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सुविधा: 14 साल से बंद पड़े आरओ प्लांट को किया जाएगा चालू, स्वच्छ पानी मिलने की जगी उम्मीद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Nov 2022 10:51 PM IST
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Facility: RO plant, which has been closed for 14 years, will be made operational, there is a hope of getting clean water
भिवानी। नागरिक अस्पताल में पिछले 14 साल से बंद पड़े आरओ प्लांट को चालू करने की तैयारी की जा रही है। अब मरीजों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों में भी पीने के लिए स्वच्छ पानी की उम्मीद जगी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आरओ प्लांट को चालू करने के लिए लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा है, जिसमें प्लांट का निरीक्षण कर मशीनों की स्थिति की जानकारी देने को कहा है। अगर मशीनों में कोई दिक्कत आती है तो सरकार से और बजट की मांग कर आरओ प्लांट को चालू किया जाएगा।
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वर्ष 2008 में मॉडर्न अस्पताल घोषित किए गए नागरिक अस्पताल में करीब 17 करोड़ से विकास कार्य एलएंडटी कंपनी ने किए। करीब 40 लाख की लागत अस्पताल परिसर में आरओ प्लांट भी लगाया गया। अब हालात ये है कि 14 साल बाद भी आरओ प्लांट से आज तक पानी नहीं आया है। ऐसे में कर्मचारी खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं। नागरिक अस्पताल परिसर में स्थित स्टाफ क्वार्टर के पास ही आरओ प्लांट तैयार किया गया था। जिसके लिए एक बड़े कक्ष में पानी फिल्टर करने के लिए मोटर और बाहर की ओर दो बड़ी पानी की टंकी रखवाई गई थी। मगर आरओ प्लांट तैयार हो जाने के बावजूद उसको शुरू नहीं किया गया। जिसके कारण अस्पताल के अधिकारी, कर्मचारी, मरीज व उनके तीमारदारों को अस्पताल में लगे आरओ प्लांट से फिल्टर पानी की सुविधा न मिल सकी।
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अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1200 से 1300 मरीज आते हैं, जबकि 200 के आसपास मरीज विभिन्न वार्डों में दाखिला हैं। इसके अलावा मरीजों के साथ 300 से अधिक तीमारदार भी आते हैं। वहीं 700 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी देते हैं। इनके अलावा किसी काम से आए नागरिकों को भी सुविधा का लाभ मिलेगा।
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कोई घर से तो कोई खरीद कर बुझा रहा प्यास
शुद्ध पानी की सुविधा न मिल पाने के कारण कर्मचारी कुछ दिन तो अपने घरों से पानी लेकर आए। मगर व्यवस्था न होने के कारण उन्होंने बाहर से पानी के कैंपर की व्यवस्था की। जिसका खर्च कर्मचारी अपनी जेब से वहन कर रहे हैं। अस्पताल में रोजाना करीब 40 पानी के कैंपर आते हैं। जिसका प्रति कैंपर का प्रतिदिन का 30 रुपये के हिसाब से खर्च वहन हो रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नुकसान कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
वाटर कूलर भी अक्सर रहते हैं बंद
अस्पताल में वाटर कूलर तो लग गए, मगर अस्पताल में वाटर कूलर की व्यवस्था भी ठीक से नहीं शुरू हो पाई है। अस्पताल परिसर में बने रक्त कोष केंद्र के पास लगा वाटर कूलर बंद पड़ा है। ऐसे में मरीजों व उनके तीमारदारों को पानी पीने के लिए आपातकालीन विभाग की ओर जाना पड़ता था। वहीं टीबी व आयुष विभाग के नजदीक रखे वाटर कूलर भी काफी समय से बंद पड़े हैं। विभाग की लापरवाही के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अस्पताल में आरओ प्लांट बंद होने का मामला मेरे संज्ञान में आते ही तुरंत प्रभाव से लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा है। प्लांट में मशीनों की जांच की जाएगी। जिन भी मशीनों या फिर चीज की आवश्यक होगी तो उसे मंगवाने के लिए भी सरकार से मांग की जाएगी। आरओ प्लांट चालू होने के बाद मरीजों सहित स्वास्थ्यकर्मियों को शुद्ध पेयजल मिलेगा।
- डॉ. एडविन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।
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