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विजेंद्र के हर पंच पर मना जश्र
अमर उजाला ब्यूरो/भिवानी
Updated Sun, 11 Oct 2015 12:50 AM IST
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प्रोफेशनल बॉक्सिंग रिंग में उतरने वाले पहले भारतीय बॉक्सर विजेंद्र की नॉक आउट जीत पर शनिवार को उसके परिजनों और ग्रामीणों ने जश्न मनाया। इस दौरान विजेंद्र के पंच पर जय बाबा प्रेमदास, जय बजरंग बली जयघोष गूंजे।
ज्यों की विजेंद्र के नॉक आऊट जीत की घोषणा हुई, कालूवास गांव खुशी से झूम उठा। जीत की घोषणा होने के बाद ग्रामीणों और परिजन जमकर नाचे और खुशी में लड्डू बांटे गए।
प्रोफेशनल बॉक्सिंग में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज विजेंद्र का पहला मैच देखने के लिए परिजन और ग्रामीण साढ़े आठ बजे ही खुले आंगन में टीवी लगाकर चारपाई डाल बैठ गए थे। 10:20 पर जैसे ही विजेंद्र फाइट के लिए रिंग की ओर बढ़ा तो आंगन में जय बाबा भैरो, जय बाबा पे्रम दास, जय बजरंग बली के जयकारों से आंगन झूम उठा।
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मैच शुरू हुआ और विजेंद्र ने पंच लगाने शुरू किए तो हर पंच के साथ सीटियां, तालियों और किलकारियों से आंगन गूंज उठा। सेकेंड राउंड में जैसे ही विजेंद्र ने विपक्षी मुक्केबाज को नॉक आउट किया, सभी खुशी में झूम उठे। परिवारों को गले लगाकर बधाई देने वालों में होड़ लग गई। मिठाइयां बांटी गई।
मां और भाई ने विजेंद्र में यूं जोश भरा
अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज विजेंद्र के भाई मनोज ने बताया कि मैच शुरू होने से कुछ पहले उसकी और माता कृष्णा की विजेंद्र से बात हुई। मां ने केवल इतना कहा कि बेटा छोड़ना मत। बकौल मनोज, उन्होंने विजेंद्र को कहा कि मुकाबला शुरू हो तो ऐसा सोचना कि फाइट मैनचेस्टर में नहीं, अपने गांव में हो रही है। विजेंद्र को याद दिलाया कि उसने तीन-तीन ओलंपिक खेले हैं। इसलिए, सोनी व्हाटिंग उसके आगे कुछ नहीं है। मनोज ने उम्मीद जताई कि वर्ल्ड चैंपियन टाइटिल लेकर ही विजेंद्र लौटेगा।
ओलंपिक की याद ताजा हो गई
विजेंद्र के पिता महिपाल ने मैच में जीत के बाद कहा कि विजेंद्र ने शानदार खेल दिखाया। वह आलोचनाओं की तो कभी परवाह नहीं करता और देश के लिए खेला। आज ऐसा लगा जैसा 22 अगस्त 2008 में ओलंपिक में जीत के बाद लगा था। वह बहुत खुश है। विजेंद्र ने देश के अन्य युवाओं के लिए प्रोफेशनल बॉक्सिंग का रास्ता खोल दिया है।
देश का नाम रोशन करेगा लाल
विजेंद्र की माता कृष्णा देवी ने कहा कि पूरा मैच देखा और बहुत अच्छा लगा। लाल देश की उम्मीदों पर खरा उतरा और इतना शानदार खेला कि दूसरे राउंड में जीत गया। बहुत खुशी हो रही है। घर से भेजा गया देसी घी काम आया।
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दोस्तों ने भी मनाई खुशी
विजेंद्र की फाइट देखने अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज शशि और जगबीर सिंह भी उनके घर पहुंचे। बॉक्सर शशि ने कहा कि बिजेंद्र के सामने यूरोपियन चैंपियन सोनी व्हाइटिंग था। वह भी बहुत अच्छा मुक्केबाज है मगर विजेंद्र ने शानदार खेल दिखा और सोनी व्हाइटिंग को कही भी नहीं ठहरने दिया। विजेंद्र को आगे के लिए बेस्ट ऑफ लक। हमें उम्मीद है कि आगे भी विजेंद्र शानदान खेल दिखाएगा।
लाइट ने बढ़ाई बेचैनी
मैच शुरू होने से पहले साढ़े नौ बजे और करीब 10 बजे दो दफा पांच-पांच मिनट के लिए बिजली कट लगे। उस समय परिजनों और ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ी और बिजली निगम अधिकारियों के फोन घुमाने शुरू किए। बिजली आने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बाद में टीवी का इनर्वटर से कनेक्शन किया गया है।
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ज्यों की विजेंद्र के नॉक आऊट जीत की घोषणा हुई, कालूवास गांव खुशी से झूम उठा। जीत की घोषणा होने के बाद ग्रामीणों और परिजन जमकर नाचे और खुशी में लड्डू बांटे गए।
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प्रोफेशनल बॉक्सिंग में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज विजेंद्र का पहला मैच देखने के लिए परिजन और ग्रामीण साढ़े आठ बजे ही खुले आंगन में टीवी लगाकर चारपाई डाल बैठ गए थे। 10:20 पर जैसे ही विजेंद्र फाइट के लिए रिंग की ओर बढ़ा तो आंगन में जय बाबा भैरो, जय बाबा पे्रम दास, जय बजरंग बली के जयकारों से आंगन झूम उठा।
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मैच शुरू हुआ और विजेंद्र ने पंच लगाने शुरू किए तो हर पंच के साथ सीटियां, तालियों और किलकारियों से आंगन गूंज उठा। सेकेंड राउंड में जैसे ही विजेंद्र ने विपक्षी मुक्केबाज को नॉक आउट किया, सभी खुशी में झूम उठे। परिवारों को गले लगाकर बधाई देने वालों में होड़ लग गई। मिठाइयां बांटी गई।
मां और भाई ने विजेंद्र में यूं जोश भरा
अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज विजेंद्र के भाई मनोज ने बताया कि मैच शुरू होने से कुछ पहले उसकी और माता कृष्णा की विजेंद्र से बात हुई। मां ने केवल इतना कहा कि बेटा छोड़ना मत। बकौल मनोज, उन्होंने विजेंद्र को कहा कि मुकाबला शुरू हो तो ऐसा सोचना कि फाइट मैनचेस्टर में नहीं, अपने गांव में हो रही है। विजेंद्र को याद दिलाया कि उसने तीन-तीन ओलंपिक खेले हैं। इसलिए, सोनी व्हाटिंग उसके आगे कुछ नहीं है। मनोज ने उम्मीद जताई कि वर्ल्ड चैंपियन टाइटिल लेकर ही विजेंद्र लौटेगा।
ओलंपिक की याद ताजा हो गई
विजेंद्र के पिता महिपाल ने मैच में जीत के बाद कहा कि विजेंद्र ने शानदार खेल दिखाया। वह आलोचनाओं की तो कभी परवाह नहीं करता और देश के लिए खेला। आज ऐसा लगा जैसा 22 अगस्त 2008 में ओलंपिक में जीत के बाद लगा था। वह बहुत खुश है। विजेंद्र ने देश के अन्य युवाओं के लिए प्रोफेशनल बॉक्सिंग का रास्ता खोल दिया है।
देश का नाम रोशन करेगा लाल
विजेंद्र की माता कृष्णा देवी ने कहा कि पूरा मैच देखा और बहुत अच्छा लगा। लाल देश की उम्मीदों पर खरा उतरा और इतना शानदार खेला कि दूसरे राउंड में जीत गया। बहुत खुशी हो रही है। घर से भेजा गया देसी घी काम आया।
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दोस्तों ने भी मनाई खुशी
विजेंद्र की फाइट देखने अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज शशि और जगबीर सिंह भी उनके घर पहुंचे। बॉक्सर शशि ने कहा कि बिजेंद्र के सामने यूरोपियन चैंपियन सोनी व्हाइटिंग था। वह भी बहुत अच्छा मुक्केबाज है मगर विजेंद्र ने शानदार खेल दिखा और सोनी व्हाइटिंग को कही भी नहीं ठहरने दिया। विजेंद्र को आगे के लिए बेस्ट ऑफ लक। हमें उम्मीद है कि आगे भी विजेंद्र शानदान खेल दिखाएगा।
लाइट ने बढ़ाई बेचैनी
मैच शुरू होने से पहले साढ़े नौ बजे और करीब 10 बजे दो दफा पांच-पांच मिनट के लिए बिजली कट लगे। उस समय परिजनों और ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ी और बिजली निगम अधिकारियों के फोन घुमाने शुरू किए। बिजली आने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बाद में टीवी का इनर्वटर से कनेक्शन किया गया है।