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पानी में बह गई किसानों की खून पसीने की कमाई

Tue, 23 Mar 2021 12:16 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 23 Mar 2021 12:16 AM IST
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बारिश के कारण भीगी खुले आसमान तले रखी किसानों की सरसों। संवाद - फोटो : Bhiwani
भिवानी। साहब सब पानी हो गया, कुछ नहीं बचा। पूरे सीजन अच्छी फसल उगाने के लिए खूब मेहनत की थी, मगर मंडी पहुंचते ही सब खत्म हो गया। यह व्यथा उन किसानों की है, जो सोमवार को हुई बारिश में अपनी फसल को आंखों के सामने भीगता हुआ देख बेबसी पर आंसू बहा रहे थे।
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दरअसल सोमवार सुबह बारिश हुई तो जिला मुख्यालय की मंडी में खुले आसमान के नीचे रखी किसानों की सरसों भी भीग गई। जिसे बचाने के प्रबंध नाकाफी साबित हुए। हालांकि सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू होगी, मगर सरसों के अच्छे भाव पाने की आस में किसान अपनी सरसों लेकर मंडी पहुंचे थे।
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सोमवार सुबह हुई बारिश से सरकारी खरीद से पहले ही मुख्यालय की मंडी में किसानों के लिए खरीद प्रबंधों की पोल खुल गई। एक अप्रैल से गेहूं और सरसों के साथ चना व जौ की सरकारी खरीद शुरू होनी है। मगर मुख्यालय की मंडी में दो शेड के नीचे पिछले साल खरीद की गई सरसों ही रखी हैं, जिस वजह से शेड भी खाली नहीं है। हालांकि वे किसान मंडी पहुंच रहे हैं, जिन्हें सरसों का अच्छा भाव मिल रहा है। अधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार जिला मुख्यालय की मंडी में रोजाना ही तीन सौ से पांच सौ क्विंटल सरसों की आवक हो रही है। इसकी वजह है किसानों को खुली मार्केट में सरसों के अच्छे भाव मिलना। मगर जो सरसों बारिश की वजह से भीग गई हैं, उसके किसान को अच्छे भाव तो दूर उसे खरीदार ही नहीं मिलेगा। बारिश में भीगी सरसों को सुखाने में ही एक सप्ताह बीत जाएगा, फिर भी उसकी गुणवत्ता नहीं सुधरेगी, ऐसे में मंडी में अपनी बेहतर फसल लेकर पहुंचे किसानों के अरमानों पर ही बारिश व मंडी प्रशासन की लापरवाही ने पानी फेर डाला।
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शेड खाली करने की रफ्तार धीमी, मंडी शुरू होने में चंद दिन बाकी
पिछले साल हैफेड व हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन द्वारा सरसों की मंडियों में सरकारी तौर पर खरीद की गई थी। इस सरसों को गोदामों के अभाव में जिला प्रशासन की सहमति से मंडी में शेड के नीचे ही लगा डाला था। ये शेड किसानों के लिए बने हैं, जहां फसल लेकर आने वाले किसान अपनी फसल को सुरक्षित ढंग से रखकर उसकी साफ सफाई करा सकें और बिक्री कराएं। मगर प्रशासन की लापरवाही किसान के अधिकार पर भी भारी पड़ गई है। क्योंकि पिछले एक साल से ये शेड सरसों रखी होने की वजह से खाली नहीं हुए हैं, इस वजह से भी किसान को मुख्यालय की मंडी में सुरक्षित तरीके से फसल रखने की जगह नहीं हैं। मंडी में तीन शेड हैं। दो शेड में रखी सरसों का उठान सीजन नजदीक आने पर शुरू हुआ है, मगर सीजन शुरू होने में चंद दिन ही बचे हैं।
ये बोले किसान:
खून पसीने से पूरे सीजन में फसल उगाई थी। फसल भी अच्छी हुई थी, लेकिन मंडी पहुंचते ही सब पानी हो गया। यहां फसल नीचे उतारी थी। आढ़ति ने फसल देखी तो बोला थोड़ी नमी है, इसलिए खुले में सुखा दी। अचानक ही बारिश हुई तो सब भीग गया। आंखों के सामने फसल पानी में खराब हो गई, कुछ नहीं कर पाया।
-प्रवीण, किसान।
मंडी में फसल लेकर पहुंचा तो पहले से ही मौसम का डर सता रहा था। लेकिन फिर भी आढ़ति के कहने पर फसल मंडी में उतार दी। आसमान में बादल घिरे, तभी उसे तिरपाल से ढक दिया था, मगर तेज हवा में तिरपाल भी उड़ गए और बारिश में सरसों की फसल भीग गई। फसल काफी भीग चुकी है, अब उसे सुखाने में ही सप्ताह भर गुजर जाएगा और अब अच्छे दाम भी नहीं मिलेंगे।

- विकास, किसान।
वर्जन:::
मंडी में किसानों के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं। अभी सीजन शुरू होने में समय बाकी है। शेड के नीचे रखी सरसों उठान के कार्य में तेजी लाने के संबंध में उच्चाधिकारियों से भी पत्राचार किया गया है। मंडी शुरू होने से पहले ही शेड खाली करा दिए जाएंगे।
- ज्योति धनखड़, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव मार्केटिंग बोर्ड भिवानी।
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