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कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों ने तानी मुट्ठी, भारत बंद पर भरी हामी

Mon, 21 Sep 2020 12:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2020 12:24 AM IST
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farmers, agriculture bill, protest
किसानों के आंदोलन के चलते नई अनाज मंडी के गेट पर तैनात पुलिसबल। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
कृषि विधेयक के विरोध में रविवार को जिलेभर में किसानों का विरोधी स्वर गूंजा। कस्बा तोशाम, मुंढाल, लोहारू, कैरू में किसानों ने कृषि विधेयक के साथ-साथ सरकार का पुतला फूंका। पुलिस ने रविवार को किसान संगठनों के विरोध को लेकर मुख्य सड़कों पर नाके लगाए। हालांकि कहीं पर भी किसानों द्वारा रास्ता जाम नहीं किया गया। किसानों के एकत्रित होने की संभावित जगहों पर एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। अनाज मंडी बंद रही और आढ़तियों ने धरना देकर नारेबाजी की। रविवार को किसानों के विरोध के चलते भिवानी बस स्टैंड से रोडवेज प्रशासन ने एहतियातन लंबी दूरी के रूटों पर ब्रेक लगा दिए। इसी वजह से भिवानी से मथुरा, पानीपत और चंडीगढ़ सहित कई लोकल रूटों पर रोडवेज बसों का पहिया थमा रहा।
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नहीं गई मथुरा, पानीपत, चंडीगढ़ दोपहर तक कोई बस
रोडवेज प्रशासन ने रविवार सुबह साढ़े चार बजे भिवानी बस स्टैंड से मथुरा के लिए बस नहीं भेजी। सुबह साढ़े चार बजे व सुबह 11 बजे चंडीगढ़ के लिए बसें नहीं चलीं। सुबह आठ बजे पानीपत के लिए भी कोई बस नहीं चली। रोडवेज विभाग ने किसान आंदोलन के चलते रास्ते बंद होने की आशंका से रोडवेज बसें रूटों पर ऐतिहात के तौर पर नहीं भेजी।
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शहर की मुख्य सड़कों पर संभाला पुलिस ने मोर्चा, गतिविधियों पर रखी नजर
रविवार सुबह से ही पुलिस ने भिवानी शहर में दूसरे जिलों से आने वाले मुख्य मार्गों पर नाके लगा दिए और हर आने जाने वाले की गतिविधि पर नजर रखी। पुलिस इस दौरान बाहर से किसानों को शहर में प्रवेश व रास्ता रोकने की आशंकाओं की वजह से घिरी रही, मगर ऐसे कोई हालात नहीं बने।
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वर्जन-
किसानों के विरोध के चलते पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। पुलिस ने जिले भर व कस्बों में नाके लगाए, ताकि कोई भी रास्ता अवरुद्ध न कर सके। लेकिन रविवार को माहौल पूरी तरह से शांतिपूर्वक रहा और कहीं पर कोई ऐसे हालात नहीं बने।
- वीरेंद्र सिंह डीएसपी हेडक्वार्टर भिवानी।
बहल क्षेत्र में फूंकी कृषि विधेयक की प्रतियां, किसानों ने दिया धरना
अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले कृषि विधेयक के विरोध में किसानों ने गोपालवास, सतगामा चबूतरा, बहल व ओबरा में धरना दिया व कृषि विधेयक की प्रतियां फूंककर विरोध जताया। किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार खेती को उजाडने, मंडियों की व्यवस्था को खत्म करने व फसल खरीद से पल्ला झाड़ने के लिए यह काला कानून लागू करने जा रही है। ओबरा में धरने पर प्रधान धनपत सिंह व गोपालवास में महीपाल सिधनवा ने कहा कि केंद्र सरकार की नीयत कृषि कानून के जरिए किसानों को बर्बाद करने व कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने की है। किसान सभा के जिला सचिव डॉ. बलबीर सिंह ठाकन ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की बर्बाद फसलों की विशेष गिरदावरी करवा 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा, बीमा क्लेम दें व लंबित कृषि ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करें। वक्ताओं ने कहा कि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर किसान सभा 25 सितंबर को प्रदेश भर में चक्का जाम करेगी। धरने में सूबेदार धनपत सिंह, महीपाल सिधनवा, अमरजीत बहल, दलबीर, किशोरी चैहड़ कलां, जयसिंह, राजकुमार, रामनिवास शर्मा, दानीराम पातवान, चंद्रपाल ढाणी बहल, महाबीर हरियावास, धर्मपाल, राजबीर कासनी कलां, रामकुमार गोपालवास, पूर्व सरपंच नंदराम, रामचंद्र फौजी मोरकां मौजूद रहे।
गांव कोंट में चल रहे धरने पर फूंकी कृषि विधेयक की प्रतियां
कृषि विधेयक के विरोध में रविवार को गांव कोंट में अखिल भारतीय किसान समिति से जुड़े किसान सड़कों पर उतरे और उन्होंने विरोध स्वरूप कृषि विधेयक की प्रतियां जलाई। किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार के किसान विरोधी विधेयक को रद्द करने, बर्बाद हुई फसलों की गिरदावरी करवाकर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने सहित विभिन्न मांगे की गई। कामरेड ओमप्रकाश, किसान नेता रामफल देशवाल ने किसानों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने रविवार गांव ढाणी माहू और निगाना कलां बस स्टैंड पर कृषि विधेयक की प्रतियां जलाईं। एसयूसीआई के जिला सचिव रोहताश सिंह सैनी ने कहा कि ये कृषि कानून, बिजली बिल किसान मजदूर विरोधी है। किसान नेताओं ने कृषि विधेयक व बिजली बिल के खिलाफ 25 सितंबर के ग्रामीण भारत बंद का पूर्ण समर्थन किया। इस मौके पर फूल सिंह, बस्तीराम, महावीर, बनी सिंह, सुमेर, अनुज ढिल्लो मौजूद रहे।
किसान सभा ने देवराला व कैरू चौक पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की
कृषि विधेयक के विरोध में गांव देेवराला व कैरू में अखिल भारतीय किसान सभा ने देवराली में बहल भिवानी रोड पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करके विरोध प्रदर्शन किया। किसान सभा कैरू खंड के प्रधान छोटूराम पूनियां ने बताया कि सरकार ने सोमवार को लोकसभा में विधेयक पेश किया था। विपक्षी दलों के विरोध और संशोधन की मांग को दरकिनार किया जाना चाहिए। इन विधेयकों के माध्यम से सरकार के करीबी पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लागू होने से अपनी उपज की कहीं भी बिक्री का अधिकार किसान से छीनकर पूंजीपतियों के हाथों में सौंप दी जाएगी। इसके विरोध में किसान खंड स्तर पर भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर हो जाएगा। इस मौके पर राजबीर बुड़ानिया, हरपाल पोटलिया, सोनू पूनियां, मनोहर लाल पूर्व प्रधान, ओमप्रकाश नंबरदार मौजूद रहे।
किसानों के समर्थन में उतरी आम आदमी पार्टी
कृषि विधेयक के विरोध और किसानों के समर्थन में रविवार को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विधानसभाओं में किसानों के धरने स्थल पर पहुंच कर किसानों का समर्थन किया। मुंढाल के शहीद पार्क में किसानों के धरने व रोड शो में शामिल हुए भिवानी के जिलाध्यक्ष दलजीत तालु ने कहा कि आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता किसानों व व्यापारियों के साथ खड़ा है। इस दौरान किसान सैल जिलाध्यक्ष ओमबीर, व्यापार मंडल अध्यक्ष भूप सिंह, विवेक घुसकानी, सुखबीर, वीरेंद्र, तोशाम में जिला सगठन मंत्री करतार सिंह, तोशाम हल्का प्रधान जयपाल जागलान, माई राम, युवा प्रधान राहूल पंघाल, सचिव अशोक बागनवाला, अत्तर सिंह, लोहारू में आर्मी सेल से रमेश भाकर, लोहारू अध्यक्ष मोहन जांगडा, संगठन मंत्री नसीब हिन्दुस्तानी, हल्का किसान अध्यक्ष विक्रम जांगडा, प्रवक्ता रोहित दहिया, प्रवीण शामिल रहे।
मुंढाल चौक पर किसानों ने फूंका सरकार का पुतला, किया विरोध प्रदर्शन
कृषि विधेयक के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले युवा जिला अध्यक्ष राकेश आर्य की अध्यक्षता में गांव मुंढाल में चौक पर किसान एकजुट हुए और सरकार का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का संचालन जोगेन्द्र तालु व अंकित ढुल मुंढाल ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर आजाद सिंह तालु, मुख्तयार मुंढाल, दयासिंह प्रधान मुंढाल, सत्येन्द्र ढुल, कर्मबीर सिंगल, पूर्व सरपंच जगबीर मुंढाल, बाऊ शर्मा, सुधीर ढुल, राजसिंह धनाना, होशियार सिंह, सतीश, काला नंबरदार, दलबीर सुखपुरा, महेंद्र, संदीप सिंह मौजूद थे।
लोहारू में दूसरे दिन भी जारी रहा किसानों का धरना
बर्बाद फसलों की विशेष गिरदावरी कराने व कृषि विधेयक को वापस लेने की मांग को लेकर लोहारू में किसानों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने के दूसरे दिन पूर्व विधायक सोमवीर सिंह, आप पार्टी लोहारू अध्यक्ष मोहन जांगड़ा, नसीब हिंदुस्तानी, विक्रम सिवानी, शिवकुमार बालावास, नरेश दिनोद, राजगागडवास ने धरना स्थल पर पहुंचकर भाकियू के आंदोलन का समर्थन किया। धरने में जिला प्रधान अशोक अमीरवास, उमेद फरटिया, गोपीराम दिनोद, अत्तर सिंह, सुमेर, लाल कपूर, जयसिंह, संदीप खरखड़ी, अजमेर हसान, सुरेश संडवा, महताब, बहल प्रधान बलवान ढाणी केहरा,यशु, कोहर सिंह, बलवंत, धर्मबीर मौजूद थे।
पूर्व सीपीएस फौजी बोले, करेंगे 21 को काले विधेयक का विरोध
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसान विरोधी विधेयक पारित करके किसानों को तबाही की ओर धकेल दिया है। इससे किसानों के समक्ष खेती से तौबा करने सिवाय और कोई रास्ता नहीं बचेगा। वे इसके विरोध में 21 सितंबर को भिवानी रोष प्रदर्शन करेंगे और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजेंगे।

तोशाम क्षेत्र के गांवों में दिए किसानों ने धरने, प्रदर्शन कर फूंकी विधेयक की प्रतियां
रविवार को तोशाम क्षेत्र के विभिन्न गांव के किसानों ने कृषि विधेयक के खिलाफ व खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए धरना देकर प्रदर्शन करते हुए कृषि कानून की प्रतियां जलाई। अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले तोशाम क्षेत्र के गांव गारनपुरा, पिंजोखरा, अलखपुरा, भुरटाना किरावड के किसानों ने किसान नेता मास्टर शेर सिंह की अगुल्वाई में विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय किसान सभा के वरिष्ठ उपप्रधान मास्टर शेर सिंह ने किसान विरोधी विधेयक के बारे में विस्तार से बताया और 25 सितंबर को भारत बंद में शामिल होने के लिए अपील की। किरावड, भुरटाना, अलखपुरा बस स्टैंड पर अलखपुरा के कार्यकारी सरपंच सोनू की अध्यक्षता में दर्जनों किसानों ने धरना देते हुए नारेबाजी के साथ अपना विरोध दर्ज करवाया। धरने में किरावड की ढाणी गांव से रामफल श्योराण, लीला, राजेश, प्रदीप, अलखपुरा गांव से बिजेंदर सरपंच, जगबीर, भागीरथ, सुनील, रोहतास पपोसा शामिल थे। गांव पिंजोखरा के मुख्य बस स्टैंड पर किसान नेता मंगतू राम की अध्यक्षता में विरोध प्रदर्शन करते हुए कृषि विधेयक की प्रतियां जलाई। इस मौके पर धर्मवीर सरपंच, महिपाल, धर्म सिंह, एसएचओ दरिया सिंह, राजकुमार, संदीप मौजूद थे। गांव गारनपुरा कला में किसान नेता उमेद महला की अध्यक्षता में धरना दिया। कृषि कानून की प्रतियां जलाई गई। धरने में रामभगत, अर्जुन सिंह, सूरत सिंह, युद्धवीर सिंह, रामस्वरूप ने विरोध दर्ज कराया। वहीं किसान रमेश कुमार टमाटर वाले की अध्यक्षता में भी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया । इस मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ता प्रवीण पायल, विकास रॉयल संडवा, जजपा कार्यकर्ता सुनील मनसरवास, आप पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद थे।

किसानों के समर्थन में नई अनाज मंडी में धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आढ़ती। संवा

किसानों के समर्थन में नई अनाज मंडी में धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आढ़ती। संवा- फोटो : Bhiwani

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