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ईवीएम में आई खराबी, 20 मिनट से एक घंटे तक बाधित रहा मतदान
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142 फोटो देर शाम शिक्षाबोर्ड में ईवीएम मशीन जमा करवाते हुए पोलिंग पार्टियां।
- फोटो : Bhiwani
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विधानसभा चुनाव के दौरान विभिन्न स्थानों पर ईवीएम व वीवीपैट में खराबी मामले भी सामने आए। जिस कारण मतदान शुरू करने में 20 मिनट से एक घंटे तक देरी हुई। मशीनों में खराबी के मामले भिवानी विधानसभा के अलावा तोशाम, बवानीखेड़ा में भी सामने आए। इसके चलते मतदान बाधित हुआ। कंट्रोल रूम में सूचना के बाद सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट ने दूसरी ईवीएम व वीवीपैट भेजकर मतदान शुरू कराया।
यहां-यहां खराब हुई ईवीएम और वीवीपैट : कैरू के गांव सुंगरपुर में ईवीएम में आई खराब के कारण मतदान एक घंटा देरी से शुरू हुआ। तोशाम हलके में विभिन्न बूथों गांव गारणपुरा खुर्द के बूथ नंबर 4, तोशाम के बूथ नंबर 33, ईश्रवाल के बूथ नंबर 157 व 158, कोहाड के बूथ नंबर 177 और गांव संडवा के बूथ नंबर 91 पर वीवीपैट खराबी के चलते वीवीपैट बदली गई। गांव संडवा में बूथ नंबर 91 पर करीबन 40 मिनट मतदान बाधित रहा। वीवीपैट खराब होने वाले अन्य उक्त बूथों पर 10 से 15 मिनट तक चुनाव बाधित रहा। गांव राजपुरा खरकड़ी के बूथ नंबर 130 पर मॉक पोल क्लियर नहीं होने के कारण करीबन आधे घंटे तक मतदान बाधित रहा।
बवानीखेड़ा के गांव भैणी जाटान के बूथ नंबर 29 पर ईवीएम खराब होने के कारण करीब 20 मिनट मतदान रुका। सिपर गांव में भी मशीन में भी खराब आई। यहां बूथ नंबर 85 व 86 में मशीन खराबी के कारण एक घंटा पांच मिनट देरी से मतदान शुरू हुआ। मशीन बदलकर 08:05 बजे मतदान शुरू करवाया गया। कुंगड़ के बूथ नंबर 36 में ईवीएम नहीं चलने के कारण सुबह 07:42 पर मतदान शुरू हुआ।
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पूर्व मुख्य संसदीय सचिव को करना पड़ा इंतजार : सीपर गांव में मशीन में आई समस्या के चलते पूर्व मुख्य संसदीय सचिव और कांग्रेस प्रत्याशी रामकिशन फौजी को मतदान के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। इससे खफा रामकिशन फौजी ने कहा कि मतदान प्रक्रिया एक घंटा देरी से शुरू हो पाई है। उन्होंने इसकी शिकायत चुनाव आयोग को कर दी है। उन्होंने सरकार पर जानबूझकर मशीनें खराब करवाने के आरोप लगाए और कहा कि अधिकतर जगह मशीनें खराब हो रही हैं।
सेल्फी प्वाइंट बने महिलाओं और युवाओं की पसंद : मतदान के बाद सेल्फी प्वाइंट पर युवाओं एवं महिलाओं में सेल्फी लेने के प्रति काफी रुचि दिखाई दी। लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने के लिए मॉडल मतदान केंद्रों पर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए थे। आयोग ने निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे मॉडल पोलिंग स्टेशन चिह्नित कर उन्हें मतदाताओं के लिए विशेष तौर पर तैयार करें। ऐसे केंद्रों पर सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएं, ताकि मतदान के बाद मतदाता सेल्फी ले सकें। ऐसे में तोशाम के विभिन्न दो पिंक बूथों पर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए थे। युवाओं एवं महिलाओं ने मतदान के बाद खूब सेल्फी खींची।
वोटर स्लिप नहीं मिलने से मतदाता रहे परेशान : वोटर स्लिप नहीं मिलना मतदाताओं के लिए खासी परेशानी का सबब बना। ऐसे काफी मतदाता थे, जिन्होंने आरोप लगाए कि उन्हें वोटर स्लिप नहीं मिली है। मतदाता वोटर स्लिप नहीं मिलने के कारण खासी परेशानी हुई।
तोशाम में जेब में वोटर स्लिप लिए घूमते रहे बीएलओ : तोशाम के बूथ नंबर 31 के मतदाताओं को वोटर स्लिप नहीं मिलने पर काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी संख्या में वोटर स्लिप बूथ के बाहर टेबल पर डाली हुई थी। इसके अलावा अनेक मतदाताओं को सुबह 9 बजे तक स्लिप नहीं मिलने के कारण परेशानी उठानी पड़ी। मालूम हो कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सभी बीएलओ को वोटर स्लिप मतदाताओं के घर पहुंचाने के निर्देश दिए गए थे। निर्देश के बावजूद स्लिप मतदाताओं के घर तक नहीं पहुंचाने की लापरवाही देखने को मिली। एक मतदाता ने बताया कि उक्त बीएलओ 54 स्लिप जेब में लिए घूम रहा है। इस संबंध में बीएलओ से मतदान आरंभ होने के डेढ़ घंटे बाद करीब साढे़ आठ बजे संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि मैं रास्ते में हूं, आ रहा हूं।
तोशाम में भी मतदाताओं में दिखा उत्साह : विधानसभा चुनाव में मतदान को लेकर मतदाताओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मतदान केंद्रों में सुबह से ही वोट देने के लिए लंबी कतार लगी रही। भारी उत्साह के साथ मतदाताओं ने अपना जनादेश वोटिंग मशीनों में कैद कर दिया है।
मतदान शुरू होने के साथ ही मतदाताओं का पहुंचना शुरू हो गया था। कस्बे के सभी केंद्रों में तो महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं का जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी मतदान के प्रति मतदाताओं का रुझान काफी अच्छा रहा। गांवों में मतदान को लेकर काफी सजगता दिखी। खासतौर पर महिलाओं एवं युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। ग्रामीण वोट डालने मतदान केंद्रों में कतार में थे। गांवों के खेत-खलिहान खाली दिखे।
बुजुर्ग व दिव्यांग भी नहीं रहे पीछे : लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी निभाने में बुजुर्ग व दिव्यांग भी पीछे नहीं रहे। विभिन्न मतदान केंद्रों में ऐसे मतदाता दिखे, जो किसी के सहारे अपना कीमती वोट डालने पहुंचे हुए थे। ग्रामीण क्षेत्रों में कई बुजुर्ग मतदाता लाठी व अपने परिजनों की सहायता से काफी दूर तक पैदल चल कर पहुंचे हुए थे।
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यहां-यहां खराब हुई ईवीएम और वीवीपैट : कैरू के गांव सुंगरपुर में ईवीएम में आई खराब के कारण मतदान एक घंटा देरी से शुरू हुआ। तोशाम हलके में विभिन्न बूथों गांव गारणपुरा खुर्द के बूथ नंबर 4, तोशाम के बूथ नंबर 33, ईश्रवाल के बूथ नंबर 157 व 158, कोहाड के बूथ नंबर 177 और गांव संडवा के बूथ नंबर 91 पर वीवीपैट खराबी के चलते वीवीपैट बदली गई। गांव संडवा में बूथ नंबर 91 पर करीबन 40 मिनट मतदान बाधित रहा। वीवीपैट खराब होने वाले अन्य उक्त बूथों पर 10 से 15 मिनट तक चुनाव बाधित रहा। गांव राजपुरा खरकड़ी के बूथ नंबर 130 पर मॉक पोल क्लियर नहीं होने के कारण करीबन आधे घंटे तक मतदान बाधित रहा।
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बवानीखेड़ा के गांव भैणी जाटान के बूथ नंबर 29 पर ईवीएम खराब होने के कारण करीब 20 मिनट मतदान रुका। सिपर गांव में भी मशीन में भी खराब आई। यहां बूथ नंबर 85 व 86 में मशीन खराबी के कारण एक घंटा पांच मिनट देरी से मतदान शुरू हुआ। मशीन बदलकर 08:05 बजे मतदान शुरू करवाया गया। कुंगड़ के बूथ नंबर 36 में ईवीएम नहीं चलने के कारण सुबह 07:42 पर मतदान शुरू हुआ।
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पूर्व मुख्य संसदीय सचिव को करना पड़ा इंतजार : सीपर गांव में मशीन में आई समस्या के चलते पूर्व मुख्य संसदीय सचिव और कांग्रेस प्रत्याशी रामकिशन फौजी को मतदान के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। इससे खफा रामकिशन फौजी ने कहा कि मतदान प्रक्रिया एक घंटा देरी से शुरू हो पाई है। उन्होंने इसकी शिकायत चुनाव आयोग को कर दी है। उन्होंने सरकार पर जानबूझकर मशीनें खराब करवाने के आरोप लगाए और कहा कि अधिकतर जगह मशीनें खराब हो रही हैं।
सेल्फी प्वाइंट बने महिलाओं और युवाओं की पसंद : मतदान के बाद सेल्फी प्वाइंट पर युवाओं एवं महिलाओं में सेल्फी लेने के प्रति काफी रुचि दिखाई दी। लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने के लिए मॉडल मतदान केंद्रों पर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए थे। आयोग ने निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे मॉडल पोलिंग स्टेशन चिह्नित कर उन्हें मतदाताओं के लिए विशेष तौर पर तैयार करें। ऐसे केंद्रों पर सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएं, ताकि मतदान के बाद मतदाता सेल्फी ले सकें। ऐसे में तोशाम के विभिन्न दो पिंक बूथों पर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए थे। युवाओं एवं महिलाओं ने मतदान के बाद खूब सेल्फी खींची।
वोटर स्लिप नहीं मिलने से मतदाता रहे परेशान : वोटर स्लिप नहीं मिलना मतदाताओं के लिए खासी परेशानी का सबब बना। ऐसे काफी मतदाता थे, जिन्होंने आरोप लगाए कि उन्हें वोटर स्लिप नहीं मिली है। मतदाता वोटर स्लिप नहीं मिलने के कारण खासी परेशानी हुई।
तोशाम में जेब में वोटर स्लिप लिए घूमते रहे बीएलओ : तोशाम के बूथ नंबर 31 के मतदाताओं को वोटर स्लिप नहीं मिलने पर काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी संख्या में वोटर स्लिप बूथ के बाहर टेबल पर डाली हुई थी। इसके अलावा अनेक मतदाताओं को सुबह 9 बजे तक स्लिप नहीं मिलने के कारण परेशानी उठानी पड़ी। मालूम हो कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सभी बीएलओ को वोटर स्लिप मतदाताओं के घर पहुंचाने के निर्देश दिए गए थे। निर्देश के बावजूद स्लिप मतदाताओं के घर तक नहीं पहुंचाने की लापरवाही देखने को मिली। एक मतदाता ने बताया कि उक्त बीएलओ 54 स्लिप जेब में लिए घूम रहा है। इस संबंध में बीएलओ से मतदान आरंभ होने के डेढ़ घंटे बाद करीब साढे़ आठ बजे संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि मैं रास्ते में हूं, आ रहा हूं।
तोशाम में भी मतदाताओं में दिखा उत्साह : विधानसभा चुनाव में मतदान को लेकर मतदाताओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मतदान केंद्रों में सुबह से ही वोट देने के लिए लंबी कतार लगी रही। भारी उत्साह के साथ मतदाताओं ने अपना जनादेश वोटिंग मशीनों में कैद कर दिया है।
मतदान शुरू होने के साथ ही मतदाताओं का पहुंचना शुरू हो गया था। कस्बे के सभी केंद्रों में तो महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं का जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी मतदान के प्रति मतदाताओं का रुझान काफी अच्छा रहा। गांवों में मतदान को लेकर काफी सजगता दिखी। खासतौर पर महिलाओं एवं युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। ग्रामीण वोट डालने मतदान केंद्रों में कतार में थे। गांवों के खेत-खलिहान खाली दिखे।
बुजुर्ग व दिव्यांग भी नहीं रहे पीछे : लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी निभाने में बुजुर्ग व दिव्यांग भी पीछे नहीं रहे। विभिन्न मतदान केंद्रों में ऐसे मतदाता दिखे, जो किसी के सहारे अपना कीमती वोट डालने पहुंचे हुए थे। ग्रामीण क्षेत्रों में कई बुजुर्ग मतदाता लाठी व अपने परिजनों की सहायता से काफी दूर तक पैदल चल कर पहुंचे हुए थे।