
इससे पहले सिंचाई विभाग के अधिकारी परियोजना के तहत बचे हिस्सों में एचडीपी पाइपलाइन डालने और बरसाती पानी संग्रह के लिए चैंबर निर्माण का काम करा रहे हैं। यह कार्य पूरा होने से अकेले कलिंगा गांव में करीब 1,600 एकड़ भूमि को जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी जबकि गांव खरक कलां में भी सिंचाई विभाग आरसीसी की पाइपलाइन डाल रहा है।
वहां भी करीब 500 एकड़ कृषि भूमि इस परियोजना से लाभान्वित होगी। इसका भी करीब 20 फीसदी काम हो चुका है। जबकि 80 फीसदी काम बाकी है। हालांकि ये योजना भी 30 जून 2025 तक ही पूरी करने का लक्ष्य है। इस गांव के बरसाती पानी को भी नजदीकी ड्रेन में डाला जाएगा।
सिंचाई विभाग के बौंद खंड के तहत गांव खरक और कलिंगा में बरसाती पानी की निकासी की दो परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं से दोनों बड़े गांवों की हजारों एकड़ कृषि भूमि में बरसाती जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान होगा। कलिंगा में चल रही परियोजना पर करीब 70 फीसदी तो खरक में 20 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बचा हुआ काम भी बरसात के बाद तेजी से पूरा कराया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय से बजट की मांग की गई है। -गौरव लांबा, कार्यकारी अभियंता, बौंद खंड, सिंचाई विभाग, भिवानी।